Source: न्यूज़ भारती हिंदी07 Sep 2015 13:07:10

ये कैसे रिश्ते हैं! समाज की हाई फाई मानी जाने वाली इन्द्राणी मुखजी द्वारा अपनी बेटी शीना बोरा की हत्या से उच्चवर्गीय सोशियलाइट समूह सकते में है। एक ग्लैमरस, मीडिया प्रबंधन की दुनिया की जानी मानी हस्ती, हमेशा सुर्खियों में रहने वाली इन्द्राणी कैसे इतना कू्रर हो सकती है यह सामान्यतः किसी के गले नहीं उतर रहा है। लेकिन जो सच है उसे कौन झुठला सकता है। आरुषि हत्या में भी पहले किसी को यह विश्वास नहीं था कि उसके माता पिता यानी तलवार दंपति ने ही हत्या की होगी। पर वहां भी यही हुआ। इन्द्राणी उस पीटर मुखर्जी की पत्नी हैं जो उस समय मीडिया उद्योग के सबसे बड़े चेहरे थे जब प्रसारण व्यवसाय भारत में पनप ही रहा था। वे उस स्टार इंडिया के सीईओ थे जिसके मालिक रुपर्ट मर्डोक को आज भी मीडिया मुगल ही कहा जाता है। इन्द्राणी स्वयं आईएनएक्स टीवी समूह कंपनी की सीईओ बनीं। उसे 2008 में वॉल स्ट्रीट जर्नल के 50 टॉप महिला एंट्रोप्रेन्योर की उस सूची में जगह मिली जिसमें इंद्रा नुई और पदमा वॉरियर जैसी महिलाएं शामिल थीं। तो ऐसे उच्च समाज के लोगों से उच्च विचार, उच्च व्यवहार की भी उम्मीद की जाती है।

लेकिन हम इसमें विस्तार से जाए उसके पहले कुछ प्रश्न हैं जो हम सबको परेशान करतें है और मामले की जटिलता को बढ़ती है। इन्द्राणी की स्टार इंडिया के पूर्व सीईओ पीटर मुखर्जी से 2002 में शादी हुई। यानी 13 वर्षों से वे पति पत्नी के रुप में साथ-साथ रहे हैं। जरा कुछ प्रश्नों पर गौर करिए। आखिर इन्द्राणी अपनी ही बेटी को अपनी सौतेली बहन क्यों बताती रही? इसका कारण क्या था? पीटर क्या इतने मूर्ख हैं कि 13 वर्षों तक अपनी सौतेली बेटी को साली समझते रहे? उनका बेटा, जो कि शीना से रिलेशनशीप में था, क्या वह उसे मौसी समझता रहा? पता जब रहा है कि शीना ने उसे सच बताया और पीटर कहते हैं कि मैंने पत्नी की बात मानी। क्यों भाई? शीना का भाई मिखाइल बोरा अपनी ही बहन को मौसी क्यों कहता रहा? उसकी क्या मजबूरी थी? इन्द्राणी की माता-पिता, जहां पीटर से शादी के बाद शीना एवं मिखाइल बोरा रहने लगे, उनने कभी इस बात को किसी के सामने नहीं कहा। क्या पीटर मुखर्जी कभी अपनी पत्नी के मैके नहीं गए? अपने सास श्वसुर से नहीं मिले? इन्द्राणी का जिस पति संजीब खन्ना से तलाक हो गया वह क्यों अपनी सौतेली बेटी की हत्या में उसका साथ देने आ गया? उसके साथ इन्द्राणी का अब क्या रिश्ता था? इसमें उसका क्या स्वार्थ था? शीना का भाई कह रहा है कि उसे पता है कि उसकी बहन की हत्या हो गई है और इन्द्राणी ने ही किया है। अजीब स्थिति है उसे जानकारी है लेकिन वह आज तक उसे छिपाता क्यों रहा? उसका क्या स्वार्थ था? या केवल अपने तीसरे पति के पुत्र से उसके संबंध हो जाने भर से इन्द्राणी इतनी नाराज थी कि उसने अपने ड्राइवर और पूर्व पति के साथ गला घोंटकर कार में उसकी हत्या कर दी? फिर यह हत्या 2012 में हुई उसके बाद इन्द्राणी इंगलैंड चली गई, स्पेन गई। इतने जघन्य अपराध के बाद वह वापस क्यों आई? क्या उसे इसका भान नहीं था कि अगर भेद खुला तो उसका पूरा जीवन नष्ट हो सकता है? या वह आश्वस्त हो चुकी थी कि अब मामला सामने नहीं आएगा। या फिर उसे इस बात का गुरुर था कि उसके इतने उंचे स्तर पर संबंध हैं कि उसका बाल बांका नहीं था?

