पलक्कड़, जनवरी 17 : केरल में राजनीतिक हिंसा ने एक और की बलि ले ली है। गत 28 दिसंबर को कथित तौर पर सीपीएम के लोगों ने पलक्कड़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता राधाकृष्णन और उनके भाई कन्नन के घर को आग के हवाले कर दिया था। आगजनी में दोनों भाइयों के अलावा कन्नन की पत्नी विमला भी बुरी तरह से जल गई थीं। राधाकृष्णन की तो 6 जनवरी को ही मौत हो गई थी, इस घटना के 10 दिन बाद सोमवार को विमला ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया।           

अपने कार्यकता की मौत पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने कहा है कि सत्ता में आने के बाद सीपीएम के कार्यकर्ताओं का अत्याचार लगातार बढ़ा है और विमला की मौत के साथ ही इस लिस्ट में एक और नाम बढ़ गया है। आरएसएस के सह-प्रचार प्रमुख नंद कुमार ने कहा कि विजयन के मुख्यमंत्री बनने के बाद से राज्य में महिलाओं और बच्चों पर सीपीएम के काडरों द्वारा हमले की चिंताजनक प्रवृत्ति देखने में आ रही है। उन्होंने कहा कि विमला संगठित वहशीपन की शिकार हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार राजनीतिक हिंसा को लेकर रणनीतिक चुप्पी साधी हुई है और पार्टी नेताओं के इस तरह के कृत्यों को बढ़ावा दे रही है। नंद कुमार जी ने कहा कि इसकी वजह से हमने एक युवा और ऊर्जावान महिला को खो दिया।

28 दिसंबर को कन्नन के रसोई के पास बने झोपड़े में रखी तीन बाइकों को सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने आग के हवाले कर दिया था। यह आग तुरंत रसोई तक फैल गई और इसके बाद सिलिंडर में विस्फोट हो गया। इसकी वजह से घर भी जलकर खाक हो गया था। 60 प्रतिशत जल चुके राधाकृष्णन की 6 जनवरी को ही मौत हो गई थी। 40% तक जल चुकी विमला ने सोमवार को 9 बजे सुबह अंतिम सांस ली।

इस मामले में आरोपी सीपीएम के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है और स्थानीय पुलिस का कहना है कि जल्द ही कुछ और संदिग्धों को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि, भाजपा और आरएसएस का आरोप है कि पुलिस इस मामले में निष्क्रियता दिखा रही है।