नई दिल्ली, जनवरी 13: सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सेना के वीडियो मामले में कहा कि जिसे भी किसी तरह की शिकायत हो वो मुझे सीधे कह सकता है। सेना अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को सेना के हर कमांड मुख्यालय में शिकायत पेटी रखने का आदेश दिया है। साथ ही कहा है की शिकायत करने वाले सैनिक की पहचान भी गुप्त रखी जाएगी। पहले अर्धसैनिक बलों के जवानों और बाद में सेना के एक जवान द्वारा विडियो के जारीए आरोप लगाए जाने के बाद यह फैसला लिया है।जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि जवानों को विडियो जारी करके अपनी बात रखने की जरूरत नहीं है। सेना प्रमुख ने कहा कि हर सैन्य मुख्यालय में अब शिकायत पेटी लगाई जाएगी। इसके जरिए जवान अपनी शिकायत पहुंचा सकते हैं। सेना प्रमुख ने आश्वासन दिया कि इस पेटी को वह खुद खोलेंगे।

बता दें कि बीते कुछ दिनों में सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों की ओर से कई शिकायती विडियो सामने आए हैं। पहले बीएसएफ, फिर सीआईएसएफ और अब सेना के एक जवान ने विडियो जारी करके उत्पीड़न की शिकायत की है। सेना के इस जवान का नाम लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह है। इसमें उन्होंने अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दखल देने की मांग की है।

वहीं देहरादून के 42 इन्फेन्ट्री ब्रिगेड में तैनात लांस नायक यज्ञ प्रताप सिंह ने विडियो में कहा है कि उन्होंने जून में प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट को लिखा था। उनकी ब्रिगेड को पीएमओ की ओर से निर्देश दिए गए कि आरोपों की जांच की जाए। सिंह के मुताबिक, मामले की जांच के बजाए अधिकारियों ने उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। इसके अलावा, उनके खिलाफ ही जांच शुरू कर दी, जिसके तहत उनका कोर्ट मार्शल भी हो सकता है।

हाल में बीएसएफ के जवान तेज बहादुर का एक विडियो वायरल हो गया था। इसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि जवानों को घटिया खाना परोसा जा रहा है और अधिकारी उनके राशन को बाजार में बेच देते हैं। वहीं, सीआरपीएफ के जवान का भी एक विडियो सामने आया है। उसका आरोप था कि एक जैसी ड्यूटी के बावजूद उनकी अनदेखी होती है और सेना के मुकाबले उन्हें बेहद कम सुविधाएं दी जाती हैं।