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    प्रमोद भार्गव

    प्रमोद भार्गव

    शिवपुरी (मध्यप्रदेश) के निवासी प्रमोद भार्गव ने हिन्दी साहित्य से स्नातकोत्तर करने के बाद सरकारी नौकरी की, लेकिन रास नहीं आने पर छोड़ दी। बाद में भी सरकारी सेवा के कई अवसर मिले, किंतु स्वतंत्र स्वभाव के चलते स्वीकार नहीं किए। प्रमोद भार्गव जी 1987 में ‘जनसत्ता’ अख़बार से पत्रकारिता से जुड़ गए। उन्होंने जिला एवं प्रदेश स्तरीय पत्रकरिता करते हुए ‘धर्मयुग’ में भी कई रपटें लिखीं। बाद में उन्होंने देशभर के समाचार-पत्रों में अग्रलेख लिखने का कार्य शुरू किया जो आजतक जारी है। वर्तमान में वे आजतक पर बतौर संवाददाता कार्यरत हैं।

    लेखन में किशोरावस्था से ही रुचि के चलते कहानी, उपन्यास, पत्रकारिता व पर्यावरण जैसे विषयों पर अनेक पुस्तकें लिखीं, जिनमें प्यास भर पानी, नौकरी (उपन्यास), शहीद बालक (बाल उपन्यास), पहचाने हुए अजनबी, शपथ-पत्र, लौटते हुए और मुक्त होती औरत (कहानी संग्रह), आम आदमी और आर्थिक विकास, भाषा और भाषाई, शिक्षा के बुनियादी सवाल, मीडिया का बदलता स्वरूप, वन्य जीवन एवं पर्यावरण संरक्षण और वन्य-प्रणियों की दुनिया आदि प्रमुख हैं। साहित्य लेखन के क्षेत्र में योगदान के लिए प्रमोद भार्गवजी को अनेक सम्मानों से सम्मानित किया गया, जिसमें चंद्रप्रकाश जायस्वाल सम्मान (2008), रतनलाल जोशी आंचलिक पत्रकारिता पुरस्कार (2009), डॉ.धर्मवीर भारती सम्मान आदि प्रमुख हैं। साथ उन्हें अनेक प्रतिष्ठित संस्थाओं ने भवभूति अलंकरण, सेवा सिंधु सम्मान, ‘टर्निंग इंडिया’ सम्मान जैसे अलंकरणों से नवाजा।

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    ब्रिटिश भौतिक वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग ने मानव अस्तित्व के खतरे से जुड़े व्यापक पर्यावरणीय परिप्रेक्ष्य में जो चेतावनी दी है, उसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। हॉकिंग ने कहा है कि मानव समुदाय इतिहास के सबसे खतरनाक समय का सामना कर रहा है। यदि जल्दी ..

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    नोटबंदी के दौर में चार लोकसभा और आठ विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजों ने भाजपा और उसके सहयोगी दलों को राहत देने का काम किया है। जिस नोटबंदी को अब तक विपक्ष एक शासक की सनक मानकर संसद को ठप करने की हद तक अड़ा हुआ है, वहीं आम मतदाता ने संदेश ..

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    भोपाल के केंद्रीय करागार से दीपावली के शोर-शराबे का लाभ उठाकर भागे आठों आतंकियों को आठ घंटे के भीतर ढेर जरूर कर दिया, लेकिन मध्यप्रदेश की जेलों की सुरक्षा पर बड़े सवाल अनायास ही उठ गए? ये सभी खुंखार आतंकी प्रतिबंधित छात्र संगठन स्टूडेंट इस्लामिक ..

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    अभी कावेरी नदी का जल-विवाद थमने भी नहीं पाया है कि महानदी के जल-बंटवारे पर विवाद खड़ा हो गया। छत्तीसगढ़ और ओडिशा राज्यों के बीच चल रहा यह विवाद भी 33 साल पुराना है। महानदी के जल-बंटवारे को लेकर पहला समझौता अविभाजित मध्यप्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री ..

