नई दिल्ली, जनवरी 16: उत्पाद विनिर्माण के दाम बढ़ने और खाद्य वस्तुओं की कीमत कम होने के परिणाम स्वरूप लगातार तीन महीने से जारी थोक महंगाई दर में गिरावट का सिलसिला दिसंबर माह में टूट गया। थोक महंगाई दर दिसंबर 2016 में बढ़कर तीन दशमलव तीन-नौ प्रतिशत पर आ गई।

जानकारों कि माने तो विनिर्माण वस्‍तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद महंगाई की दर में यह इजाफा दर्ज किया गया। हालांकि इस दौरान खाद्य पदार्थों की कीमतें निचले स्‍तर पर बनी रही। थोक मूल्‍य सूचकांक स्थित महंगाई दर पिछले साल नवंबर में तीन दशमलव एक-पांच प्रतिशत थी जबकि दिसंबर 2015 में यह शून्‍य से नीचे एक दशमलव शून्‍य-छह फीसदी थी।

दिसंबर में सब्जियों के थोक दाम एक साल पहले इसी माह की तुलना में 33.11 प्रतिशत कम थे। यह गिरावट खास कर प्याज के दामों में भारी कमी के चलते हुई है। मासिक थोक मूल्‍य सूचकांक (डब्‍ल्‍यूपीआई) पर आधारित मुद्रास्‍फीति की वार्षिक दर के मुताबिक इस दौरान सब्जियों की कीमतें 33 फीसदी घटी है।

वाणिज्‍य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार दिसम्‍बर 2016 में थोक खाद्य महंगाई दर शून्‍य से नीचे दशमलव सात फीसदी पर आ गई जबकि नवंबर में यह एक दशमलव पांच-चार प्रतिशत थी। लेकिन विनिर्मित वस्‍तुओं की महंगाई दर में दिसम्‍बर में तीन दशमलव छह-सात फीसदी का इजाफा हुआ जबकि नवम्‍बर में यह तीन दशमलव दो फीसदी थी।