दिल्ली के गांवोंवालों ने जो शिकायत की उससे पता चला कि उन्हें अफ्रीकी नागरिकों की जीवन शैली से काफी ऐतराज है। देर रात तक संगीत सुनना, पार्टी करना और जागना। संस्कृति और व्यवहार को लेकर शिकायत सिर्फ अफ्रीकी नागरिकों से नहीं रही है, दक्षिण दिल्ली के गांवों के स्थानीय लोगों की पूर्वोत्तर के किरायेदारों से भी यही शिकायतें हैं। अगर हम सिर्फ रंग से इन मसलों को जोड़ देंगे तो सही नहीं रहेगा।

- आर.एल.फ्रांसिस

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अफ्रीकी छात्रों के एक समूह ने सरकार की ओर से बेहतर सुरक्षा का आश्वासन मिलने के बाद समुदाय के खिलाफ हमलों के विरोध में अपना प्रदर्शन मंगलवार को समाप्त कर दिया। छात्रों ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्रलय के अधिकारियों के साथ बैठक की जहां उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया। सरकारी अधिकारियों ने उनसे अनुरोध किया कि वे जंतर मंतर पर अपने नियोजित प्रदर्शन को आगे नहीं बढ़ाएं। सरकार ने अफ्रीकी नागरिकों के संबंध में बेहतर व्यवस्था मुहैया कराने का वादा किया है।

कांगो के युवक की हत्या और हैदराबाद में 23 वर्षीय नाइजीरियाई छात्र पर हमले समेत पिछले कुछ दिनों में अफ्रीकी नागरिकों पर कई हमले हुए हैं। अफ्रीकी छात्रों ने कहा कि उसे नस्लभेदी गालियां दी गई हैं। इस घटना के प्रकाश में आते ही विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने स्तर पर तुरंत सक्रियता दिखाई। हमलों के संबंध में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले दक्षिणी दिल्ली के राजपुर खुर्द क्षेत्र में अफ्रीकी नागरिकों के एक समूह ने कथित तौर पर एक कैब चालक की पिटाई कर दी। इसी इलाके में पिछले सप्ताह चार अलग अलग घटनाओं में स्थानीय नागरिकों के समूहों ने अफ्रीकी नागरिकों पर हमले किए थे। भारत में अफ्रीकी छात्रों के संघ ने एक बयान में कहा, विदेश मंत्रलय के स्थायी सचिव के साथ उचस्तरीय बैठक हुई। उन्होंने हमारी शिकायतें सुनीं और भारत में हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्धता जताई। इस बैठक में 15 अफ्रीकी देशों के नेता भी मौजूद थे।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के गांवों वालों ने जो शिकायत की उससे पता चला कि उन्हें अफ्रीकी नागरिकों की जीवन शैली से काफी ऐतराज है। देर रात तक संगीत सुनना, पार्टी करना और जागना। संस्कृति और व्यवहार को लेकर शिकायत सिर्फ अफ्रीकी नागरिकों से नहीं रही है, दक्षिण दिल्ली के गांवों के स्थानीय लोगों की पूर्वोत्तर के किरायेदारों से भी यही शिकायतें हैं। दक्षिण दिल्ली के मुनिरका में करीब 4000 पूर्वोत्तर के किरायेदार रहते हैं। अक्सर इनके साथ टकराव की घटना हो जाती है। अगर हम सिर्फ रंग से इन मसलों को जोड़ देंगे तो सही नहीं रहेगा।  

यह मामला अब विश्व स्तर पर चर्चित हो चुका है। अफ्रीकी राजदूत इकाई के साथ भी बैठक हुई जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों को कूटनीति का मार्ग अपनाने और भारत सरकार को अपने वादे पर काम करने देने की सलाह दी। वैसे भी दोनों देशों के मध्य संबंध सदियों से बेहद ही मधुर रहे हैं, इसलिए चिंता की बात नहीं है। भारत की लभगभ सवा अरब और अफ्रीकी देशों की कुल इतनी ही जनसंख्या को मिला दिया जाए तो यह समूची दुनिया की एक तिहाई आबादी होती है। भारत के साथ बेहतर सहयोग और पारस्परिक तालमेल से विकास के कुछ ऐसे नए आयाम बन सकते हैं जो दुनिया का पलड़ा अपनी ओर झुका सकते हैं। वैसे भी दक्षिण अफ्रीका के साथ भारत के बहुत घनिष्ठ और पुराने संबंध रहे हैं।

अफ्रीकी महाद्वीप राष्ट्रपिता गांधी की निर्माण भूमि रहा है। इसी तरह समूचे अफ्रीकी महाद्वीप के महानतम नेता नेल्सन मंडेला को भारत भी बड़े आदर-सम्मान के साथ बराबर याद करता है। लेकिन यह हमेशा याद रखा जाना चाहिए कि दो पक्षों के बीच घनिष्ठता और पारस्परिकता का विकास सिर्फ ठोस जमीन पर एक-दूसरे के सहयोग और मदद पर ही निर्भर होता है।