नई दिल्ली, जनवरी 10: नोटबंदी के बाद से देशभर में कालेधन को सफ़ेद करने के लिए कर चोरो ने कोई कसर नहीं छोडी। आयकर विभाग ने खुलासा किया है की विमुद्रीकरण के बाद से पूरे देश में निष्क्रिय खातों का धड़ल्ले से पैसे को बदलने के लिए किया गया। इसदौरान ऐसे खातो में लगभग 25,000 करोड़ रुपये जमा कराये गए।पीटीआई के हवाले से एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने बताया की, नोटबंदी के बाद 60 लाख से अधिक खातों में दो-दो लाख रुपये से भी अधिक रकम जमा की गयी है। इसके साथ ही अब तक नोटबंदी के बाद निष्क्रिय बैंक खातों में 25,000 करोड़ रुपये नकद जमा कराये गये।

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया की हमे मिले दस्तावेजो के मुताबिक 9 नवंबर के बाद से बैंकों में करीब 3 से 4 लाख करोड़ रुपये की अघोषित नकदी भी जमा करायी गयी है। वहीं 80,000 करोड़ के लोन की भी भुगतान किया गया है। जिसपर आयकर विभाग बैंकों में इस तरह जमा करायी गयी रकम की जांच कर रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद पूर्वोत्तर के राज्यों में बैंक खातों में करीब 10,700 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा की गई है। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय सहकारी बैंकों के विभिन्न खातों में जमा करायी गयी 16,000 करोड़ रुपये से अधिक राशि की भी जांच भी कर रहा है। उनका कहना है कि नोटबंदी के बाद करीब 80,000 करोड़ रुपये के कर्ज का भुगतान नकद राशि में किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है।

आयकर विभाग ने सभी सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की बैंकों, सहकारी बैंक, पोस्ट ऑफिस से अपने यहां जमा खातों का हिसाब मांगा था। सभी से 1 अप्रैल, 2016 से 8 नवम्बर, 2016 के बीच खातों में जमा रकम के बारे में जानकारी देने को कहा है। साथ ही इन सभी वित्तीय संस्थाओं से 9 नवम्बर से 30 दिसम्बर, 2016 के बीच सभी खातों में नकद जमा का भी हिसाब मांगा है।

इसके लिए आयकर विभाग ने बाकायदा एक प्रारुप बनाकर भेजा गया है, जिसमें सभी खातों में अब तक जमा की गई राशि और अब तक निकाली राशि का ब्यौरा देना है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2016-17 के पहले दिन यानी 1 अप्रैल, 2016 से 8 नवम्बर यानी नोटबंदी के दिन की बैंकिंग आवर्स तक कितना पैसा जमा किया गया, इसका भी ब्यौरा मांगा गया है। इसके अलावा प्रारुप में ये भी बताना होगा कि खातों में 9 नवम्बर से 30 दिसम्बर, 2016 के बीच जमा खातों में कितना नकद जमा किया गया।