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    लखेश्वर चंद्रवंशी ‘लखेश’

    लखेश्वर चंद्रवंशी ‘लखेश’

    दंतेश्वरी नगर सेवा बस्ती (नागपुर) निवासी ‘लखेश’ ने मेहनत मजदूरी करते हुए स्नातक की पढ़ाई पूरी की। हिंदी साहित्य में एम.ए करने के बाद 4 वर्ष संचेती पब्लिक स्कूल में अध्यापन का कार्य किया। स्कूली अध्यापन के दौरान एम.फिल (हिंदी साहित्य) और बीएड (हिंदी व इतिहास) की शिक्षा पूरी की। लेखन में रूचि के चलते महाविद्यालयीन शिक्षा के दौरान कविता, लेख, निबंध, नाटक आदि विधाओं पर लेखन शुरू रहा। विवेकानन्द केन्द्र के सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते हुए लखेश ने नागपुर सहित विदर्भ के अनेक विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा संस्थाओं में विभिन्न विषयों पर व्याख्यान देते हुए एक वक्ता के रूप में पहचान बनाई। इस दौरान नागपुर के प्रसिद्ध मराठी दैनिक ‘तरुण भारत’ के प्रकाशन संस्था ने ‘भारत वाणी’ नामक साप्ताहिक अखबार का श्री गणेश करने का निश्चय किया। वैचारिक स्पष्टता, अध्ययन, अध्यापन और लेखन कौशल के चलते लखेश को भारत वाणी का सम्पादक बनाया गया। इस दौरान वसंतराव नाईक शासकीय कला व समाज विज्ञान संस्था (मोरिस कोलेज) में हिंदी साहित्य के अंशकालीन अध्यापक के रूप में 3 वर्ष कार्य किया।

    वर्तमान में ‘लखेश’ न्यूज़ भारती (हिंदी) में बतौर सम्पादक कार्यरत हैं। लखेश ने सिख पंथ पर आधारित ‘गुरु नानक से गुरुग्रन्थ साहिब’ तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व सरसंघचालक श्री सुदर्शनजी की स्मृति में प्रकाशित महत्वपूर्ण विशेषांक ‘सु-दर्शन’ का सम्पादन किया। उन्होंने संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री रंगा हरिजी की पुस्तक ‘धर्म की अवधारणा’ और श्री मुकुल कानिटकरजी की ‘गढ़े अपना जीवन’, इन दो प्रतिष्ठित पुस्तिकाओं का भी सम्पादन का कार्य किया है।

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    इन दिनों राष्ट्र, राष्ट्रीयता और राष्ट्रवाद जैसे शब्दों का प्रयोग आम हो चला है। जबकि इन शब्दों के पीछे गहन चिंतन विद्यमान है। इसलिए ‘राष्ट्र’ शब्द का प्रयोग किस देश के लिए किया जाए इसपर भी चिंतन करना बहुत आवश्यक है। मीडिया, जिसकी पहुंच बड़े धनवानों ..

    विशेष25/01/2017
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    जयललिता दुनिया से अलविदा हो गई और इसी के साथ तमिलनाडु की सियासत में एक खालीपन आ गया है। यह इसलिए कि तमिलनाडु की दो मुख्य राजनीतिक दल जे. जयललिता की एआईएडीएमके और एम. करूणानिधि की डीएमके दोनों ही व्यक्ति केन्द्रित पार्टियां हैं। व्यक्ति केन्द्रित ..

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    कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी के द्वारा हमेशा यह भ्रामक और झूठ का प्रचार किया जाता है कि आरएसएस का भारत की स्वतंत्रता आन्दोलन में कोई भूमिका नहीं थी। संघ के खिलाफ झूठ के इस प्रचार का उत्तर इस बार विजयादशमी के कार्यक्रम में भारतीय आर्थिक सेवा के ..

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    विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी के अखिल भारतीय महासचिव भानुदास धाक्रस ने कहा कि धर्म सनातन है, कालातीत है। उसे कोई जाति, पंथ या किसी देश की सीमा बांध कर नहीं रखती। धर्म सर्वव्यापक है, वह सभी जाति और देशों में समान रूप से विद्यमान है। धर्म के प्रभाव ..

