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    लोकेन्द्र सिंह

    लोकेन्द्र सिंह

    तथाकथित सेकुलर पत्रकारों की जमात में लोकेन्द्र सिंह की लेखनी से राष्ट्रवाद सहज ही बहता है। कलम चलाते वक्त उनके दिमाग में कोई कन्फ्यूजन नहीं होता, उन्हें पता है कि सच्चाई का पक्ष लेना है और किसी भी शर्त पर सही बातों को बिना लाग-लपेट के कहना है। लोकेन्द्र सिंह लेखक, कवि, कहानीकार, पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में देशहित अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। दमदार लेखनी, स्पष्ट सोच, अनथक श्रम करने का माद्दा, घुमक्कड़ी और मिलनसार स्वभाव, ये कुछ गुण हैं जो लोकेन्द्र सिंह को भीड़ से अलग पहचान दिलाते हैं।

    उन्होंने दैनिक स्वदेश (ग्वालियर), नई दुनिया (जबलपुर और ग्वालियर), दैनिक भास्कर (ग्वालियर) और पत्रिका (ग्वालियर और भोपाल) में बतौर पत्रकार कार्य किया। वर्तमान में वे माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (भोपाल) में कार्यरत हैं। उनकी दो पुस्तकें चर्चित हैं,- 1) देश कठपुतलियों के हाथ में तथा 2) मैं भारत हूं (काव्य संग्रह)। वे अपने ब्लॉग “अपना पंचू” के लिए प्रसिद्ध हैं। ब्लॉग लेखन के लिए दिल्ली की सामाजिक संस्था शोभना वेलफेयर सोसायटी ने उन्हें ब्लॉग रत्न से सम्मानित किया।

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    केरल में बढ़ती हिंसा इस बात का सबूत है कि वामपंथ से बढ़कर हिंसक विचार दूसरा कोई और नहीं है। वामपंथी विचार घोर असहिष्णु है। असहिष्णुता इस कदर है कि वामपंथ को दूसरे विचार स्वीकार्य नहीं है, अपितु उसे अन्य विचारों का जीवत रहना भी बर्दाश्त नहीं है। ..

    माओवाद24/01/2017
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    समाचार माध्यमों में अपनी अस्मिता की लड़ाई लड़ रही हिंदी के लिए सुखद अवसर है कि मध्यप्रदेश के हिंदी के समाचार-पत्रों ने हिंदी के स्वाभिमान की सुध ली है। कथित सरल हिंदी और बोलचाल की भाषा के नाम पर हिंदी समाचार पत्रों में अंग्रेजी शब्दों की अवैध घुसपैठ ..

    मीडिया28/11/2016
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    लोकहित में चिंतन और मंथन भारत की परंपरा में है। भारत के इतिहास में ऐसे अनेक उदाहरण उपलब्ध हैं, जिनमें यह परंपरा दिखाई देती है। महाभारत के कुरुक्षेत्र में श्रीकृष्ण-अर्जुन संवाद से लेकर नैमिषराण्य में ज्ञान सत्र के लिए 88 हजार ऋषि-विद्वानों का एकत्र ..

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    भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में 'रामायण संग्रहालय' के निर्माण का साहसिक और सराहनीय निर्णय केन्द्र सरकार ने लिया है। वहीं, राज्य सरकार ने भी सरयू नदी के किनारे रामलीला थीम पार्क बनाने का निर्णय लिया है। राम भक्तों पर गोली चलाने वाले और खुद ..

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    तीन तलाक के मुद्दे पर सरकार का हलफनामा स्वागत योग्य है। मुस्लिम महिलाओं की सामाजिक स्थिति और उनके संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने के लिए केन्द्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दायर अपने हलफनामे में स्पष्ट कहा है कि तीन तलाक महिलाओं के साथ लैंगिग भेदभाव ..

    इस्लाम13/10/2016
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    केरल में कम्युनिस्ट पार्टी खुलकर असहिष्णुता दिखा रही है। लेकिन, असहिष्णुता की मुहिम चलाने वाले झंडाबरदार कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं। क्या उन्हें यह असहिष्णुता प्रिय है? यह तथ्य सभी के ध्यान में है कि कम्युनिस्ट विचारधारा भयंकर असहिष्णु है। यह दूसरी ..