मुंबई पुलिस हालांकि कह रही है कि उसने इस हत्या की गुत्थी लगभग सुलझा ली है, पर इन सारे प्रश्नों का उत्तर अभी भविष्य की गर्त में है। सच कहा जाए तो इन प्रश्नों का उत्तर आसान नहीं है। पीटर वही टेप बजा रहे हैं कि उनको तो बिल्कुल पता नहीं था कि शीना उनकी पत्नी इन्द्राणी की बेटी है। वह उसे उसकी बहन ही मानता रहा, शीना उसे जीजू बुलाती रही और उसके नामांकन में मदद भी किया। हालांकि इस संदर्भ में दो बार उन्होंने दो बयान दिए। उनका यह भी कहना है कि उनके बेटे ने कई बार कहा कि शीना अमेरिका में नहीं है, लेकिन उन्हें विश्वास नहीं हुआ। इन्द्राणी ने तस्वीर दिखाकर बताई तो उन्हें विश्वास हो गया। लेकिन क्या उसका फोन नंबर नहीं लिया जा सकता था? उससे बात करने की कोशिश नहीं हो सकती थी? उसके नाना नानी या मिखाइल से पूछा नही जा सकता था? तो ये पूरा मामला जटिल है और व्यापक छानबीन की मांग करता है।

इन्द्राणी का जीवन कितना अजीब था जरा इसे देखिए। पहले शीना की शादी हुई सिद्धार्थ दास से जब इसकी उम्र 21 साल की थी। उसी से मिखाइल या माइकल का जन्म हुआ। सिद्धार्थ का गुहावाटी में चाय बागान है। यह स्पष्ट हो रहा है कि शीना को इन्द्राणी ने शादी के पहले ही जन्म दिया था। वह सिद्धार्थ की बेटी हो सकती है या किसी अन्य की। लेकिन भाई से उसके संबंध अच्छे थे। इसकी जानकारी उसके मायके, मिखाइल और शीना के अलावा पता नहीं किसे था या नहीं। इन्द्राणी का सबंध कोलकाता के व्यवसायी संजीव खन्ना से हुआ और उसने सिद्धार्थ को तलाक देकर उससे शादी कर ली। उसके बच्चे नाना नानी के यहां रहने लगे। नाना, ऐसा जो इन्द्राणी का अपने बाप नहीं चाचा था जिससे उसकी मां ने अपने पति को छोड़कर शादी कर ली थी।  कहा जा रहा है कि सिद्धार्थ भी उनसे संपर्क में रहता था। संजीव से भी इन्द्राणी को एक लड़की हुई जिसका नाम विधि है और वह ब्रिटेन में रहती है। संजीव खन्ना को उसके पूर्व पति के बारे में जानकारी नहीं होने की बात सामने आ रही है। उसके बाद जब उसका पीटर से अफेयर चला तो उसने संजीव को छोड़ दिया और उससे शादी कर ली। हालांकि संजीव से उसका तलाक हुआ या नहीं यह स्पष्ट नहीं है। शीना हत्या से साफ है कि संजीव उसके संपर्क में था।

