चेन्नई, जनवरी 15: तमिलनाडु के पारंपरिक त्योहार ‘पोंगल’ में खेले जाने वाले पशुओं का खेल जल्लीकट्टू का सुपरस्टार रजनीकांत ने समर्थन करते हुये कहा की नियम बनाकर इसे जारी रखा जा सकता है। बता दें की कुछ दिन पहले अभिनेता कमल हासन ने भी जल्लीकट्टू को जारी रखने का पक्ष लिया था।  

रजनीकांत ने कहा, सांड़ों की लड़ाई का यह खेल तमिल संस्कृति का हिस्सा है। चोट से बचने के लिए खेल के नियमन को लेकर नियम बनाए जा सकते हैं लेकिन क्या किसी संस्कृति को अस्वीकार करना सही है?  उन्होंने कहा कि यह खेल तमिल लोगों की सांस्कृतिक धरोहर है इसका संरक्षण किया जाना चाहिए।

गौरतलब है की, जल्लीकट्टू पर सर्वोच्च न्यायालय के रोक के बाद इस वर्ष ‘पोंगल’ में सांड़ों की लड़ाई का यह खेल नहीं हो सका। शनिवार को सर्वोच्च न्यायालय ने शनिवार से पहले फैसला देने के लिए दायर याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया है। जिसकी वजह से तमिलनाडु कि सियासत गरमाने लगी है।

सर्वोच्च नयायालय ने 2014 में इसे जानवरों के प्रति क्रूरता मानते हुए इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस मामले में अदालत ने यह भी कहा था कि तमिलनाडु, महाराष्ट्र या देश में कहीं भी सांढ़ों को जल्लिकट्टू में एक प्रदर्शन करने वाले पशु के रूप में या बैलगाड़ी दौड़ के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

केंद्र सरकार ने आठ जनवरी 2016 को एक अधिसूचना जारी कर जल्लीकट्टू पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया था। कई संस्थाओं ने उच्चतम न्यायालय में इस फैसले को चुनौती दी थी जिसके बाद शीर्ष अदालत ने अधिसूचना पर अंतरिम रोक लगा दी थी।