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    यदि हम इतिहास के पन्ने पलटें तब पाएंगे कि पंडित जवाहरलाल नेहरू से लेकर राहुल गांधी तक संघ के प्रति संकीर्ण नजरिया और द्वेष कायम है। साम्यवादी विचारधारा के प्रति झुकाव रखने के कारण जवाहरलाल नेहरू संघ का विरोध करते थे। वह किसी भी प्रकार संघ को दबाना ..

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    महात्मा गांधी की हत्या के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को जिम्मेदार ठहराने के अपने बयान पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अपनी स्थिति तय नहीं कर पा रहे हैं। एक तरफ, सुप्रीम कोर्ट में दायर अपने हलफनामे में राहुल गांधी ने दावा किया है कि उन्होंने ..

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    गोरक्षा की आड़ में निंदनीय घटनाओं को अंजाम दे रहे तथाकथित गोरक्षकों के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की टिप्पणी के गहरे निहितार्थ हैं। उतावलेपन से प्रधानमंत्री के बयान की गंभीरता को समझना मुश्किल होगा। प्रधानमंत्री के बयान के महत्त्व को समझने ..

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    दलित उत्पीडऩ की घटनाएं यकीनन मानव समाज के माथे पर कलंक हैं। देश के किसी भी कोने में होने वाली दलित उत्पीडऩ की घटना सबके लिए चिंता का विषय होनी चाहिए। जिस वक्त मानव सभ्यता अपने उत्कर्ष की ओर अपने कदम बढ़ा रही है, उस समय दलित उत्पीडऩ की घटनाएं पतन ..

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    अतंरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर दुनिया ने बाँहें फैलाकर भारत के ज्ञान का सुख लिया। विश्व के 192 देशों में द्वितीय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। 21 जून को दुनियाभर में लोगों ने धरती पर माथा टेकते हुए और सूर्य को नमस्कार करते हुए भारत की तकरीबन ..

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    पाकिस्तान और बांग्लादेश में पीडि़त हिन्दुओं के हित में केन्द्र सरकार ने बेहद मानवीय फैसला लिया है। गृह मंत्रालय ने नागरिकता कानून-1955 में प्रस्तावित संशोधन का मसौदा तैयार कर लिया है। उम्मीद की जा रही है कि संसद के मानसून सत्र में भारत की नागरिकता ..

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    एक बार फिर जेएनयू चर्चा में है। यह चर्चा फिर से 'देशद्रोह' से जुड़ी है। जेएनयू के प्रोफेसरों पर आरोप है कि उन्होंने बस्तर के कई गांवों में सभाएं लेकर ग्रामीणों को सरकार का विरोध और नक्सलियों का समर्थन करने के लिए धमकाया है। हालांकि, एक-दो समाचार ..

    माओवाद23/05/2016
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    आरक्षण पर दो बयान आए हैं, जिनके गहरे निहितार्थ हैं। यह बयान हैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और सांसद चिराग पासवान के। चूंकि देश में पिछले कुछ समय से आरक्षण का मुद्दा ज्वलंत है। इसलिए दोनों बयानों पर विमर्श महत्त्वपूर्ण है। आश्चर्य की बात है ..

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    पिछले कुछ समय से आरक्षण का मुद्दा देश में गरमाया हुआ है। बीते साल अगस्त में गुजरात के पटेलों ने आरक्षण की मांग की। अभी फरवरी में हरियाणा के जाटों ने हंगामा खड़ा कर दिया। आरक्षण को लेकर दोनों समुदायों ने उग्र प्रदर्शन किया। आरक्षण की आग में पहले ..

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    स्वयं के व्यवहार में आदर्श को उतारना जितना कठिन होता है, दूसरों को उपदेश देना उतना ही आसान। दूसरों को ज्ञान देने का यह कार्य मनुष्य वर्षों से करता चला आ रहा है। वर्तमान में इस प्रवृत्ति ने अपना वृहद रूप धर लिया है। मनुष्यों के इस व्यवहार को देखकर ..

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    केरल के कन्नूर जिले में बीते सोमवार की रात को वामपंथी गुण्डों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नौजवान कार्यकर्ता की बेरहमी से हत्या कर दी। लेकिन, कहीं से प्रतिरोध की कोई आवाज नहीं आई। असहिष्णुता के नाम पर देश को बदनाम करने का षड्यंत्र रचने ..

