पटना, जनवरी 15: बिहार के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) घाट पर गंगा नदी में मकर संक्रांति की शाम एक नाव के पलट जाने से 24 लोगों की डूब जाने से मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक नाव में 40 से भी ज्यादा लोग सवार थे, जो मकर संक्रांति के अवसर पर पतंग उत्सव में हिस्सा लेने के बाद दियारा इलाके से वापस लौट रहे थे। बचाव कार्य जारी है अब तक कई लोगों लापता बताए जा रहे है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने नाव हादसे पर दुख व्यक्त करते हुये मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है।पुलिस ने बताया कि दियारा से लौट रही एक नाव देर शाम एनआइटी घाट के पास गंगा नदी में डूब गई। नौका में 60 से 70 लोग सवार थे, जिसमें से कुछ लोग तैरकर बाहर निकल आए जबकि 24 की लोगों की डूबकर मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो नाव पर क्षमता से काफी ज्यादा लोगों के सवार होने से यह हादसा हुआ। नाव जैसे ही किनारे से 15 मीटर आगे बढ़ी ज्यादा वजन होने के कारण गंगा की धारा में बैठ गई।
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सुरक्षा की कोई व्यवस्था न देखकर लोग प्रशासन को कोस रहे थे। 21 मृतकों में 13 पुरुष, 4 महिलाएं और 4 बच्चे शामिल हैं, इनमें से 19 बिहार के ही निवासी हैं। मृतकों में 9 पटना जिले के रहने वाले हैं। एनडीआरएफ और एचडीआरएफ की टीम राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। सभी घायलों का पटना मेडिकल कॉलेज में इलाज कराया जा रहा है। नाव हादसे की जानकारी के बाद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भोज रद्द करने का सुझाव दिया, साथ ही उन्होंने रविवार को होने वाले अपने सभी कार्यक्रमों को भी रद्द कर दिया है।Embeded Objectप्रधानमंत्री मोदी ने नाव दुर्घटना पर शोक जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। नीतीश सरकार ने नाव हादसे के बाद मुआवजे का ऐलान भी कर दिया है। मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का ऐलान किया गया है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी केंद्र की ओर से मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये देने की घोषणा की है।Embeded Objectनाव हादसे में मारे गए मृतकों की सूची भूलन प्रजापित (देवरिया), प्रेम कुमार मुर्मू (दुमका), सोनू कुमार (बक्सर), राज कुमार (पटना), विपुल कुमार (बिहटा), मेघू साह (महेंद्रू), रूपा देवी (पंडारक), शांति देवी ( मैरवा), फुदकी (दरभंगा), लाडो (महेंद्रू), आदित्य(गोपालपुर), ज्ञान शरण (मुन्ना चक), अभिषेक श्रीवास्तव (पटना सिटी), अभिषेक कुमार (सीतामढ़ी), आरती देवी (महेंद्रू), सृजन (प. चंपारण), अनुंरजन (रोहतास), मोहम्मद दिलशाद (अररिया) और अंजलि ( लहेरिया सराय) दरभंगा की रहने वाली थी।