नई दिल्ली, जनवरी 13: जमानत पर रिहा हुये सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत राय की मुश्किले बढ़ गयी है। सर्वोच्च न्यायालय ने सहारा समूह के प्रमुख को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर सहारा समूह 6 फरवरी तक सेबी को छह सौ करोड़ रुपये का भुगतान नहीं करता तो सुब्रत राय को फिर से जेल भेजा जा सकता है। इसलिए सहारा समूह 6 फरवरी तक सेबी के पास 600 करोड़ रुपए जमा कराए।सर्वोच्च न्यायालय ने सुब्रत रॉय को फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट ने आपको पैरोल इसलिए दी थी ताकि आप अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकें और अब वह पूरा हो चुका है। सर्वोच्च न्यायालय में सहारा समूह ने कहा कि नोटबंदी की वजह से वो सेबी को समय पर पैसे नहीं दे पाएगा क्योंकि नोटबंदी की वजह से रियल इस्टेट में मंदी आ गई है। मंदी की वजह से वो अपनी जमीन नहीं बेच पा रहा है।

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि सहारा समूह को पहले ही बहुत छूट मिल चुकी है। इतनी छूट किसी को नहीं मिली है। अब उसे कोई छूट नहीं मिलेगी और उसे पैसे न देने पर जेल जाना पड़ेगा। कोर्ट ने कहा कि 28 नवंबर को जब यह आदेश दिया गया था, तब भी नोटबंदी के ही हालात थे। कोर्ट ने कहा कि हम आपसे एक हजार करोड़ मांग रहे थे, लेकिन आपने ये रकम घटाकर 600 करोड़ रुपये करने का अनुरोध किया था, और जब वो भी हमने मान लिया तो उसकी जगह सिर्फ 285 करोड़ रुपये जमा कराना चाहते हैं।

साथ कोर्ट ने सवाल किया कि आपको 6 मई, 2016 को पैरोल दी गई थी तब से अब तक आपने कितने पैसे जमा किए हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि वर्ष 2012 से अब तक कोर्ट आपको बार-बार मौके देता रहा है, और कितनी ही बार सुनवाई कर चुका है।