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    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में कुछ विद्यार्थियों ने आतंकवादी अफजल गुरु और मकबूल भट्ट की याद में कार्यक्रम किया। दोनों आतंकियों को शहीद का दर्जा दिया गया। अभिव्यक्ति की आज़ादी यहीं नहीं थमी। जेएनयू परिसर में खुलेआम पाकिस्तान ज़िंदाबाद के ..

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    नेशनल हेराल्ड प्रकरण पर कांग्रेस राजनीतिक सहानुभूति बटोरने का प्रयास कर रही है। लगातार संसद में अवरोध खड़े कर रही कांग्रेस ने मंगलवार को भी इस मसले पर संसद को ही ठप कर दिया। कांग्रेस का यह कदम राजनीतिक अपराध है। भारत में कानून का शासन है और कानून ..

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    अशोक वाजपेयी आरएसएस और भाजपा की जिस विचारधारा को बांझ और अनुर्वर बता रहे हैं, उसे इस दशहरे पर 90 बरस पूरे हो गए हैं। इतने लम्बे सफर में वह फली-फूली ही है। वामपंथ की तरह सिकुड़ी-सिमटी नहीं है। संघ आज दुनिया का सबसे बड़ा सांस्कृतिक संगठन है।..

    वेध 03/11/2015
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    आपको नहीं लगता ये बयान जानबूझकर हिन्दुओं को चिढ़ाने के लिए दिए गए हैं। हिन्दुओं की भावनाओं का मजाक बनाकर कोई आखिर क्या हासिल करना चाहता है? ये बयान सांप्रदायिक सौहार्द बनाने वाले हैं या बिगाडऩे वाले? दरअसल, इस समय गाय के बहाने सब अपना लक्ष्य भेदने ..

    आस्था 20/10/2015
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    वामपंथी दल धर्मनिरपेक्षता का लबादा ओढऩे का ढोंग करते हैं। उनकी धर्मनिरपेक्षता का अर्थ है हिन्दू विरोध या फिर हिन्दुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाना। वामपंथी संगठनों और राजनीतिक दलों का इतिहास रहा है कि उन्होंने सदैव भारतीय परंपराओं का निरादर ही किया ..

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    कलाम की कीमत पर औरंगजेब का समर्थन करना पूरे मुस्लिम समाज के लिए कितना घातक है? औरंगजेब जैसे क्रूर व्यक्ति का महिमामंडन करना घोर आपत्तिजनक है। सड़क-शहर या अन्य किसी उपक्रम का नामकरण ऐसे व्यक्ति के नाम पर किया जाता है, जिसकी सामाजिक स्वीकार्यता हो।..

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    गजेन्द्र सिंह का विरोध वे लोग कर रहे हैं जिन्होंने सरेआम 'चुंबन आंदोलन' चलाया है। यह सारा विरोध केवल विचारधारा से है। यह बात किसी से छिपी नहीं है कि इस संस्थान पर लम्बे समय तक वामपंथियों का कब्जा रहा है। वामपंथियों के पेट में दर्द इसलिए भी हो रहा ..

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    कल तक पत्रकारों के सवालों पर खीज निकालनेवाले, असंवेदनशीलता का प्रदर्शन करनेवाले, माफ़ी मांगना तो दूर खेद तक प्रकट नहीं करनेवाले नेता (आशुतोष) अब रोते भी दिख रहे हैं और (केजरीवाल) माफ़ी भी मांग रहे हैं। हालांकि इस रोने में और माफ़ी मांगने में भी साफ़ ..

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    कैलेंडर और डायरी पर महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर से उत्पन्न विवाद बेवजह है। यह इसलिए, क्योंकि भारत में इस बात की कल्पना ही नहीं की जा सकती है कि किसी कागज के टुकड़े पर चित्र प्रकाशित नहीं होने से गांधीजी के व्यक्तित्व ..

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आगरा में परिवर्तन रैली को जिस अंदाज में संबोधित किया है, उसे दो तरह से देखा जा सकता है। एक, उन्होंने विपक्ष पर करारा हमला बोला है। दो, नोटबंदी पर सरकार और प्रधानमंत्री को घेरने के लिए हाथ-पैर मार रहे विपक्ष से प्रधानमंत्री ..

