उत्तर प्रदेश, जनवरी 10 : शिया मौलाना डॉ. कल्बे सादिक ने एक अख़बार को दिए अपने इन्टरव्यू में कहा कि हम कोई राजनेता नहीं हैं। हम देशभक्त हैं, कसम खा सकते हैं कि देश को फायदा पहुंचाने के अलावा कुछ नहीं किया। और ऐसा करके हमने कोई एहसान नहीं किया है। उन्होंने कहा कि 700 साल पहले जब मुसलमान भाई हमें अरब से निकाल रहे थे। लाखों शियाओं को मारा जा रहा था, तो इस देश (भारत) ने हमें शरण दी, तो हम कैसे गद्दारी कर सकते हैं! 

मौलाना कल्बे सादिक से पूछा गया कि उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल किस दिशा में जाता दिख रहा है, तो उन्होंने उत्तर दिया, “राजनीतिक दलों ने जनता के अहम मुद्दों को पीछे डाल दिया है। आजादी के 70 साल बाद भी शिक्षा, रोजगार, अज्ञानता, भ्रष्टाचार जैसी समस्याओं का हल नजर नही रहा। जबकि तीन तलाक, शरीयत और बाबरी मस्जिद को आगे रखा जाता है। मौलाना सादिक ने आगे कहा, “सवाल यह है कि क्या बाबरी मस्जिद सोने की बन जाएगी तो क्या सभी समस्याओं का हल हो जाएगा? क्या देश का भला हो जाएगा?”

‘दैनिक भास्कर’ को दिए अपने इन्टरव्यू में शिया मौलाना ने कहा कि, “हम इस्लाम की बात करते हैं। इस्लाम एक मूवमेंट था जो सही लोगों के हाथों में था। जब पॉलिटिकल लोगों ने कब्जा कर लिया तो मुसीबत बन गया। मजहब अच्छी बात है जबतक उस पर राजनीति करने वालों का कब्जा न हो।” मौलाना सादिक ने कहा कि मजहब को राजनीतिज्ञों से दूर रखा जाना चाहिए, यह बहुत जरूरी है। ऐसा होने पर ही बुनियादी मुद्दों पर अमल हो सकता है।

मौलाना सादिक से पूछा गया कि जनता के लिए इस समय क्या किए जाने की जरुरत है? तब उन्होने जवाब दिया, “अंधे आदमी को आप कैसे रास्ता दिखा सकते हैं? हर देशवासी को शिक्षा दें तो वह खुद रास्ता ढूंढ लेगा। गरीब आदमी भूख से लड़ेगा या देश के लिए सोचेगा। इसीलिए जरूरी है कि शिक्षा दी जाए और भ्रष्टाचार को समाप्त करें।”

मौलाना सादिक ने कहा, “जो शिकायत देश की लीडरशिप से है वही मुस्लिम लीडरशिप से भी है। शरीयत में उसूल है कि जनता और अल्लाह का मसला हो तो पहले जनता का मसला हल करो। यानी, एक तरफ मस्जिद, दूसरी तरफ गरीबों के मकान का मुद्दा है तो मकान बनाओ। लेकिन यहां, दे दनादन मस्जिद बनाओ। जनता को उलझाये रखो। भूल जाओ।”

मुस्लिम लीडरशिप के सम्बन्ध में खुलकर बोलते हुए मौलाना सादिक ने कहा कि, “मुस्लिम लीडरशिप मुसलमानों को सिर्फ इमोशनल लाइन पर लेकर चल रही है। इसी पर पाकिस्तान बन गया। आज क्या हो रहा है। उसका नाम मैंने पापिस्तान कर दिया है। इमोशन से समस्याएं पैदा होती हैं। व्यावहारिक रास्ते से समस्याओं का हल होगा।”

मुस्लिम देशों के बारे में मौलाना कल्बे सादिक ने कहा कि दक्षिण कोरिया और अफगानिस्तान एक साथ आजाद हुए थे। आज कोरिया कहां है और अफगानिस्तान कहां खड़ा है। देश चलाने के लिए आपको वैज्ञानिक शिक्षा लेनी होगी। मजहब कोई भी हो, जाहिलों के हाथ में देंगे तो अफगानिस्तान बना देंगे।