लखनऊ, जनवरी 16: समाजवादी पार्टी (सपा) में फूट अब किसी से छुपी नहीं है। पूरा सपा परिवार अब दों धड़ों में बट चुका है। देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश कि सत्तारूढ़ पार्टी का चुनावी भविष्य फिलहाल अधर में लग रहा है। वहीं पिता मुलायम और पुत्र अखिलेश के बीच विवाद भी शांत नहीं हो रहा। पार्टी मुख्यालय से सोमवार को कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुलायम ने कहा कि अखिलेश राम गोपाल के इशारे पर काम कर रहे है। इसदौरान मुलायम कई बार भावुक भी हुए।मुलायम सिंह ने कहा कि, मेरा बेटा दूसरे के हाथों में खेल रहा है, वह राम गोपाल के इशारे पर काम कर रहा है। मैंने खुद अखिलेश को कई बार बुलाया लेकिन नहीं आये, जब बीबी बच्चों की कसम दी तो वह मिलने आया और एक मिनट मिलकर चला गया। अखिलेश मेरी बात नहीं सुन रहे हैं। कार्यकर्ताओं के मुताबिक मुलायम ने कहा कि यदि अखिलेश नहीं मानें तो उनके खिलाफ चुनाव लडूंगा। मुलायम ने कार्यकर्ताओं से एक बार फिर अपील करते हुए कहा कि, सभी कार्यकर्ता मेरा साथ दें।

मुलायम ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कई फैसलों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने नारद राय, ओमप्रकाश सिंह और अम्बिका चौधरी जैसे वरिष्ठ नेताओं को मंत्री पद से निकाल दिया। महिला मंत्री को भी बाहर कर दिया गया। इन नेताओं की आखिर क्या गलती थी? उन्होंने कहा कि बलराम को बिना गलती के बाहर किया गया। मैने जबरदस्ती मंत्री बनवाया। इससे पहले मुलायम सिंह यादव ने अपने आवास पर शिवपाल सिंह यादव के साथ करीब पांच मिनट तक मुलाकात की। शिवपाल उनसे मिलने पहुंचे थे।

वहीं उत्‍तर प्रदेश में सात चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव की अधिसूचना कल जारी की जानी है, इसलिए उम्‍मीद की जा रही है कि निर्वाचन आयोग आज चुनाव चिन्‍ह के मुददे पर कोई फैसला सुना देगा। निर्वाचन आयोग ने दोनों पक्षों की बात शुक्रवार को सुनी थी। अखिलेश यादव की तरफ से तर्क देते हुए वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता कपिल सिब्‍बल ने कहा कि मुख्‍यमंत्री के पास पार्टी सांसदों, विधायकों, विधान पार्षदों और कार्यकर्ताओं की बहुमत है। दूसरी ओर मुलायम सिंह यादव की तरफ से पूर्व सोलिसिटर परासरन ने कहा कि पार्टी में कोई विभाजन नहीं है और चुनाव चिन्‍ह उनके पास रहना चाहिए। उन्‍होंने अखिलेश गुट द्वारा बुलाया गया पार्टी सम्‍मेलन को पार्टी संविधान के खिलाफ बताया।