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    हमें स्वाधीनता जरूर 15 अगस्त, 1947 को मिल गई थी, लेकिन हम औपनिवेशिक गुलामी की बी बेड़ियां नहीं तोड़ पाए थे। अब तक हमें औपनिवेशिकता जकड़े हुए थी। पहली बार हम औपनिवेशिकता से मुक्ति की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। हम कह सकते हैं कि भारत नये सिरे से अपनी ..

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    भारत की देशभक्त जनता ने चीनी सामान के बहिष्कार का अभियान चला रखा है। यह उचित ही है। इस अभियान का भरपूर समर्थन किया जाना चाहिए। भारत के सामने लगातार चीन बाधाएं खड़ी कर रहा है। हालांकि प्रत्येक भारतीय के लिए सबसे असहनीय बात यह है कि चीन लगातार पाकिस्तान ..

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    हिंदुओं की आस्था के प्रमुख मानबिंदु सोमनाथ मंदिर को स्वर्ण से सुसज्जित किया जा रहा है। अब तक 105 किलो सोने से मंदिर के अंदरूनी हिस्से और शिखर को सजाया जा चुका है। यह सोना एक भक्त ने दान में दिया है। सरकार ने इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। ..

    आस्था 17/09/2016
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    उत्तरप्रदेश सरकार के मंत्री और मुस्लिम नेता आजम खान ने साबित कर दिया है कि उन्हें मर्यादा में रहना आता नहीं। इस बार उन्होंने अपनी बदजुबान से डॉ. भीमराव आंबेडकर का अपमान किया है। संभवत: यह उनके शिक्षण और प्रशिक्षण का दोष है कि उन्होंने एक बार फिर ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रतिवर्ष दशहरे पर पथ संचलन (परेड) निकालता है। संचलन में हजारों स्वयंसेवक एक साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते जाते हैं। संचलन में सब कदम मिलाकर चल सकें, इसके लिए संघ स्थान (जहां शाखा लगती है) पर स्वयंसेवकों को 'कदमताल' ..

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    बोफोर्स घोटाले का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर निकल आया है। देश के वरिष्ठ राजनेता और समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने बोफोर्स घोटाले के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनके बयान को आपराधिक स्वीकारोक्ति कहना अधिक उचित ..

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    राजनेताओं को यह समझना होगा कि अपने राजनीतिक नफे-नुकसान के लिए किसी व्यक्ति या संस्था पर झूठे आरोप लगाना उचित परंपरा नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी शायद यह भूल गए थे कि अब वह दौर नहीं रहा, जब नेता प्रोपोगंडा करके किसी को बदनाम ..

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    बांग्लादेश में इस्लामिक कट्टरपंथी हावी हो गए हैं। शेख हसीना सरकार भले ही दावा करे कि बांग्लादेश में इस्लामिक स्टेट और अन्य इस्लामिक आतंकी संगठनों का वजूद नहीं है लेकिन लगातार निर्दोष लोगों की हत्याएं कुछ और ही कहानी बयां करती है। बांग्लादेश में ..

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    उत्तर प्रदेश में कानून का राज खत्म-सा हो गया है। पुलिस प्रशासन मूक बना हुआ है। गुंडागर्दी चरम पर है। कैराना से करीब 346 हिन्दू परिवार आए दिन की सांप्रदायिक गुंडागर्दी से आजिज आकर पलायन कर गए, लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। सरकार की अनदेखी ..

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    भौतिक विकास के पीछे दौड़ रही दुनिया ने आज जरा ठहरकर सांस ली तो उसे अहसास हुआ कि चमक-धमक के फेर में क्या कीमत चुकाई जा रही है। आज ऐसा कोई देश नहीं है जो पर्यावरण संकट पर मंथन नहीं कर रहा हो। भारत भी चिंतित है। लेकिन, जहाँ दूसरे देश भौतिक चकाचौंध ..

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    शरद यादव और दूसरे नेताओं को दरकिनार करते हुए जदयू के अध्यक्ष बने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश बाबू आजकल बड़ा सपना देख रहे हैं। उनकी नजर 2019 में प्रधानमंत्री की कुर्सी पर है। हालांकि नीतीश कुमार कहते हैं कि प्रधानमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा, यह जनता ..