तो 32 वर्ष की उम्र मे उसने तीन शादिया कीं, तीसरी शादी से पूर्व उसने तीन बच्चों को जन्म दिया। इन तीन बच्चों का क्या होगा इसकी चिंता उसे कितनी थी बताना मुश्किल है। स्टार इंडिया में एचआर कन्सल्टेंट बनकर आईं और वहीं से उनका अफेयर पीटर के साथ आरंभ हुआ, शादी हुई। दोनों का जीवन भी ठीकठाक माना जाता था। आइएक्सएन टीवी की वह सीईओ बनी। साफ कहा जा सकता है कि अति स्वच्छंद, अति महात्वाकांक्षी और उंची उड़ान की ख्वाबों वाली इस महिला ने अपने जीवन को जिस तरह जिया है उसके उदाहण मिलने मुश्किल है। उसका बेटा कह रहा है कि अगर वह मां होती तो इस तरह अननी बेटी की हत्या करती। यानी बेटा भी अपनी मां की जिन्दगी से क्षुब्ध है और उसके साथ नहीं है। हो भी कैसे सकता है। उसका प्रश्न वाजिब है। वह कह रहा है कि शीना के बाद उसका नंबर था। क्यों? पता नहीं इस महिला में संवेदनशीलता भी है या नहीं। इतनी कम उम्र में जीवन के इतने मोड़ा। आश्चर्य तो यह है कि पीटर के साथ वह 13 वर्षों तक कैसे रही? अगर उसका पूर्व पति हत्या में शामिल हो रहा है तो फिर बिना निरंतर संबंध के तो ऐसा हो नहीं सकता। लेकिन जब पीटर ने उससे शादी की तो वो स्वयं पहले से शादीशुदा थे। उनको भी इन्द्राणी में ऐसा कुछ नजर आया कि अपनी पत्नी को तलाक दे दिया।

तो यह आधुनिक जीवन प्रणाली की देन है। इसमें जो बह जाते हैं वे महत्वाकांक्षाओं सहित कई चीजों का शिकार होकर धीरे-धीरे शादी को एक अस्थायी समझौता मानकर व्यवहार करते हैं और फिर मौका मिलते ही दूसरा, तीसरा समझौता करते हैं, पर भारतीय संस्कार का जो अंश उनके अंदर होता है वह जोर मार देता ता है। इसीलिए शायद उसे अपनी बेटी का संबंध अपने सौतेले बेटे से स्वीकार नहीं हुआ। पुलिस के अनुसार हत्या का कारण अगर केवल इतना ही है तो। किंतु ऐसा लगता नहीं कि हत्या का कारण केवल इतना ही हो सकता है। इसमे धन का मामला भी दिख रहा है। यह भी संभव कि मामला तनाव में यहां तक पहुंचा हो कि शीना ने भेद खोलने तक की धमकी दे दी हो। या कुछ और भी हो जिसका अभी हम सबको पता नहीं है। जो भी हो, हम इसका सामान्यीकरण तो नहीं कर सकते, किंतु जिसे हम हाईफाई समाज मानकर नकल करते हैं या कामना करते हैं कि काश हम भी उतनी ही उंचाई पर होते उसके अंदर की सड़ांध देखकर जुगुप्सा पैदा होती है। यह मनुष्य को कई बार मनुष्यता से परे, अपने सारे रिश्तों को ग्लैमर और कैरियर की वेदी पर बलि चढ़ाने की विकृत सोच को जीवन में उतार देता है। उसके बाद जब सबंधों और मनुष्यता की सीमाएं ही नहीं रहतीं तो फिर क्या होगा क्या किया जाएगा इसके बारे में कुछ नहीं कह सकते। चमचमचाती जिन्दगी के पीछे की इस गंदगी के देखने के बाद क्या हम उनके जैसा होने या बनने की अब भी सोचेंगे?