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    फारुख अहमद खान

    फारुख अहमद खान

    जोधपुर निवासी फारुख अहमद खान सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सदभाव के लिए कार्यरत बुद्धिजीवियों में से एक हैं। इस्लामिक देश, इस्लाम और इतिहास पर उनका गहन अध्ययन है। यही कारण है कि आतंकवाद, इस्लाम और सामाजिक विषयों पर वे बड़ी बेबाकी से अपना पक्ष रखते हैं। वर्तमान में वे मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के बौद्धिक प्रकोष्ठ के प्रभारी हैं।  

    फारुख अहमद खान राजस्थान के राजकीय प्रशासनिक सेवा के विभिन्न पदों पर - एस.डी.एम.(जोधपुर), प्रांतीय परिवहन अधिकारी (अजमेर), प्रशासक (नगर निगम, जोधपुर), उप-निरीक्षक (पंजीयन एवं मुद्रांक, जोधपुर-अजमेर), सेटलमेंट ऑफिसर/राजस्व अपील अधिकारी (सिरोही),एडिशनल डिविजनल कमिश्नर (अजमेर) तथा राजस्व अपील अधिकारी (जोधपुर), कार्यरत रहे। उन्होंने “साहस” नामक सांप्रदायिक सदभावना तथा आतंकविरोधी गैर सरकारी संगठन की स्थापना की।            

     

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    नोटबंदी से गरीब, मजदूर, मुसलमान जो रोज मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालता है उसे परेशानी हो रही है, परन्तु सरल जीवन जीनेवाला मुसलमान इस बात से खुश है कि गली-मोहल्ले में चलने वाला गुब्बा, जुआ और मटका का कारोबार खत्म हो गया है। इसके साथ ही छोटी-मोटी ..

    इस्लाम08/12/2016
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    पूरे यूरोप में कोहराम। इस सदमें से कुछ समय पश्चात् पोप अरबन सालिस की मृत्यु। सून के बिशप का यूरोप भ्रमण। ईसाई धर्म की क्षति एवं मुसलमानों द्वारा ईसाई धर्मावलियों की प्रताड़ना एवं ईसा मसीह के कथित मजार को अपवित्र करने का प्रचार/प्रसार करके ईसाई यूरोप ..

    इस्लाम09/08/2016
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    भूमध्य सागर की अथाह जलराशी भी इस मासूम को अपनी आगोश में समा लेने की शक्ति नही जुटा पाई। और मासूम एलन के शव को तुर्की के तट पर लाकर छोड दिया और छोटी-छोटी लहरें उसका सर चूमती रही।..

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    सीरिया एवं इराक में लगभग 6 करोड़ इसके अतिरिक्त अफगानिस्तान, गाजा एवं म्यांमार के लगभग 40 लाख नागरिकों को अपना घर छोड़कर शरणार्थी जीवन व्यतीत करने पर मजबूर होना पड़ा यह आकड़ें गत वर्ष से लगभग 80 लाख अधिक है।..

    इस्लाम01/07/2015
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    वर्तमान भारत की जनसंख्या लगभग 1 अरब, 25 करोड़ से अधिक है, इस जनसंख्या के अनुपात में गाय या दूधारू पशुओं की संख्या नगण्य-सी होकर रह गई है। इसके उपरान्त भी देश में दूध, दही, घी, पनीर एवं खोवा आदि की कोई कमी नहीं है। “इसलिए प्रश्न यह है कि इन सबके लिए ..

    इस्लाम24/01/2015
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    कुरान मजीद में अल्लाह ताला ने तलाक लेने का तरीका साफ-साफ बयान फरमा दिया है। अल्लाह ने औरत और मर्द की हदें मुकर्रर कर दी हैं। औरत के पाक होने (पिरियड्स) के बाद पहली बार तलाक देने/कहने के बाद 30 दिन की अवधि (इद्दत), दूसरी बार तलाक कहने पर 30 दिन की ..

    इस्लाम18/11/2016
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    मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की स्थापना वर्ष २००२ में २४ दिसंबर को हुई थी. आज यह महज संयोग ही हैं की इस्लाम के संस्थापक मोहम्मद पैगम्बर का जन्मदिन और मंच का स्थापना दिन एक ही रोज हैं. मंच के कार्यकलापों का लेखाजोखा इस निमित्त प्रस्तुत हैं...

    इस्लाम24/12/2015
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    केवल ‘महान‘ कह देने से या लिख देने से कोई ‘महान‘ नहीं हो जाता है। ‘महान‘ अथवा ‘महानता‘ का भावार्थ, ‘उत्कृष्ट, अति उत्तम, सर्वश्रेष्ठ तथा बहुत बढ़िया/शानदार, उद्देश्यपूर्ण कर्म, जिसमें व्यक्ति विशेष, स्वयं का त्याग/बलिदान/नि:स्वार्थ भाव/सहायता या ..

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    बड़े अफ़सोस की बात है कि एक खुदा, एक पैगम्बर, एक कलमा, एक किताब और एक काबा को माननेवाली कौम आज दुनिया में सबसे खराब जिन्दगी गुजारने पर मजबूर हो रही है। दुनिया के लगभग 60 देशों में रहनेवाले करीब 200 करोड़ मुसलमान में से अधिकतर अच्छी जिन्दगी की तलाश ..

    इस्लाम25/03/2015