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    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में लगे 'भारत विरोधी' नारों को देश भूल भी नहीं पाया था कि श्रीनगर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) में भारत विरोधी छात्रों के तुष्टीकरण और भारत के समर्थन में तिरंगा फहरा रहे छात्रों की पिटाई का मामला सामने ..

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    देशद्रोह के आरोपी और जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष कन्हैया कुमार को छह माह की अंतरिम जमानत मिलने पर वामपंथी विचारधारा के अनुयायियों में काफी उत्साह है। कन्हैया के जेल से बाहर आने पर वामपंथियों और उसके समर्थकों ने 'होली-दीवाली' सब एकसाथ मना ली। गुरुवार ..

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    संसद का बजट सत्र शुरू होने वाला है। देश में विचार-विमर्श जारी है कि इस सत्र में बजट प्रस्तुत होने के अलावा कुछ और काम हो पाएगा या नहीं? पिछले सत्रों में जनप्रतिनिधियों का जैसा व्यवहार देखने में आया, उसके हिसाब से आशंका बलवती होती है कि संसद में ..

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    जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में देश विरोधी नारेबाजी के आरोप में छात्र संगठन के अध्यक्ष कन्हैया कुमार की गिरफ्तारी को वामपंथी नेताओं से लेकर अरविन्द केजरीवाल और राहुल गांधी गलत बता रहे हैं। वामपंथी नेताओं के पेट में दर्द क्यों उठा है? यह ..

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    पश्चिम बंगाल का जिला मालदा क्यों जला? सड़कों पर ढाई लाख लोगों की भीड़ क्यों उतरी थी? किसने संविधान और कानून की धज्जियां उड़ाईं? किसने दो दर्जन से अधिक वाहनों को आग के अवाले किया? इनमें पुलिस के वाहन भी थे। किसने अराजकता की हद तोड़कर पुलिस स्टेशन ..

    इस्लाम07/01/2016
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    लोकसभा में दो दिन असहिष्णुता पर जमकर बहस हुई। कांग्रेस और सीपीएम की मांग पर संसद में असहिष्णुता पर बहस कराई गई थी। आज से राज्यसभा में यह मुद्दा गर्माएगा। कांग्रेस और वामपंथी दल असहिष्णुता पर बहस के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्र सरकार ..

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    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने इस दशहरे (22 अक्टूबर, 2015) पर अपने नब्बे वर्ष पूरे कर लिये। डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने वर्ष 1925 में जो बीज बोया था, आज वह वटवृक्ष बन गया है। उसकी अनेक शाखाएं समाज में सब दूर फैली हुई हैं। संघ लगातार दसों दिशाओं में ..

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    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिंता जताई है कि जब भाजपा सत्ता में होती है, झूठों का समूह दुष्प्रचार में जुट जाता है। मुंबई में डॉ. भीमराव आम्बेडकर के स्मारक का शिलान्यास करते हुए उन्होंने यह चिंता 'आरक्षण विवाद' के संदर्भ में जताई है। उन्होंने कहा ..

    वेध 13/10/2015
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    उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-मुशावरत के स्वर्ण जयंती समारोह से मुसलमानों को लेकर केन्द्र सरकार को नसीहत दी है। उन्होंने कहा है कि सबका साथ-सबका विकास अच्छा, लेकिन सरकार को मुसलमानों के साथ हो रहे भेदभाव को दूर करना चाहिए।..

    इस्लाम03/09/2015
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    स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का राष्ट्र के नाम संदेश और 15 अगस्त को लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भाषण हमें सुधारात्मक और सकारात्मक दिशा में आगे बढऩे के लिए प्रेरित करता है। ..

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    सब लोग पढऩा-लिखना सीख लें, अंगूठे की जगह हस्ताक्षर करना सीख लें, केवल इतना भर शिक्षा का उद्देश्य होना चाहिए क्या? मनुष्य अपने हित-अहित के संबंध में जागरूक हो जाए, उसे इतना शिक्षित करने मात्र से काम चलेगा क्या? अच्छे-भले मनुष्य को पैसा कमाने की मशीन ..