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    भारतीय धर्मग्रंथों के युग परिवर्तन और बदले संदर्भों में जितनी व्याख्याएं हुई हैं, उतनी शायद दुनिया के अन्य धर्मग्रंथों की नहीं हुई हैं। इन ग्रंथों में श्रीमद् भगवद गीता सबसे अग्राणी ग्रंथ है। इसका महत्व धर्मग्रंथ के रूप में तो है ही प्रशासकीय प्रबंधन ..

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    शिवपुरी में महाभारतकालीन ऐसे 52 कुंड हैं, जो जलराशि से तो बारह माह भरे ही रहते हैं, नवग्रह मंडल की सरंचना के भी प्रतीक हैं। अब इन कुंडों में से 20 कुंड अस्तित्व में हैं, जबकि 32 कुंड लुप्त हो चुके हैं। इन सभी कुंडों का अस्तित्व तीन किलोमीटर की लंबाई ..

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    सीरिया, ईराक और लीबिया में चल रहे गृह युद्ध से पलायन करनेवाले मुस्लिमों को शरण देने में सबसे ज्यादा उदारता जर्मनी ने दिखाई थी, अब उसी जर्मनी में यही शरणार्थी भेष बदलकर आतंकी हमले कर रहे हैं। जर्मनी के आंसबाख शहर में रविवार 24 मई, 2016 को जो आत्मघाती ..

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    मजहबी कट्टरपंथ से प्रेरित होकर आतंकवाद के रास्ते पर निकले एक गुमराह युवक की मौत पर कश्मीर में मातम और समर्थन हैरानी में डालने वाला है। इससे साफ होता है कि पीडीपी और भाजपा गठबंधन की सरकार से कश्मीर में शांति बहाली की जो उम्मीद थी, उस पर पानी फिरता ..

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    सवर्ण नेतृत्व को दरकिनार कर दलित और पिछड़ा नेतृत्व दो दशक पहले इसलिए उभरा था, जिससे लंबे समय तक केंद्र व उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों की सत्ता पर काबिज रही कांग्रेस शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के जो लक्ष्य पूरे नहीं कर पाई थीं, वे पूरे हों। ..

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    श में तेजी से बदल रहे राजनीतिक परिदृश्य के परिप्रेक्ष्य में पांच राज्यों के आए चुनाव परिणामों ने साफ कर दिया है कि गठबंधन की राजनीति आगे भी चलती रहेगी। राष्ट्रीय दलों द्वारा क्षेत्रीय दलों को पराभव का रास्ता दिखाना दूर की कौड़ी ही है। दरअसल, 2014 ..

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    भारत से लूटा गया दुनिया का अद्वितीय व अकल्पनीय हीरा एक बार फिर वैध मालिकाना हक के परिप्रेक्ष्य में चर्चा में है। दरअसल, ब्रिटेन के संग्रहालय से इसके वापसी की मांग को लेकर एक जनहित याचिका ‘ऑल इंडिया ह्यूमन राइट्स एंड सोशल जस्टिस फोरम’ ने सर्वोच्च ..

    विशेष21/04/2016
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    केरल में कोल्लम के पास पुत्तिंगल देवी मंदिर परिसर में हुई त्रासदी ऐसी घटना है, जिसे मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन सचेत रहते तो टाला जा सकता था। क्योंकि मलयालम नववर्ष के उपलक्ष्य में हर वर्ष जो उत्सव होता है, उसमें बड़ी मात्रा में आतिशबाजी की जाती ..

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    अर्थव्यवस्था को गतिशील बनाए रखने की दृष्टि से यह जरूरी था कि बजट, विकास की समावेशी अवधरणा को पुष्ट करे। इस नाते यह बजट श्रेष्ठ व उपयुक्त है। कृषि, किसान, मजदूर और ग्रामीण महिलाओं की जरूरतों की अपूर्ति के उपाय जिस तरह से बजट में दिखाई दे रहे हैं, ..

