Source: एजेंसियाँ24 May 2015 20:55:34

नई दिल्ली, मई 24 : पूर्व कांग्रेसी नेता और वर्तमान में देश के महामहिम राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपनी स्वीडन की आधिकारिक यात्रा से पहले एक अजीब-ओ-गरीब बयान देकर सभी को चौंका दिया है।

दरअसल, स्वीडन के एक मशहूर पत्रिका दागेन्स नाइहेतार (डीएन) के मुख्य संपादक पीटर वोलोदरस्की से बातचीत में कहा कि 25-26 साल पहले हुआ बोफोर्स कांड कोई घोटाला नहीं था बल्कि मीडिया ट्रायल के कारण इस मामले को तूल दिया गया। मीडिया ट्रायल यानि किसी संदिग्ध को कोर्ट द्वारा अपराधी साबित किए जाने से पहले ही मीडिया चैनल एवं समाचार पत्रिका के लोग एक धारणा बना लेते हैं और किसी को पहले ही गुनहगार की दृष्टि से दिखाने लगते हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि पहले तो इस बात को साफ समझ लेना चाहिए कि किसी अदालत में इस मामले को घोटाला साबित नहीं किया गया था। उन्होने आगे कहा कि वे खुद भी इस कांड के बाद लंबे समय तक रक्षा मंत्री थे और उनकसे सैन्य उच्चाधिकारी भी कहते थे कि यह एक सर्वश्रेष्ठ तोप है। भारतीय सेना आज भी इसे इस्तेमाल करती है। मुझे डर है कि हम इसकी पब्लिसिटी में बह गए हैं।

यह बहुचर्चित घोटाला उस समय के प्रधानमंत्री राजीव गांधी के कार्यकाल का सबसे बड़ा कांड था जिसकी जद में अमिताभ बच्चन तक आ गए थे। हालांकि, बाद में अमिताभ पर कोई भी आरोप सिद्ध नही हुए थे।

स्वीडन की इस कंपनी से तोप खरीद मामले में इटली के ओतावीओ क्वात्रोची का नाम सामने आया था जिसपर दलाली और घुस देना का आरोप था। क्वात्रोची की 2013 में मृत्यु हो चुकी है।