नई दिल्ली, जनवरी 13: प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी वाले फैसले से भ्रष्टाचार, काला धन और आतंकवाद पर लगाम तो लगी है मगर अब महंगाई में भी जबर्दस्त गिरावट दर्ज की गई है। बता दे कि गुरुवार को जारी खुदरा महंगाई के आंकड़ें में दिसंबर, 2016 में 3.41 फीसदी दर्ज की गई है जो कि वर्ष 2015 से काफी कम है।
वहीं दिसंबर, 2016 में ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर 3.83 फीसदी रही, वहीं शहरी क्षेत्रों में महंगाई दर मात्र 2.90 फीसदी रही। हालांकि, नवंबर 2016 में खुदरा महंगाई दर 3.63 फीसदी थी।

गुरुवार को केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने दिसंबर, 2016 के लिए उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) पर आधारित महंगाई दर के आंकड़े भी जारी किए। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सीएफपीआई आधारित महंगाई दर 2.06 फीसदी (अनंतिम) रही, जो दिसंबर, 2015 में 6.41 फीसदी थी।

इसी तरह शहरी क्षेत्रों के लिए सीएफपीआई आधारित महंगाई दर दिसंबर, 2016 में 0.15 फीसदी (अनंतिम) आंकी गई, जो दिसंबर, 2015 में 6.31 फीसदी थी। ये दरें नवंबर, 2016 में क्रमशः 2.79 तथा 0.75 फीसदी (अंतिम) थीं। अगर शहरी एवं ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों पर समग्र रूप से गौर करें तो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित महंगाई दर दिसंबर, 2016 में 3.41 फीसदी (अनंतिम) आंकी गई है, जो दिसंबर, 2015 में 5.61 फीसदी (अंतिम) थी।

वहीं, सीपीआई पर आधारित महंगाई दर नवंबर, 2016 में 3.63 फीसदी (अंतिम) थी। इसी तरह यदि शहरी एवं ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों पर समग्र रूप से गौर करें तो उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) पर आधारित महंगाई दर दिसंबर, 2016 में 1.37 फीसदी (अनंतिम) रही है, जो दिसंबर, 2015 में 6.40 फीसदी (अंतिम) थी। वहीं, सीएफपीआई पर आधारित महंगाई दर नवंबर, 2016 में 2.03 फीसदी (अंतिम) थी।

यानि कि अब नोटबंदी का असर बाजार पर भी दिखने लगा है। बता दे कि नोटबंदी का फैसला लेने के बाद से वित्त मंत्री अरुण जेटली और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे देश से कहा था कि इस फैसले से महंगाई भी काबू में आ जाएगी।