नई दिल्ली, जनवरी 13: केंद्रीय विधि, न्‍याय और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार ने अपाने कार्यकाल में पिछले दो दसको में सबसे जादा न्यायाधीश दिये। उन्‍होंने अवसंरचना तथा न्‍यायिक नियुक्‍तियों से जुड़े विषयों को स्‍वीकार करते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में 1999 के बाद उच्‍च न्‍यायापालिका में सबसे अधिक 126 नियुक्‍तियां हुई हैं। उन्‍होंने बताया कि उच्‍च न्‍यायालय के 131 न्‍यायाधीशों की पुष्‍टि की गई है।न्यायिक सुधार से जुड़े एक सम्मेलन में उन्होंने कहा, मैं आपसे कह सकता हूं कि प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति खेहर के साथ मिलकर हम न्यायपालिका से जुड़ी चिंताओं, शीघ्र नियुक्ति, योग्य लोगों की नियुक्ति सुनिश्चित किये जाने और न्याय देने के लिए जरूरी सुदृढ़ अवसंरचना जैसे मुद्दों के समाधान की तरफ सार्थक तरीके से आगे बढ़ सकते हैं। प्रसाद ने कहा, हमने 126 नियुक्तियां की हैं, जो 1990 के बाद से सर्वाधिक है। साथ ही उच्च न्यायालयों में 131 अतिरिक्त न्यायाधीशों को स्थायी किया गया है। मंत्री ने कहा, मौलिक कर्तव्यों के संदर्भ में न्याय प्रदान करना सुशासन का हिस्सा है। इसलिए जल्द न्याय प्रदान करना है और ऐसा ईमानदारी और जवाबदेही के साथ किया जाना है।Embeded Objectसाथ ही केंद्रीय मंत्री ने कहा सरकार के नोटबंदी के फैसले से आतंक, धन पोषण, हवाला कारोबार, सुपारी हत्‍या और मानव तस्‍करी विशेषकर नेपाल तथा पूर्वोत्‍तर की युवतियों की योन शोषण के लिए जैसी तस्‍करी की घटनाओं में कमी आई है। उन्‍होंने कहा कि सरकार टैक्‍स आधार को व्‍यापक बनाने के लिए कदम उठाने से नहीं हिचकिचाएगी। उन्‍होंने कहा कि टैक्‍स आधार बढ़ाए बिना विकास संभव नहीं है। उन्‍होंने कहा कि अरुण जेटली के पास विकास कार्यों के लिए सिर्फ पांच लाख करोड़ रुपए हैं। यह बढ़ना चाहिए।Embeded Objectरविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकारें आती-जाती रहती हैं। हमारी सरकार परिवर्तनकारी सरकार है और टैक्‍नोलॉजी उपकरण सुशासन में सक्रिय रूप में भूमिका निभा रहे हैं। आज 110 करोड़ आधार कार्ड और 104 करोड़ मोबाइल कनेक्‍शन हैं। डिजिटल गवर्नर का अर्थ तेजी से कार्य संपादित करना है और आज ग्रमीण क्षेत्रों में गरीब और अशिक्षित लोग भी नए विश्‍वास के साथ टैक्‍नोलॉजी अपना रहे हैं।