वाराणसी, फरवरी 4 : देशभर में उठे बीफ विवाद के मुद्दे को हाल करने और लोगों तक सही बात पहुंचने के लिए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) की ओर से वाराणसी के रविंद्रपुरी में “काऊ मिल्क पार्टी” का आयोजन किया गया। इस पार्टी में k और हनुमान चालीसा फेम नाजनीन अंसारी प्रमुखता से उपस्थित थे। उन्होंने गाय का दूध पिया और गो संरक्षण का सन्देश दिया। धर्मगुरुओं के साथ ही इस पार्टी में चिकित्सकों ने भी पार्टी में भाग लेकर लेकर गाय के दूध का महत्त्व बताया और गाय के गोश्त (बीफ) खाने से होनेवाली बिमारियों से लोगों को अवगत कराया।

बीफ पार्टी देकर समाज में नफ़रत फ़ैलानेवालों और एक खास वर्ग के बच्चों को बीमार रखने की साजिश के खिलाफ मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (काशी) के संरक्षक डॉ.हेमंत गुप्ता के नेतृत्व में काऊ मिल्क पार्टी का आयोजन किया गया। सबने गाय का दूध पिया और इस दौरान दूध पर चर्चा की गई। सभी धर्मों के धर्मगुरुओं, चिकित्सकों तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गौ-हत्या को सामाजिक स्वीकृति नहीं होने की बात कही। इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद अजरुद्दीन ने सभी को गाय का दूध बांटा और गौ रक्षा की दिलवायी। “काऊ मिल्क पार्टी” एकता, भाईचारा और बीमारी से लड़ने का प्रतीक बनी जबकि बीफ पार्टी देनेवाले फसाद और बीमारी बांट रहे हैं। 

“काऊ मिल्क पार्टी” का उद्घाटन मौलाना मकसूद अहमद कादिरी ने पंडित ऋषि द्विवेदी को दूध पिलाकर किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मौलाना मकसूद अहमद कादिरी ने कहा, “गाय की गोश्त बिमारी है और गाय का दूध अमृत। किसी भी धर्मावलम्बी को ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे फितना और फसाद हो। इसलिए इस बार भोलेशाह दीवान के उर्स पर सिर्फ शाकाहारी प्रसाद बनवाया गया था क्योंकि उसमें हिन्दू और मुसलमान सभी शामिल हुए। गाय के दूध का उपयोग कर अपने बच्चों को बुद्धिमान बनाएं और गाय का गोश्त खिलाकर बीमारी न बांटें और न ही गाय काटकर फसाद फैलाएं।

मैत्री भवन के निदेशक फादर चंद्रकांत ने कहा कि जब किसी बच्चे की माँ मर जाती है तो डॉक्टर उस बच्चे के लिए गाय का दूध ही पीने की सलाह देते हैं। एक गाय अपने जीवन में अपने दूध से 24 बच्चों का पालन कर सकती है। गाय के दूध का उपयोग तभी हो पाएगा जब गाय बचेगी।

पंडित ऋषि द्विवेदी ने कहा कि अथर्ववेद के अनुसार गाय में 33 कोटि देवता विराजते हैं। दुर्भाग्य से इस इसमे माँ पर संकट है चाहे वह गौमाता हो, गंगा मैया हो, भारतमाता हो या धरती माता हो। शास्त्रों में शुक्र गृह के समाधान के लिए गोपालन बताया गया है। नौ गृहों की शांति के लिए अलग-अलग ढंग से गाय को पूजा जाता था। सनातन धरम में गाय से पवित्र और कोई नहीं है।

प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ.मोनिका गुप्ता ने बताया कि गाय का दूध मां के दूध के समान औषधियुक्त और गुणकारी है जो बच्चों में बिमारी से लड़ने की क्षमता पैदा करता है। गाय के दूध से खून की कमी नहीं होती, मस्तिष्क का विकास होता है और कैंसर जैसे रोग से लड़ने में भी सहायक होता है। एक बच्चे के विकास के लिए गाय का दूध जरुरी है।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, काशी प्रान्त के संरक्षक डॉ. हेमंत गुप्ता ने बताया कि गाय का गोश्त खाने से हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है, लीवर ख़राब होता है, बच्चों का मानसिक विकास नहीं हो पाता है। बीफ से कैंसर की संभावनाएं बढ़ती हैं, खासकर आंतों के कैसर का। प्रजनन क्षमता घट जाती है और एक असाध्य मानसिक रोग “मैड काऊ डिसीज” हो जाता है, जिससे आदमी पागल हो जाता है।

Embeded Objectमुस्लिम राष्ट्रीय मंच के राष्ट्रीय सेवा प्रमुख डॉ.राजीव श्रीवास्तव ने कहा कि भारत के बच्चों को और आनेवाली पीढ़ी को कमजोर बनाने की साजिश का हिस्सा है गौ-कशी। विदेशी ताकतों की चल है कि गाय का गोश्त खाकर लोग बीमार और कमजोर बने रहें। मुग़ल बादशाहों ने गाय की हत्या पर प्रतिबंध लगाकर हिन्दुओं की भावनाओं का ख़याल रखा और मुसलमानों को बिमारी से बचने की सलाह दी थी।

नाजनीन अंसारी ने बताया, “काऊ मिल्क पार्टी में सभी ने प्रण लिया है कि मुस्लिम महिलाओं को जागरूक किया जाएगा कि वे काऊ मिल्क का ही सेवन करें और घरों में बीफ बनना बंद हो। इस पार्टी में डॉ.राजीव श्रीवास्तव, मोहम्मद अजहरुद्दीन, रियाजुल हक, नसीम अख्तर, शबनम बीबी, नजबुन, मदीना, वारिस अली, शम्स परवीन, अंजली, नाजनीन अंसारी, नजमा परवीन, अभिनव सिंह, काशीनाथ शुक्ला, श्याम नारायण मिश्रा, सुशील कुमार, शीबा अंजुम, शाहजहां, शबनम सहित बड़ी संख्या में नागरिक सभागी हुए।