वाशिंगटन, जनवरी 13: शोधकर्ताओं ने समयपूर्व पैदा हुए बच्चो पर अध्ययन कर एक अनोखा खुलासा किया है। अमेरिका में हुये शोध के मुताबिक समय से पहले जन्मे बच्चे दूसरे बच्चो की तुलना में किसी भी चीज को जल्दी सीखने के साथ-साथ अधिक सक्रिय भी होते है। इसलिए ऐसे बच्चों में भाषा की पकड़ मजबूत होती है और वे ज्यादा तेजी से भाषा सीखते हैं।इलिनोइस के नॉर्थवेस्टर्न विश्वविद्यालय के सांद्रा वाक्समान ने कहा कि इस अध्ययन से यह शिुशुओं के जल्द अनुभव करने की भूमिका को समझने और भाषा के संपर्क व परिपक्वता स्थिति को जानने में मदद करती है। इस शोध को ऑनलाइन पत्रिका ‘डेवेलपमेंटल साइंस’ में प्रकाशीत किया गया है।

शोधकर्ताओं के दल ने स्वस्थ लेकिन समयपूर्व पैदा हुए और पूर्णकालिक प्रसव से जन्मे शिशुओं की तुलना की। दोनों तरह के बच्चे एक ही उम्र के चुने गए थे। शोधकर्ताओं ने इसकी जांच की कि ये बच्चे भाषा और चीजों का वर्गीकरण समझने में किस हद तक सक्षम हैं। नतीजों ने दिखाया कि समयपूर्व जन्मे बच्चों में यह क्षमता बेहतर थी।

Embeded Object

शोधकर्ताओं ने अपरिपक्व और पूर्ण अवधि के शिशुओं के बीच भाषा और वस्तु वर्गीकरण को आधार बनाकर विकास में लगनेवाले समय की तुलना की। जिसमे पाया गया की समय पूर्व पैदा हुए बच्चों ने भाषा और अनुभूति को लेकर जल्दी संबंध विकसित किया।

वहीं एक अलग शोध में दावा किया है की चार से पांच साल के बच्चों में सकारात्मक भावनाओं से ज्यादा जुड़ने है। इसलिए उन्होंने अपनी गलतियों की वजह से झूठ बोलने या नकारात्मक होने की बजाय गलतियों को जल्द स्वीकार करते है। दूसरी तरफ, सात से नौ साल के बच्चों में गलती के बाद झूठ बोलने और सकारात्मक इरादे के साथ गलती मान लेने की बात देखी गई।