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    भारतीय रेल विश्व का सबसे बड़ा व्यावसायिक प्रतिष्ठान है, लेकिन इस ढांचे को किसी भी स्तर पर विश्वस्तरीय नहीं माना जाता। इसकी सरंचना को विश्वस्तरीय बनाने की दृष्टि से कोशिशें तेज जरूर हो गई हैं। सुविधा संपन्न तेज गति की प्रीमियम और बुलेट ट्रेनों की ..

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    सड़कों पर बढ़ती दुर्घटनाओं में एक ओर तो नाबालिग बाइकर्स जिम्मेदार हैं, दूसरी और देश में बढ़ते सड़क हादसों के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों में भी तलाशे जा रहे हैं। दरअसल, देश में हरेक साल जो डेढ़ लाख लोग मारे जाते हैं और चार से पांच लाख घायल होते हैं, उनमें ..

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    देश की आजादी के लिए विदेशी धरती पर लड़ने वाली “आजाद हिंद फौज” के सेनानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत की पहेली बंद फाइलों से धूल झड़ने के बाद भी अनसुलझी ही रही। कथित हवाई दुर्घटना में नेताजी की मौत और ताशकंद में प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ..

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    पेशावर के सैनिक स्कूल के मासूमों पर हुए हमले के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि पेशावर एक बार फिर छात्रों के खून से लहूलुहान हो गया है। मजहबी गर्भ से उपजे आतंकवादियों ने पाकिस्तान की सैनिक पाठशाला में बीते साल दिसंबर में करीब डेढ़ सौ छात्रों को मौत के ..

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    हिमालय की गोद में जिस तरह से एक के बाद एक भूकंप तबाही मचा रहे हैं, उससे लगता है कि हिमालय क्षेत्र की भौगोलिक सरंचना में तनाव बढ़ रहा है। पूर्वोत्तर के राज्य मणिपुर में आया भूकंप इस कड़ी का नया उदाहरण है। भूकंप का केंद्र तमेंगलोंग जिले की सतह से 17 ..

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    केंद्र सरकार ने दस लाख रुपए या उससे अधिक वार्षिक आमदनी वाले लोगों को गैस सब्सिडी से वंचित करने का उचित फैसला लिया है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वेच्छा से गैस सब्सिडी छोड़ने का व्यापक अभियान चलाकर पहले ही इसके पक्ष में वातावरण तैयार कर ..

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    संसद के शरदकालीन सत्र के पहले दिन ही बहस की सुई ‘सेक्युलर‘ शब्द की व्याख्या पर अटक गई है। गोया, लगता है यह सत्र भी कहीं पिछले सत्र की तरह इस शब्द का अपने-अपने ढंग से अर्थ निकालने में स्वाहा न हो जाए। क्योंकि यही बहस इसी साल गणतंत्र दिवस 26 जनवरी ..

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    आईएसआईएस द्वारा फ्रांस की राजधानी पेरिस में हुए हमले के बाद ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इस बार वैश्विक परिदृश्य आतंकवाद के परिप्रेक्ष्य में बदलने को मजबूर हो रहा है। जी-20 देशों के बैठक में अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा द्वारा बेबाकी से दुनिया के मुस्लिम ..

    इस्लाम21/11/2015
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    दाल के जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ छापा डालकर नकेल कसने की कार्यवाही से जो सार्थक परिणाम निकले हैं, उससे साफ है कि बाजार में महंगी होती दालों का कारण उपज की कमी से नहीं थी। क्योंकि पांच हजार टन दालें आयात कर लिए जाने के बावजूद कीमतें ..

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    पहचान-पत्र आधार को अनिवार्य करने के मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को एक बार फिर झटका दिया है। हालांकि केंद्र को मामूली राहत भी मिली है। अब इसका उपयोग स्वैच्छिक रूप से मनरेगा, भविष्य निधि, पेंशन और जन-धन योजना में किया जा सकेगा। पीडीएस ..