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    स्वतंत्रता सबको प्रिय है। क्योंकि स्वतंत्रता मनुष्य का स्वभाव है। यही कारण है कि वह अपनी स्वतंत्रता के लिए छटपटाता है। हमारे देश में लगभग 1000 वर्षों तक विदेशी आक्रमण होते रहे। ग्रीक, हूण, शक, यवन और मुग़ल शासन की प्रताड़ना सहते हुए अपने सांस्कृतिक ..

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    राजनीति कितनी गंदी हो चली है इसका स्पष्ट प्रमाण इस दौर में देखा जा सकता है। इस दौर में नेताओं की जितनी गंदी जुबान है, उससे कहीं ज्यादा उसपर गंदी सियासत हो रही है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ताकत बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर पार्टी के कुछ नेता ..

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    केन्दीय ऊर्जा और कोयला मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने कहा कि विवेकानन्द शिलास्मारक के निर्माता तथा विवेकानन्द केन्द्र के संस्थापक स्वर्गीय एकनाथ रानडे की जन्मभूमि ‘टिमटाला’ में आकर मैं गौरवान्वित अनुभव कर रहा हूं। गोयल ने कहा कि विवेकानन्द ..

    सुशासन28/06/2016
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    भगवान विष्णु के नवम अवतार माने-जानेवाले भगवान बुद्ध के विचार व सिद्धांत आधुनिक युग में सबसे अधिक प्रासंगिक माने जा रहे हैं। सारी दुनिया में बुद्ध के विचारों की प्रासंगिकता पर बड़े-बड़े विमर्श के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। भारत में भी भगवान बुद्ध ..

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    लोकसभा चुनाव में प्रदेश की 80 में से 73 सीटें भाजपा गठबंधन को मिली थी जबकि राज्य विधानसभा (2012) में उसके 403 विधानसभा सीटों में से केवल 47 विधायक हैं। भले ही 2014 में लोकसभा चुनावों के बाद 71 सांसदों के होने के बाद भी जितने उपचुनाव हुए उनमें अधिकांश ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत ने कहा कि हम भारत एक संपन्न, समतायुक्त और शोषणमुक्त बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देश को स्वाभिमान और सामर्थ्य संपन्न बनें और संघ चाहता है कि पूरी दुनिया भारत का नाम ले। इसके लिए हमें ..

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    यह देश का दुर्भाग्य ही है कि आज हमारे बीच ऐसे नेता खुले आम कह रहे हैं कि “गर्दन पर छूरी रख दो, तब भी नहीं बोलूंगा भारत माता की जय”। आश्चर्य इस बात पर भी होता है कि ‘भारतमाता की जय’ नहीं बोलनेवाले के समर्थन में लोग तालियां बजाते हैं। ऐसा भी नहीं ..

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    देशभर में उठे बीफ विवाद के मुद्दे को हाल करने और लोगों तक सही बात पहुंचने के लिए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) की ओर से वाराणसी के रविंद्रपुरी में “काऊ मिल्क पार्टी” का आयोजन किया गया। इस पार्टी में k और हनुमान चालीसा फेम नाजनीन अंसारी प्रमुखता ..

    इस्लाम04/02/2016
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    बैसाखी का पर्व बड़ी धूमधाम से मनाया जा रहा था। औरंगजेब के अत्याचारों को इस एक दिन के लिए भूलकर लोग खुशी से झूम रहे थे, नाच रहे थे, गा रहे थे। परंतु श्री गुरुगोविन्द सिंह इस पर्व के अवसर को गुरु भक्ति की परीक्षा के सुअवसर के रूप में बदल देना चाहते ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तृतीय सरसंघचालक श्री मधुकर दत्तात्रय देवरस उपाख्य बालासाहब देवरस ‘सामाजिक समरसता और सेवाकार्यों द्वारा सामाजिक उत्थान’ के पुरोधा के रूप में जाने जाते हैं। बाल्यकाल से जीवन के अंतिम क्षण समाज में फैले कुरीतियों, ..

