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    प्रशांत पोल

    प्रशांत पोल

    प्रशांत पोल गत 24 वर्षों से अधिक टेलिकॉम रेडियो कम्युनिकेशन और नेट्वर्किंग के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वे एक संयुक्त उपक्रम वाली नेटवर्किंग कंपनी में तकनीकी प्रमुख होने के साथ ही एक बहुत बड़ी टेलिकॉम उत्पादन करनेवाली कंपनी के रिसर्च और डेवलपमेंट के भी मुख्य अधिकारी हैं।   

    व्यवसायिक दृष्टि से उन्होंने अनेक देशों में प्रवास किया है। सन 1986 से 1990 तक वे MELTRON कंपनी में रिसर्च और डेवलपमेंट के मुख्य अधिकारी भी रहे हैं। 1990-1997 तक वे न्यू इलेक्ट्रोनिक सिस्टिम में उपाध्यक्ष (tech) रहे हैं। 1997-2003 तक वे सॉफ्टलिंक  टेक्नोलॉजिस में निदेशक के पद पर रहे। 2003 के बाद वे दिशा कन्सल्टन्ट में निदेशक के पद पर कार्यरत हैं। प्रशांत पोल (Electronic and Telecommunication) में बीई किया है।  

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    हिमाचल प्रदेश के धरमशाला का मेकलोडगंज परिसर याने ‘मिनी ल्हासा’ कहलाता हैं. यहां तिब्बत की प्रतिकृति बनाने का प्रयास किया गया हैं. सन १९५९ में चीन से निर्वासित दलाई लामा जी को भारत में प्रश्रय देने के बाद उनको तथा उनके साथ के तिब्बती निर्वासितों ..

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    कल जब समाचार पत्रों में यह समाचार छपेगा, तब अधिकतम समाचार पत्र इस समाचार को शीर्षक देंगे – ‘चीन के दबाब के आगे भारत झुका..! डोलकुन इसा का वीसा रद्द..!! शीर्षक में मसाला तो हैं. लेकिन तथ्य नहीं हैं. हाँ, एक बात अवश्य हैं. डोलकुन इसा का वीसा रद्द ..

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    आज डोलकुन इसा के बारे में समाचार मिला कि भारत ने धर्मशाला में हो रहे एक सम्मलेन के लिए इन्हें वीज़ा दिया है. समाचार पढ़कर बड़ा मजा आया. हमारा देश भी कूटनीतिक चालें चल सकता हैं, यह देखकर अच्छा लगा. भाजपा सरकार के आने से पहले तक तो ऐसी चीजे हम सपने में ..

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    पिछले पांच लघु-आलेखों में चीन की बाह्य चुनौतियों की चर्चा मैंने की थी. चीन ने नेपाल से बनाए मधुर संबंधों से लेकर तो गिलगिट-बाल्टिस्तान में चीन की बढती उपस्थिति, ग्वादर, मालदीव्स, हंबन्टोटा, कॉक्स बाजार (चिटगांव) आदि स्थानों पर चीनी नौसेना के अड्डे ..

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    हंबन्टोटा यह नाम हम भारतीयों ने सुना सन २०१११ के क्रिकेट वर्ल्ड कप के समय. इस वर्ल्ड कप के २ मैच (श्रीलंका – कनाडा और पाकिस्तान – केन्या), हंबन्टोटा में खेले गए, २० और २३ फरवरी, २०११ को. तब यह नाम अचानक सामने आया था. इसके पहले हंबन्टोटा में क्रिकेट ..

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    कश्मीर को हम धरती का स्वर्ग कहते हैं. उस कश्मीर को, जो आज हमारे कब्जे में हैं. लेकिन जो कश्मीर पाकिस्तान के कब्जे में हैं, उसकी खूबसूरती और भी ज्यादा हैं. गिलगिट और बाल्टिस्तान का यह प्रदेश वास्तव में धरती का स्वर्ग हैं..!..

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    आज जिनकी आयु 50 वर्ष के आसपास हैं, ऐसे लोगों को उनके बचपन का कोलगेट का विज्ञापन याद आता होगा - ‘सुबह-सुबह आप कोयले से मंजन करते हो...?’ उस समय पश्चिम भारत में अति लोकप्रिय, नाशिक के बिटको दन्तमंजन पर यह सीधा - सीधा आक्रमण था। सत्तर के दशक में भारत ..

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    केरल का कन्नूर जिला हमेशा से मार्क्सवादी हिंसा के लिए बदनाम रहा है ! मुख्यतः राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक उनके निशाने पर रहते आए हैं ! पिछले दस वर्षों में कन्नूर में लगभग 24 राजनैतिक हत्याएं हुई हैं। ..

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    सच पूछा जाय तो मैं ज़रा चिंतित था. इस तनाव भरे जिन्दगी में मनोरंजन के क्षण, अब आगे उसी ताकत के साथ निर्माण होंगे या नहीं, यही चिंता का विषय था. दिल्ली वाले ‘केजरी बाबा’ अपनी सृजनशीलता खोते हुए दिख रहे थे. ‘राहुल बाबा’ के पप्पुगिरी के किस्से भी ..

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    चीन से निर्माण हुए खतरों पर प्रकाश डालने वाली ७ लेखों की शृंखला की यह अंतिम कड़ी हैं. प्रतिदिन एक ‘लघु आलेख’ इस विषय पर लिखने की योजना थी, जो विशेष रूप से सोशल मीडिया के लिए लिखे गए हैं. यहां बड़े आलेखों के स्थान पर छोटे आलेख पसंद किये जाते हैं, जिसमे ..

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    ११९० व्दिपों का और मात्र साढ़े चार लाख जनसंख्या का मालदीव्स यह आशिया का सबसे छोटा देश हैं. चारो तरफ से समुद्र से घिरा होने के कारण यह देश लगभग समुद्र सतह पर ही हैं. सन २००४ की सुनामी ने इस व्दीप को तबाह कर दिया था...

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    ‘ग्वादर’ यह नाम सन १९५८ के दिसंबर तक शायद ही कोई जानता था. एक उपेक्षित सा, छोटासा, सागर किनारे का गांव, ईरानी सीमा से मात्र १२० किलोमीटर दूर, जहां बलूची कबीले बसते थे. ओमानी सल्तनत इसका प्रशासन देखती थी. लेकिन यह था तो ओमान से दूर, कटा हुआ सा. स्वाभाविक ..