नई दिल्ली, जनवरी 17: मोदी सरकार ने आखिरकार देशभर में वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने में आने वाली सभी रुकावटों को दूर कर बड़ी सफलता हासिल की है। सोमवार शाम वस्‍तु और सेवा कर परिषद की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में वित्‍तमंत्री अरूण जेटली ने बताया कि जीएसटी के अस्तित्व में आने का रास्ता साफ हो गया है जिसके बाद पूरे देश में यह 1 जुलाई से लागू किया जाएगा।वित्‍तमंत्री ने कहा, वस्‍तु और सेवा कर परिषद दोहरे नियंत्रण के बारे में निर्णय पर पहुंची गई है। केन्‍द्र और राज्‍यों के आकलन तंत्र सम्‍पूर्ण कराधान आधार, साझा करेंगे। उन्‍होंने कहा कि डेढ़ करोड़ रुपये और इससे कम के कारोबार पर वस्‍तु और सेवा कर का आकलन 90 प्रतिशत राज्‍य करेंगे, जबकि दस प्रतिशत आकलन केन्‍द्र द्वारा होगा। वहीं डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार पर जीएसटी का आकलन राज्‍य और केन्‍द्र पचास-पचास के अनुपात में करेंगे।

जेटली ने बताया की, डेढ़ करोड़ से कम टर्न ओवर वाले हैं 90 फीसदी का राज्‍य करेंगे। 10 फीसदी का केंद्र करेगा और जो डेढ़ करोड़ से ऊपर वाले है। वो आधे राज्‍य करेगा, आधे केंद्र करेगा। इसके साथ-साथ जो साधारण सिद्धांत इस पर भी लागू होगा। आईजीएसटी पर भी वो लागू होगा जिसमें एक अपवाद भी होगा और राज्‍यों में आपस में विवाद है तो उसका मूल्यांकन केंद्र करेगा।Embeded Objectजबकि वित्‍त मंत्री ने कहा कि समुद्री क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों पर कर की वसूली का अधिकार राज्‍यों को दिया जाएगा। इसका मतलब भारत के अधिकार क्षेत्र में आनेवाले 12 समुद्री मील में जो भी लेनदेन होगा, उसका सारा राजस्व केंद्र नहीं लेगा। उन्होने बताया की, इससे पहले यह अधिकार केंद्र सरकार के पास था लेकिन अब कर लगाने का अधिकार राज्‍यों को दिया गया है। इसके साथ ही समेकित वस्‍तु और सेवाकर सहित पूरक विधेयकों के मसौदों को मंजूरी देने के लिए परिषद की अगली बैठक 18 फरवरी का होगी।

बता दें की इससे पहले सरकार ने नई कर व्‍यवस्‍था को इस वर्ष पहली अप्रैल से लागू करने की तारीख तय की थी लेकिन राज्यों के साथ कई मुद्दो पर सहमति नहीं बनने के कारण लागू करने में अड़चने आ रही थी।