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    इन दिनों कुछ साहित्यकारों, फिल्मकारों और वैज्ञानिकों द्वारा पुरस्कार लौटाने का एक फैशन सा चल पड़ा है। फैशन अच्छा है। फैशन इतना अच्छा है कि टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर खूब चल रहा है। चर्चाएं शुरू हैं। फैशन का मुद्दा बड़ा ही दिलचस्प है। फैशनवालों ..

    वेध 30/10/2015
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    वनवासी कल्याण आश्रम द्वारा नागपुर में आयोजित त्रिदिवसीय अखिल भारतीय कार्यकर्ता सम्मलेन के समापन समारोह को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडनवीस ने कहा कि इस देश के बिखरे हुए वनवासी कल्याण आश्रम ने वनवासियों के अंतःकरण में ..

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    हमारे भारतवर्ष में आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाने की परम्परा सदियों से चली आ रही है। आज भी सभी मत, पंथ और संप्रदाय में गुरु पूर्णिमा को बड़े धूमधाम से श्रद्धापूर्वक मनाया जाता है। ..

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    ‘मोहल्ला अस्सी’ फिल्म रिलीज से पहले ही विवादों के जाल में फंस गई है। सोशल मीडिया में इस फिल्म को गाली-गलौच और आस्था के साथ खिलवाड़ करनेवाली फिल्म कहकर कोसा जा रहा है। कुछ संगठनों द्वारा इसके विरोध में स्वर भी उठे हैं। पर ‘मोहल्ला अस्सी’ आस्था के ..

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    बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय बड़े चमत्कारिक ढ़ंग से विलुप्त होता जा रहा है। इतना ही नहीं यहां हिन्दुओं के गायब होने का सिलसिला अपने चरम पर पहुंचता दिखाई दे रहा है।..

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    ‘एक जीवन और एक ध्येय’ वाले तीन मित्र भगतसिंह, सुखदेव और राजगुरु, इन तीनों की मित्रता क्रांति के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है। बसंती चोला के इन दीवानों की ऐसी मित्रता थी जो जीवन के अंतिम क्षण तक साथ थी और बलिदान के बाद भी एक साथ उनका स्मरण किया जाता ..

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    मकर संक्रांति भगवान सूर्य को समर्पित भारतवर्ष का महान पर्व है। दुनियाभर में रहनेवाले लोगों के लिए सूर्य एक प्राकृतिक तत्त्व या एक महत्वपूर्ण ग्रह है, पर भारतवर्ष में सूर्य को भगवान के रूप में पूजा जाता है। भगवान इसलिए क्योंकि सूर्य ऊर्जा और प्राण ..

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    एक तरफ देश के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश और दुनिया में भारत का वर्णन “युवा देश” के रूप में कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिक्षित युवा वर्ग आधुनिकता के नाम पर नशाखोरी को अपने जीवन शैली का अंग मानने लगे हैं। ..

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    गंगा की दुर्दशा के लिए गंगा को प्रदूषित करनेवाले जितने जिम्मेदार हैं, उससे कहीं ज्यादा वे लोग भी जिम्मेदार हैं जिनपर गंगा को प्रदूषण मुक्त करने का दायित्व दिया गया था। ..

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    हाल ही में तहलका पत्रिका के संस्थापक और मुख्य सम्पादक तरुण तेजपाल पर, बेटी की उम्र की सहयोगी महिला पत्रकार ने उत्पीड़न का आरोप लगाया है। इस खबर के फैलाते ही चारों तरफ महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गहन मंथन का कार्यक्रम चल पड़ा है। कोई भारतीय परम्परा ..

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    जब भी, जहां कहीं ‘स्वदेशी’ की चर्चा होती है, तब एक नवजवान का चित्र आंखों के सामने उभर कर आता है। देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत युवा जब अपने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने के लिए तत्पर हो जाता है तब वह देश के सम्मुख एक महान आदर्श छोड़ जाता है। ..

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    लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा और विरोध का सिलसिला जारी है। ऐसा लग रहा है कि सदन हंगामा करनेवालों के लिए ही बना है। लोकसभा की माननीय अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन के तमाम समझाइश का असर मोदी सरकार के विपक्षी दलों पर दिखाई नहीं देता। पहले ‘भूमि अधिग्रहण ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने भारतीय सेना के पराक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की तथा मोदी सरकार के कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। जम्मू, लद्दाख सहित कश्मीर घाटी का ..

