रांची, जनवरी 17: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सोमवार को झारखंड की राजधानी रांची स्थित प्रोजेक्ट भवन में राज्यस्तरीय गुणवत्ता शिक्षा कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान उन्होने कहा कि सभी अधिकारियों, शिक्षकों की यह जिम्मेवारी बनती है कि देश के भविष्य और सबसे कीमती संसाधन यानि हमारे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें मगर जो इस काम में लापरवाही करेगा उसपर सरकार कड़ी कार्रवाई करेगी।
उन्होने आगे कहा कि झारखंड समृद्ध होने के बाद भी राज्य की गोद में गरीबी पल रही है। राज्य से गरीबी को समाप्त करने की दिशा में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होगा। उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए वचनबद्ध है। आने वाले 2-3 साल में झारखंड को शिक्षित प्रदेश बनाना है। आज के समय में तकनीक का महत्वपूर्ण स्थान है।

Embeded Objectमुख्यमंत्री दास ने कहा कि मुख्यालय में बैठे अधिकारी भी बीच-बीच में अचानक पहुंच कर जांच करें। ईमानदारी और समर्पण भाव से काम करें और झारखंड को स्वावलंबी और समृद्ध राज्य बनाने में मदद करें। हम छोटे-छोटे काम से देश-समाज को बदल सकते हैं। हमें अपने बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाना है, इसमें किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जायेगी।

Embeded Objectउन्होंने कहा कि राज्य के सभी सरकारी स्कूल के शिक्षकों को अगले वित्त वर्ष में टैबलेट दिया जायेगा। साथ ही उन्हें ई-विद्यावाहिनी सॉफ्टवेयर से भी जोड़ा जायेगा। इसी कड़ी में आज महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और छात्रों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिये विभिन्न संस्थाओं के साथ एमओयू भी किया गया है।

Embeded Objectदास ने कहा कि स्कूलों की आधारभूत संरचना में सुधार किया जा रहा है। स्कूलों में बेंच-डेस्क और बिजली दी जा रही है। 9-10 वीं से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए कोचिंग दी जायेगी। कार्यक्रम में वित्त सचिव अमित खरे, प्रधान सचिव संजय कुमार, अराधना पटनायक सहित अन्य लोग मौजूद थे।