नई दिल्ली, जनवरी 16: चुनाव आयोग द्वारा पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के बाद जहा एक तरफ सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश कि सत्तारूढ़ पार्टी कि एकता चरमरा सी गयी है तो वहीं बाकी राज्यों में वरिष्ठ नेता ही नहीं बल्कि छोटे स्तर पर काम करनेवाले कार्यकर्ता भी अपने लिए बेहतर चुनावी जमीन तलाशने में जुट गए है। जैसे जैसे चुनाव कि तरीखे नजदीक आ रही है वैसे-वैसे दशको से पार्टी के साथ जुड़े बड़े नेता भी अपने दल का साथ छोड़ रहे है।महज महीनेभर बाद उत्तराखंड में चुनाव है लेकिन इससे पहले ही कांग्रेस को जोरदार झटका देते हुए कद्दावर नेता और छह बार के विधायक और दो बार प्रदेश अध्यक्ष रहे कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य ने बीजेपी का दामन थाम लिया। इसके साथ ही उनके पुत्र संजीव आर्य और पूर्व कांग्रेस विधायक केदार सिंह रावत भी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए।

बता दें कि यशपाल लंबे समय से मुख्यमंत्री हरीश रावत की कार्यशैली व उपेक्षा से नाराज चल रहे थे उन्हे मनाने के लिए पिछले कुछ दिनों से कोंग्रेसी लगे थे लेकिन वो नहीं माने। गौरतलब है कि यशपाल आर्य कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहने के साथ ही कांग्रेस का बड़ा दलित चेहरा रहे हैं। 18 मार्च को जिस वक्त कांग्रेस के 9 विधायकों ने बगावत की थी, तब यशपाल आर्य के भी भाजपा में जाने की चर्चाएं जोरों पर थी। लेकिन हवा का रुख भांपते हुए यशपाल आर्य ने अपने कदम रोक लिए थे।Embeded Objectकमल छोड़ हाथ के साथ गए पूर्व सांसद नवजोत सिंह सिद्धू के सुर ही बदल गए है। बीजेपी के पूर्व सांसद ने औपचारिक रूप से आज कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद कहा कि मैं एक कांग्रेसी के रूप में ही पैदा हुआ था। मेरे पिता ने कांग्रेस की चालीस साल सेवा की है। यहा आकर मैं जड़ों से जुड़ गया हूँ। पंजाब में ड्रग्स सच्चाई है। पंजाब की हालत इतनी खराब है कि आज इसपर फिल्में बन रही हैं, पंजाब में लोग रोज घर के बच्चों को मरता देखते हैं इसलिए मैं पंजाब में अलख जगाने आया हूं।

सिद्धू ने कहा कि ये मेरी निजी लड़ाई नहीं है। पंजाब के स्वाभिमान की लड़ाई है। पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर तंज पर कसते हुए सिद्धू ने कहा कि भाग बादल भाग, जनता आती है। बादल को कुर्सी खाली करनी होगी। सिद्धू ने कहा कि बीजेपी से मेरा कोई मनमुटाव नहीं था। अकाली दल पर निशाना असाधते हुए सिद्धू ने कहा, यह कभी पवित्र जमात था लेकिन आज एक जायदाद बन गया है। किसी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने से कुछ नहीं होगा, काम करना होगा।Embeded Objectसिद्धू ने कहा कि बीजेपी से कोई मनमुटाव नहीं था केवल बीजेपी को बादल के साथ गठबंधन पसंद था। उन्होंने मेरे बजाय उन्हें चुना। इसलिए बात खत्म। प्रधानमंत्री मोदी पर जवाब से बचते हुए सिद्धू ने कहा कि प्रधानमंत्री के बार में जनता सब जानती है। मैंने पंजाब चुना है। जो कांग्रेस हाईकमान कहेगा, वो मैं करूंगा। जहां से पार्टी कहेगी, वहीं से मैं चुनाव लड़ूंगा। इन लोगो ने अन्न दाता को भिखारी बना दिया है।

वहीं उत्तर प्रदेश में समाजवादी के राष्ट्रीय महासचिव रहे बुलंदशहर के अशोक प्रधान के फिर से भारतीय जनता पार्टी में वापसी के बाद समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी महेंद्र अरिदमन सिंह के साथ ही उनकी पत्नी पक्षालिका सिंह ने दो दिन पहले भाजपा का दामन थामा है। खबर है कि समाजवादी पार्टी के करीब एक दर्जन विधायक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य के संपर्क में हैं। बता दें कि भारतीय जनता पार्टी विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रत्याशी घोषित करने की तैयारी में है इसलिए माना जा रहा है कि आने वाले समय में विभिन्न दलों के कई शीर्ष नेता बीजेपी के साथ आ सकते है।