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    मृत्यु के साए में जन्म लेनेवाले श्री कृष्ण का जीवन हमेशा संकटों और चुनौतियों से भरा था। एक ओर कृष्ण की उपस्थिति उनके सखाओं और परिवारजनों को निर्भयता और आनंद प्रदान करता है, वहीं कंस द्वारा बालक कृष्ण को समाप्त करने की जिद्द में भेजे जानेवाले राक्षसों ..

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    भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रकवि मथिलीशरण गुप्त की लेखनी का बड़ा योगदान है। देश में राष्ट्रीय चेतना की लहर को जन मन में संचरित करने का महान कार्य उनकी लेखनी ने किया। गुप्तजी की कविताओं और उनके व्यक्तित्व से प्रभावित होकर महात्मा गांधी ने ..

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    सूर्योदय परिवार की योजनाओं का लोकार्पण तथा मानवता महाकुंभ के समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि समाज में ऐसा वातावरण तैयार हो जहां देश का किसान अपनेआप को सुरक्षित महसूस करें। ऐसा तभी ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भारत अनेक मतों, पंथों और परम्पराओं वाला देश है। हमारा देश बहुभाषी है। इसके बावजूद भी सभी देशवासी एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यह विचार करनेवाली बात है कि वह कौन सा तत्व है जो विभिन्न ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सहसरकार्यवाह दत्तात्रय होसबले ने कहा कि संघ शिक्षा वर्ग की परम्परा, इतिहास और विशेषताएं अद्भुत है। यह वर्ग समयानुसार अधिक विकसित होता गया और इस प्रशिक्षण वर्ग में स्वयंसेवक तप कर प्रशिक्षित होते हैं। होसबले ने ..

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    फुटबॉल के बाद क्रिकेट ही ऐसा खेल है जो विश्व में दिन ब दिन अधिक लोकप्रिय होता जा रहा है। इसका कारण क्रिकेट में बेहतरीन बल्लेबाजी, गेंदबाजी, क्षेत्ररक्षण और विकेट कीपिंग का रोमांच है। टेस्ट और वन डे क्रिकेट मैचों ने लोगों के बीच खूब लोकप्रियता बटोरी। ..

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    होली का पर्व है और बाल-गोपाल सहित युवा तथा बुजुर्गों में भी होली को लेकर बहुत उत्साह है। एक ऐसा समय था जब लोग इस पर्व को अधिक उत्साह व उमंग से किस प्रकार मनाया जा सकता है, इसका नियोजन होली के एक माह पूर्व ही कर लेते थे। इस अवसर पर गांव में खेल प्रतियोगिताओं ..

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    सच है कि स्वार्थ की राजनीति, ईर्ष्या और द्वेष मनुष्य को अंधा बना देती है। स्वार्थ का मद उसपर इतना हावी हो जाता है कि उसके सोचने और समझने की क्षमता क्षीण हो जाती है। देश की वर्तमान राजनीति में आज ऐसा ही वातावरण बन चुका है जहां भारत सरकार के विरुद्ध ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि हृदय की करुणा और तपस्वी जीवन यही पंडित दीनदयाल उपाध्याय का परिचय है। उनके द्वारा प्रतिपादित एकात्म-मानव दर्शन का रूप नया है, पर वह है पुराना ही। भारतीय मनीषियों के चिंतन का मूल ..

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    स्वामी विवेकानन्द भारतीय संस्कृति, परम्परा, वेदान्त, उपनिषद् और संन्यास धर्म के महान प्रतीक हैं। उन्होंने शिकागो की विश्व धर्म सम्मलेन में पाश्चात्य जगत के सामने भारत को प्रस्थापित किया। भारतीय संस्कृति, धर्म, परम्परा और इतिहास को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित ..

