नई दिल्ली, जनवरी 10: भारत में प्रॉपर्टी की कीमतों में सबसे ज्यादा गिरावट अक्टूबर-दिसंबर 2016 में देखी गई। बता दे कि इस गिरावट का मुख्य कारण प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिए गए विमुद्रीकरण रहा।
देश के आठ महानगरों में प्रॉपर्टी बिक्री में 44 फीसदी की ऐतिहासिक कमी देखी गई। वहीं नए रियल इस्टेट प्रोजेक्ट लॉन्च में तो 61 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। रियल इस्टेट क्षेत्र की अंर्तराष्ट्रीय संस्था नाइट फ्रैंक ने भारत के आठ महानगर दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरू, पुणे और अहमदाबाद के प्रॉपर्टी मार्केट का अध्ययन किया।

नाइट फ्रैंक ने इस शहरों के रियल इस्टेट बाजार में साल 2016 की आखिरी तिमाही यानी अक्टूबर-दिसंबर, 2016 की समयावधि में हुए कारोबार पर एक रिपोर्ट बनाई। रिपोर्ट के मुताबिक भारत में साल 2016 की आखिरी तिमाही रियल इस्टेट कारोबार के लिहाज से पिछले छह साल में सबसे खराब रही। हालात इतने बदतर हो गए कि प्रॉपर्टी बिक्री में 44 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।

वहीं नए रियल इस्टेट प्रोजेक्ट लॉन्च में तो 61 फीसदी की कमी देखी गई। भारत के रियल इस्टेट कारोबार में ऐसी मंदी पहले साल 2015 में देखी गई थी, लेकिन 2016 की आखिरी तिमाही ने उसे भी पीछे कर दिया। अब अक्टूबर-दिसंबर, 2016 का वक्त भारतीय रियल इस्टेट कारोबार में सबसे मंदा माना जाएगा।