पटना, जनवरी 17: नितीश कुमार ने शराब से बिहार को पूरी तरह से मुक्ति दिलाने के लिए मंगलवार को बड़ा फैसला लिया है। आज मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुयी मंत्रीमंडल की बैठक बिहार में चल रही सभी 21 फैक्ट्रियों को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया गया।बिहार में शराब के सेवन के साथ-साथ, शराब की बोतल रखने पर भी पाबंदी है। नये शराब बंदी कानून में सभी अपराधों को गैर जमानती किया गया है। दोषी पाये जाने पर कम से कम दस साल और अधिकतम आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है, इसके अलावा एक लाख रूपये का आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा जिसे बढ़ाकर दस लाख तक भी किया जा सकता है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि अगर देश को आगे जाना है तो नशा से मुक्त होना होगा। चीन अफीम छोड़कर आज आगे बढ़ गया है। उन्होंने कहा था कि सब लोगों को सोचना एवं समझना होगा। शराबबंदी के फाड़े गिनते हुये उन्होने कहा था की, शराबबंदी के बाद बिहार में अपराध के आकड़ों में कमी आयी है। हत्या में 24 प्रतिषत, डकैती में 26 प्रतिशत, लूट में 16 प्रतिशत, फिरौती एवं अपहरण में 48 प्रतिशत, दंगा में 37 प्रतिशत, सड़क दुर्घटना में 19 प्रतिशत की कमी आयी है।

उन्होंने कहा था कि विरोधी हम पर यह आरोप लगाते थे कि शराबबंदी से सरकार का पाच हजार करोड़ रूपये का राजस्व का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि हमने शराबबंदी लोगों की भलाई को सोचकर लागू किया। अगर सरकार का पाच हजार करोड़ रूपये के राजस्व का नुकसान हुआ है तो लोगों का दस हजार करोड़ रूपये बर्बाद होने से बच गया। उन्होंने कहा कि शराबबंदी से समाज का वातावरण बदल गया है। शराबबंदी के पक्ष में सब हैं, यह साम्प्रदायिक सद्भाव का प्रतीक है। इसे सब धर्मों में एकता स्थापित होगी।