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    विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी की अखिल भारतीय उपाध्यक्षा सुश्री निवेदिता भिड़े ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द का विजन एकनाथजी का मिशन है। स्वामी विवेकानन्द ने सुप्त भारतीय समाज को अपनी ओजस्वी वाणी से जाग्रत करते हुए कहा था, “हे भारत, उठो! और अपनी आध्यात्मिकता ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) इस विजयादशमी को अर्थात 22 अक्टूबर, 2015 को 90 वर्ष का हो गया। संघ के इस 90 वर्ष के संगठनात्मक उपलब्धि और विस्तार की चर्चा करना इस समय बेहद प्रासंगिक है। प्रासंगिक इसलिए भी क्योंकि यह भारत ही नहीं वरन संसार की सबसे ..

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    4 जुलाई, 2015 को दिल्ली के पार्लियामेंट अनैक्सी में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के तत्त्वावधान में सम्पन्न हुए प्रथम अंतरराष्ट्रीय रोजा इफ्तयार के अवसर पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) के मार्गदर्शक एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ प्रचारक ..

    इस्लाम16/09/2015
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    कोई सपने में भी नहीं सोच सकता कि शिवशाहिर बाबासाहेब पुरंदरे जैसे महान व्यक्तित्व को “महाराष्ट्र भूषण” दिए जाने का कोई विरोध करेगा। बलवंत मोरेश्वर पुरंदरे उपाख्य बाबासाहेब पुरंदरे एक महान इतिहासविद, मराठी साहित्यिक, लेखक, नाट्यकार, निर्देशक जैसे ..

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    बाल गंगाधर तिलक यह नाम ‘लोकमान्य’ है, क्योंकि तिलक जननायक थे। जनता का उनपर अटूट विश्वास था। यह विश्वास इसलिए नहीं था कि वे बहुत धनवान थे अथवा उस समय के अंग्रेजी शासनकर्ताओं के साथ उनकी खूब बनती थी, वरन इसलिए था कि उन्होंने अंग्रजों के अत्याचारों ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के तृतीय सरसंघचालक श्री मधुकर दत्तात्रय देवरस उपाख्य बालासाहब देवरस ‘सामाजिक समरसता और सेवाकार्यों द्वारा सामाजिक उत्थान’ के पुरोधा के रूप में जाने जाते हैं। बाल्यकाल से जीवन के अंतिम क्षण समाज में फैले कुरीतियों, ..

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    ‘यमन’ आज गृहयुद्ध की भयंकर विभीषिका से धधक रहा है। इस गृहयुद्ध के चलते वहां की स्थानीय जनता के साथ ही दुनिया के अनेक देशों के लोगों का जीवन खतरे में हैं। ..

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    अमेरिकी राष्ट्राध्यक्ष बराक ओबामा द्वारा “भारत को धार्मिक आधार पर नहीं बंटने” की नसीहत देना कितना भी अच्छा क्यों न हो, पर वह हमें पीड़ा देता है।..

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    ‘कबीर पंथ’ एक ऐसा पंथ है जो सदगुरु कबीर साहब के संदेशों को समाज जीवन में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सदगुरु कबीर की साखियों और पदों के माध्यम से मानवीय जीवन मूल्यों को समाज में आचरणीय बनाना जिसका लक्ष्य है।..

    आस्था 02/01/2015
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    सत्य ही ईश्वर है। सत्य सर्वदा स्वावलंबी होता है और बल तो उसके स्वभाव में ही होता है। समाज को न्याय के पथ पर चलने की प्रेरणा देनेवाले मोहनदास करमचंद गांधी के महानता के पीछे कौनसा दर्शनशास्त्र काम कर रहा था, यह चिंतन का विषय है।..

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    भारतीय जल सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रही भारतीय नौसेना की शुरुआत वैसे तो 5 सितंबर 1612 को हुई थी, जब ईस्ट इंडिया कंपनी के युद्धपोतों का पहला बेड़ा सूरत बंदरगाह पर पहुंचा था और 1934 में 'रॉयल इंडियन नेवी' की स्थापना हुई थी, लेकिन हर साल चार ..

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    सरदार वल्लभभाई पटेल लौह-पुरुष माने जाते हैं, परन्तु उनके इस्पात से स्वभाव में कोमलता भी काफी थी। उन्होंने गांधीजी की ही नहीं; अपितु कन्हैयालाल मुन्शी जैसे मित्रों की कारावास में मां जैसी ममता से देखभाल की। जीवन ने उन्हें सुख या दुख जो भी दिया, उसे ..