Source: न्यूज़ भारती हिंदी10 Sep 2015 15:56:52

आईएस के खिलाफ फतवा जारी कर भारतीय मुसलमानों ने दुनिया में यह संदेश दिया है कि वे आतंकवाद के खिलाफ हैं। यह फतवा दुनिया के लिए हिंदुस्तान का एक पैगाम भी है, जो बताता है कि यहां इस्लाम को सच्चे रूप में स्वीकार किया जाता है।

दहशतगर्द कहीं के हों, किसी भी मजहब में उनका जन्म हुआ हो, वे इंसानियत के दुश्मन होते हैं। मानवता के ऐसे हत्यारों को कोई स्वीकार नहीं कर सकता। इसलिए इराक और सीरिया समेत मध्य-पूर्व के इलाकों में ही नहीं, अफगानिस्तान-पाकिस्तान के इन खुराफातियों की जितनी भी लानत-मलामत की जाए कम ही होगी। अब इधर भारत के उलेमा और मुफ्तियों ने आईएस के खिलाफ बाकायदे फतवा जारी करके आवाज बुलंद की है। इस फतवे पर अजमेर शरीफ और दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम बुखारी समेत देशभर की एक हजार 70 मजहबी तंजीमों ने अपने दस्तखत किए हैं। इस फतवे की प्रति संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून समेत दुनिया के कई देशों को भेजी गई है।

फतवे में आईएस की कारगुजारियों को गैर-इस्लामी, गैर-इंसानी, जालिमाना और नाकाबिले-बर्दाश्त बताया गया है। यह फख्र की बात कही जाएगी कि दुनिया में भारत के मुसलमानों ने पहली बार खुले तौर पर आईएस के खिलाफ आवाज बुलंद की है। भारत दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम आबादी वाले देशों में से एक है। देश के एक हजार से अधिक उलेमाओं व मुफ्तियों ने फतवे पर दस्तखत किया है। इस फतवे की प्रतियां भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त राष्ट्र समेत दुनिया के 50 मुल्कों को भेजी गई है, जिसमें इराक व सीरिया में आईएस द्वारा महिलाओं व पुरुषों की भर्ती को निंदनीय बताया गया है। भारतीय अधिकारियों ने हाल के महीनों में बीस से ज़्यादा युवाओं को सीरिया और इराक़ जाने से रोका है जो वहां कथित तौर पर इस्लामिक स्टेट में भर्ती होना चाहते थे। फतवा जारी करने वाले उलेमा और मुफ्तियों ने आईएस द्वारा हत्या के वीडियो और तस्वीरें पोस्ट करने को गैर-इस्लामिक और शरीयत के खिलाफ बताया है।

आईएस जितनी बर्बरता कर रहा है, इतनी तो शायद ही किसी आतंकी संगठन ने की हो। दुनिया के मुसलमान भी आईएस के नाम से भयभीत रहते हैं। ऐसे में भारत के मुसलमानों का आईएस के खिलाफ फतवा जारी करने की पहल करना इस बात का संकेत देता है कि यहां के मुसलमान धार्मिक उन्माद के खिलाफ हैं। यह फतवा दुनिया के लिए हिंदुस्तान का एक पैगाम भी है, जो बताता है कि यहां इस्लाम को सच्चे रूप में स्वीकार किया जाता है। 

भारतीय मुसलमानों का आईएस के खिलाफ पहली बार इस तरह मुखर होना अनुकरणीय है। इस फतवे के माध्यम से भारतीय मुसलमानों ने दुनिया में यह संदेश दिया है कि अगर समूचे विश्व के मुसलमान इस तरह आतंकी संगठनों के खिलाफ आवाज बुलंद करें तो वे दुनिया से नेस्तनाबूत किए जा सकते हैं। भारत के मुसलमानों ने नेक फतवा जारी किया है, आतंकवाद के खिलाफ मुखर हुए हैं, दुनिया के मुसलमानों के लिए यह अच्छी नसीहत है, जिसे सभी को अपनाना चाहिए। आज दुनिया के तमाम मुल्कों में मुस्लिमों को शक की निगाहों से देखा जाता है। खासकर ईसाई देशों में तो उन पर कड़ी नजर रखी जाती है। कभी-कभी तो स्थिति अपमानजनक सी हो जाती है। निश्चित रूप से यह स्थिति चिंतनीय है।