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    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विस्तार की मांग जब-तब अंगड़ाई लेती रही है। किंतु यह पहली बार संभव हुआ है कि इस मांग को औपचारिक विचार-विमर्श के लिए संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने सर्व-सम्मति से मंजूर किया है।..

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    सड़क हादसों में मारे जा रहे युवाओं की दिल दहलाने वाली रिपोर्ट आई है। सड़क परिवहन और राजमार्ग द्वारा सड़क हादसों से जुड़ी 2014 की रिपोर्ट के मुताबिक 15 से 34 आयु वर्ग के 75,048 युवा 2014 में सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए हैं। युवाओं के मरने का यह आंकड़ा ..

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    पाक ने अपनी अवाम के अवचेतन में पल रहे मंसूबे ‘हंस के लिया है पाकिस्तान, लड़के लेंगे हिंदुस्तान’ को अमल में लाने की दृष्टि से मुस्लिम कौम के उन गरीब और लाचार युवाओं को इस्लाम के बहाने आतंकवादी बनाने का काम शुरू किया, जो अपने परिवार की आर्थिक बद्हाली ..

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    हमारे देश में एक बड़ी विडंबना है कि जब भी कोई विद्वान प्राचीन भारत अथवा वैदिक युग में विज्ञान की बात करता है तो उस विचार पर नए सिरे सोच की बजाय उसे खारिज करने प्रतिक्रिया ज्यादा सुनाई देने लगती है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस के मुबंई में आयोजित 102 ..

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    ऐसे बहुत कम सौभाग्यशाली होते हैं, जिन्हें एक पूरा राज्य और देश की बड़ी आबादी ‘अम्मा‘ कहकर पुकारे या ‘मां‘ मानकर पूजे। किंतु यह गंगा, सरस्वती या दुर्गा की तरह देवीतुल्य मान ली गईं मिथकों की पूजा नहीं है, बल्कि वर्तमान का यथार्थ है कि सिनेमा के पर्दे ..

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    मीडिया की समाज में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका है, क्योंकि उसके सरोकार पत्रकारिता की विस्तृत और अनन्त दंनिया जुड़े हुए हैं। इसलिए संविधान में मीडिया की स्वतंत्रता को शब्दों की आचार संहिता में परिभाशित नहीं किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 19 (1) के तहत ..

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    आखिरकार उरी हमले के बाद कूटनीतिक चाल चलते हुए पाकिस्तान ने चीन को अपने हितों के लिए ढाल बना ही लिया। चीन ने हताशा से घिरे और दुनिया से अलग-थलग पड़ गए मित्र को संजीवनी देते हुए भारत में जलापूर्ति करने वाली ब्रह्मपुत्र नदी की एक सहायक नदी जियाबुकू ..

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    यह भारत जैसे उदार व सहिष्णु देशों में ही संभव है कि आप अलगाव और देशद्रोह का खुलेआम राग अलापिए, मासूम युवाओं को भड़काइए और राज्य व राष्ट्र की संपत्ति को नुकसान पहुंचाइए, बावजूद आपका बाल भी बांका होने वाला नहीं है। पाकिस्तान के पक्ष में और भारत के ..

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    भारत का मुखर समर्थन मिलने के बाद बलूचिस्तान में पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगिट-बाल्टिस्तान में न केवल पाकिस्तान के विरुद्ध आंदोलन तेज हुए हैं, बल्कि वहां के बासिन्दे आजादी की बात भी करने लगे हैं। अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने बलूचिस्तान ..

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    गुरूग्राम बनाम गुड़गांव समेत देश के दिल्ली-मुबंई बैंगलुरु और हैदराबाद जैसे हाईटेक शहर बारिश की चपेट में हैं। आफत की बारिश के चलते डूब में आने वाले इन शहरों ने संकेत दिया है कि तकनीकि रूप से स्मार्ट सिटी बनाने से पहले शहरों में वर्षा जल के निकासी ..

