अहमदाबाद, जनवरी 11: गुजरात में गांधीनगर में आठवे वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्‍मेलन का शुभारंभ करते हुये मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की भारत में व्‍यापार को सुगम बनाने और आर्थिक सुधार जारी रखने के लिए सरकार वचनबद्ध है। प्रधानमंत्री ने भारत को वैश्विक विकास का इंजन बताते हुये कहा की भारत, दुनिया की सबसे ज्‍यादा डिजिटलीकृत अर्थव्‍यवस्‍था बनने की दहलीज पर है। प्रधानमंत्री ने गांव, गरीब और किसानों को अपनी प्राथमिकता बताया और सुशासन पर जोर दिया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा विनिर्माण के क्षेत्र में भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा देश है और भारत में विनिर्माण क्षेत्र में विकास दर नौ प्रतिशत है। दुनियाभर में आर्थिक मंदी के बावजूद भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना हुआ है और सरकार लगातार देश में आर्थिक सुधारों पर जोर दे रही है। इसलिए निवेशकों के लिए भारत एक बेहतर विकल्प है।Embeded Objectउन्होंने जीएसटी, बैंकरप्शी बिल जैसे तमाम बिलों का उल्लेख किया और बताया कि सरकार कैसे एक के बाद एक बड़े फ़ैसले लेकर देश को विकास की नई दिशा में ले जा रही है। प्रधानमंत्री ने नीति आधारित सुशासन पर बल दिया और कहा कि ई-गवर्नेंस आज के समय की ज़रूरत है। प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया पर ज़ोर देते हुए कहा कि आज भारत विनिर्मान का हब बन गया है।Embeded Objectप्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं द्वारा किए जा रहे विकास पर जोर देते हुए कहा कि उन्‍होंने कहा कि हमारा देश 80 करोड युवाओं वाला देश है। भारत के अनुशासित, समर्पित और प्रतिभाशाली युवा के पास दुनिया में सबसे ज्‍यादा कार्य दक्षता है। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्‍य से कारोबारी माहौल बनाना हमारी सर्वोच्‍च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की शक्ति जनसंख्‍या, लोकतंत्र और मांग पर निर्भर है।Embeded Objectआठवे वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा कि कार्बन गैसों के उत्‍सर्जन को कम करने में भारत की भूमिका पर कहा कि एक समय था जब हम मेगावॉट की चर्चा करने से कतराते थे लेकिन आज हम गीगावॉट की चर्चा कर रहे हैं। दुनिया जो ग्‍लोबर वार्मिंग से परेशान है, उस विश्‍व को बचाने का सपना हमने भी देखा है और हम भी 175 गीगावॉट के प्‍वाइंट-ऑफ-विज़न से विश्‍व को ग्‍लोबर वार्मिंग से बचाने के उस संकल्‍प को पूरा करने में हिन्‍दुस्‍तान अपनी नम्‍बर एक की भूमिका अदा करने के लिये कृतसंकल्‍प होकर आगे बढ रहा है।Embeded Objectविकास के प्रति अपनी सरकार के नजरिए को स्‍पष्‍ट करते हुए मोदी ने कहा कि सरकार संतुलित विकास के पक्ष में है। उन्‍होंने कहा कि हमारे विकास का एजेंडा काफी महत्‍वाकांक्षी है। उन्‍होंने कहा कि केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के विदेशी निवेश के लिए तौर तारीकों को आसान बनाने से भारत दुनिया की सबसे खुली अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से एक बन गया है।Embeded Objectहम गांव और शहर के बीच संतुलित विकास के पक्ष में हैं, हमारी नीतियों का लाभ गांव और शहर दोनों को सामन रूप से मिलना चाहियें और इसलिये हमारी योजना भी प्रायोरिटी में है। हर विकास की यात्रा का अंतिम गणित भी गांव और गरीब किसान तक पहुंचें यह हमारा प्रायोरिटी का रहने के कारण सारी नीतियों के केन्‍द्र में उन बातों को हमने बल दिया।Embeded Objectबता दें की साल 2003 में गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुये प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य को दुनिया में निवेश का बड़ा केंद्र बनाने के मकसद से वाइब्रेंट गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन की शुरुआत की थी। इस सम्मेलन में 2500 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। सम्मेलन में 25 से ज्यादा बिजनेस सेक्टर और 2000 से ज्यादा कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। इस बार गुजरात वैश्विक शिखर सम्मेलन के दौरान 20 हजार से ज्यादा समझौते होने की संभावना है। सम्मेलन में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, डेनमार्क, फ्रांस जापान, नीदरलैंड, पोलैंड, सिंगापुर, स्वीडन, यूएई और ब्रिटेन समेत 12 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं।