नई दिल्ली, जनवरी 10: भारतीय ओलिम्पिक संघ (आईओए) ने भ्रष्‍टाचार के आरोपी सुरेश कलमाडी और अभय चौटाला को आजीवन अध्‍यक्ष बनाने का फैसला वापस ले लिया है। खेल मंत्रालय के कड़े रुख के बाद आईओए ने यह फैसला लिया है। बता दें की खेल मंत्रालय ने करोड़ों का गमन करनेवाले को ओलंपिक संघ का आजीवन अध्‍यक्ष मनोनीत करने पर आईओए की मान्‍यता समाप्‍त कर दी थी।खेल मंत्रालय ने पहले ही कलमाडी और अभय चौटाला की नियुक्तियों को अमान्‍य करार देते हुये आईओए समिति को कार्रवाई की चेतावनी दी थी।आईओए के अध्यक्ष एन.रामचंद्रन ने कहा कि अभय चौटाला और सुरेश कलमाडी को आजीवन अध्यक्ष के रूप में नहीं चुने जाने का फैसला चेन्नई की वार्षिक आम बैठक में लिया गया है।

भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा सुरेश कलमाडी और अभय चौटाला को आयोग का आजीवन अध्यक्ष बनाने का फैसला वापस लिए जाने पर खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा, खुशी है कि आईओए ने अपनी गलती सुधार ली।

इससे पहले 27 दिसम्‍बर 2016 को आईओए की आम सभा बैठक में सुरेश कलमाड़ी और अभय चौटाला दोनों को आजीवन अध्‍यक्ष नियुक्‍त करने से संबंधित एक प्रस्ताव पारित करने के बाद सरकार ने 28 दिसंबर को आईओए को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया। सरकार आईओए की ओर से मिली प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं हुयी और करोड़ों का गमन करनेवाले को ओलंपिक संघ का आजीवन अध्‍यक्ष मनोनीत करने पर मान्‍यता समाप्‍त कर दी थी।Embeded Objectमंत्रालय का मनना था की यह नियुक्ति मूल खेल संस्था आईओए की ओर से सुशासन के मानकों का गंभीर उल्लंघन है, इसलिए इस दिशा में तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने की जरूरत है क्योंकि यह राष्ट्रीय प्रतिष्ठा और जनता की भावनाओं का विषय है। कलमाड़ी पर 2010 के राष्‍ट्रमण्‍डल खेलों में भ्रष्‍टाचार के आरोप हैं और श्री चौटाला के खिलाफ आय से अधिक सम्‍पत्ति का मामला न्‍यायालय में चल रहा है।