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    उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की कठिन डगर पर कांग्रेस ने आखिरकार गंभीर सूझबूझ के बाद शीला दीक्षित को पार्टी के चेहरे के रूप में उतार दिया। अब उन्हीं पर कांग्रेस की डूबती नैया को किनारे लगाने की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने एक पखवाड़े के भीतर उप्र चुनाव ..

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    आर्थिक उदारीकरण के बाद दुनियाभर में कथित धर्म के उपदेशकों को मजहबी आडंबर और रूढ़िवादी कट्टरपंथ फैलाने का सुनहरा अवसर मिला है। यह इसलिए जरूरी था, जिससे बाजार को उपभोक्ताओं की एक पूरी जमात मिल सके। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने ..

    इस्लाम12/07/2016
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    इस बार योग के साथ ‘ॐ’ का दायरा भी विस्तृत हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ में योग के साथ ‘ॐ’ का उच्चारण करेंगे, वहीं बाबा रामदेव जोधपुर में सीमा सुरक्षा बल के जवानों के साथ योग कराएंगे। 190 देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है, जिनमें ..

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    पाटीदार-पटेल आरक्षण आंदोलन की आग में झुलस रही गुजरात की भाजपा सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े सवर्णों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है। जबकि आंदोलनरत इस समुदाय के लोगों की मांग थी कि अन्य पिछड़ी जातियों की सूची में पटेलों-पाटीदारों को शामिल ..

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    इस बार मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने अच्छी बारिश की उम्मीद जगाई है। यदि यह अनुमान यथार्थ के धरातल पर सटीक बैठता है तो किसानों के चेहरे तो खिलेंगे ही, देश की सकल घरेलू उत्पाद दर भी बढ़ जाएगी। देश के जीडीपी में कृषि का योगदान 15 फीसदी है और खेती-किसानी ..

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    होली एक प्राचीन त्योहार है। पौराणिक कथाओं के अनुसार मुख्य रूप से यह बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व है। भारत और चीन में इसे, इसी परिप्रेख्य में मनाने की परंपरा है। आज इस पर्व को मूल-अर्थों में मनाना ज्यादा प्रासंगिक है। क्योंकि नैतिकता-अनैतिकता ..

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    वैश्विक आर्थिक मंदी, सूखा और पीड़ित किसानों को मुआवजा देने के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार में वित्त मंत्री जयंत मलैया ने कमोवेश बेहतर बजट पेश किया है। डेढ़ लाख करोड़ के आकार के ऊपर पहुंचे इस बजट में सभी वर्गों, पक्षों और विषयों को ध्यान में रखने की कोशिश ..

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय प्राचीन ज्ञान और परंपरा को रेखांकित करते हुए इसे दुनिया के साथ बांटने की सार्थक अपील केरल के कोझिकोड में संपन्न हुए अयुर्वेद सम्मेलन में की है। क्योंकि भारत के पास प्राचीन विद्या की लिखित व मौखिक ऐसी समृद्ध विरासत ..

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    देश में स्मार्ट शहर गति पकड़ने वाले हैं। फिलहाल 20 शहरों को स्मार्ट शहर के रूप में विकसित करने का लक्ष्य सामने आ गया है। संघ शासित दिल्ली समेत 11 राज्यों से इन शहरों को चुना गया है। ये शहर नई दिल्ली, लुधियाना, जयपुर, उदयपुर, अहमदाबाद, सूरत, इंदौर, ..

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    देरी और दलाली से अभिशप्त रहे रक्षा सौदों में राजग सरकार के वजूद में आने के बाद से लगातार तेजी दिखाई दे रही है। इस स्थिति का निर्माण करना सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए जरूरी था। वरना रक्षा उपकरण खरीद के मामले में संप्रग सरकार ने तो लगभग हथियार डाल ..

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    यदि वाकई विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है तो देश में वैज्ञानिक शोध के अवसरों को न केवल आसान करने की जरूरत है, बल्कि अशिक्षित रहते हुए, जो लोग आविष्कार कर रहे हैं, उन्हें भी वैज्ञानिक मान्यता देने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ..

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    दोस्त की पीठ पर छुरा कैसे भौंका जाता है, इसकी ताजा मिसाल, पठानकोट के वायुसेना केंद्र पर हुआ आतंकी हमला है। इसके ठीक छह माह पहले पंजाब के ही गुरूदासपुर जिले के दीनानगर पुलिस थाने पर हमला हुआ था। इस हमले में पुलिस कप्तान बलजीत सिंह और तीन सिपाहियों ..

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    जलवायु परिवर्तन में नियंत्रण के लिए पेरिस में बारह दिनी जलवायु सम्मेलन शुरू हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के 195 सदस्य देश इसमें भागीदारी कर रहे हैं। इस बैठक में कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने पर वैश्विक सहमति बनने की उम्मीद इसलिए है क्योंकि अमेरिका, ..

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    सातवें वेतन आयोग की जो सिफारिशें आई हैं, उससे समाज में विभिन्न तबकों के बीच आयगत असमानता की खाई और चौड़ी होगी। इससे न केवल विकास के रास्ते में मुश्किलें खड़ी होंगी, बल्कि जो लोग क्रयशक्ति की दृष्टि से हाशिए पर हैं, उन्हें जीवनयापन में और कठिनाइयां ..

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    भाषाई साहित्यकारों द्वारा सम्मान लौटाने के क्रम में अब मार्क्सवादी विचारधारा के सांचे में ढालकर इतिहास लेखन करने वाले इतिहासकार भी शामिल हो गए हैं। यह होना ही था, क्योंकि ये लोग इतिहास और साहित्य लेखन की एक ही बौद्धिक परंपरा के निष्ठावान अनुयायी ..

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    देश की महत्वपूर्ण रेलों में ‘रेल नीर’ आपूर्ति से जुटे भ्रष्टाचार के संबंध में सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी के दौरान घोटाले में भी घोटाला सामने आया है। इस मामले में बरामद की गई 27 करोड़ की नगद धनराशि में 4 लाख रुपए के नोट जाली मिले हैं। इस मामले में ..

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    कम ही सही कालाधन वापसी का सिलसिला शुरू होना देश के लिए फलदायी खबर है। राजग सरकार द्वारा सख्ती बरतने और कालाधन उजागर करने की तारीख तय कर दिए जाने के कारण ऐसा संभव हुआ है। 30 सितंबर तक कालेधन के 638 कुबेरों ने 3770 करोड़ रुपए का खुलासा किया है। जिन ..

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    आजादी के 68 साल बाद भी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की रहस्यमायी मौत से पर्दा कोई सरकार नहीं उठा पाई। तीन जांच आयोग बैठे, बावजूद राज अपनी जगह कायम रहा। अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन 64 फाइलों को खोल दिया है, जिन्हें लेकर ये आशंकाएं प्रगट ..

    विशेष22/09/2015
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    32 साल पहले दिल्ली में हुए विश्व हिंदी सम्मेलन के बाद मध्य-प्रदेश की संस्कारधानी भोपाल में हिंदी का महाकुंभ संपन्न हो रहा है। इस कुंभ के अमृत मंथन में हिंदी को राष्ट्रीय और विश्व भाषा बनाने की दृष्टि से जो अनुसंशाएं, संकल्प के रूप में पारित होंगी, ..

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    आखिरकार पटेल समुदाय भी आरक्षण की मांग को लेकर हिंसा, आगजनी और तोड़-फोड़ की उसी राह पर चल पड़ा, जिसकी मांग करते-करते गुर्जर और जाट समुदाय के लोग चल पड़े थे।..

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    जब देश के खिलाफ लड़ाई छेड़नेवाले को ही निर्दोष साबित करने के उपाय युद्धस्तर पर होने लग जाएंगे तो भला न्याय, कानून और पुलिस की जरूरत ही कहां रह जाती है? जो नेता और अधिवक्ता आज त्वरित न्याय प्रक्रिया और फांसी पर सवाल उठा रहें हैं, उनका दल लंबे समय तक ..