नई दिल्ली, जनवरी 18: भारत में विदेशी पर्यटकों के आगमन में दिसंबर में 13.06 प्रतिशत वृद्धि हुई। पिछले वर्ष दिसंबर में दस लाख 37 हजार पर्यटक भारत आए जबकि दिसंबर 2015 में नौ लाख 13 हजार पर्यटक आए थे। आधिकारिक बयान के अनुसार इससे एक खरब 68 अरब रुपये की विदेशी मुद्रा की कमाई हुई। पिछले महीने विदेशी पर्यटकों में सबसे ज्‍यादा अमरीकी नागरिक भारत आए, इसके बाद बांग्लादेश और ब्रिटेन का नंबर है।मंत्रालय द्वारा जारी अकड़ो के मुताबिक, दिसंबर 2016 के दौरान एफटीए का आंकड़ा 10.37 लाख का रहा, जबकि दिसंबर 2015 में यह 9.13 लाख और दिसंबर 2014 में 8.85 लाख था। दिसंबर 2015 की तुलना में दिसंबर 2016 के दौरान इसमें 13.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं जनवरी-दिसंबर, 2016 के दौरान एफटीए का आंकड़ा 88.90 लाख का रहा, जो 10.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है। इसी तरह जनवरी-दिसंबर, 2014 के मुकाबले जनवरी-दिसंबर, 2015 में एफटीए 4.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। शीर्ष 15 स्रोत देशों में दिसंबर 2016 के दौरान भारत में एफटीए में सर्वाधिक हिस्सा अमेरिका (18.33 प्रतिशत) का रहा और सबसे कम नेपाल (1.34%) का रहा।

शीर्ष 15 पोर्टों में दिसंबर 2016 के दौरान भारत में एफटीए में सर्वाधिक हिस्सा दिल्ली एयरपोर्ट (27.77 प्रतिशत) का रहा। इसके बाद हिस्सा क्रमश मुंबई एयरपोर्ट (19.80%),  हरिदासपुर लैंड चेक पोस्ट (7.16 प्रतिशत),   चेन्नई एयरपोर्ट (7.13%), गोवा एयरपोर्ट (5.64 प्रतिशत),  बेंगलुरू एयरपोर्ट (5.43%), कोलकाता एयरपोर्ट (4.31%), कोच्चि एयरपोर्ट (4.17 प्रतिशत), हैदराबाद एयरपोर्ट (3.42 प्रतिशत), अहमदाबाद एयरपोर्ट (3.11 प्रतिशत), त्रिवेंद्रम एयरपोर्ट (1.81 प्रतिशत), गेडे रेल (1.59%), त्रिची एयरपोर्ट (1.59 प्रतिशत),  अमृतसर एयरपोर्ट (1.06 प्रतिशत) और गया एयरपोर्ट (0.84 प्रतिशत) का रहा।

इसकी बदौलत भारत में पर्यटन से विदेशी मुद्रा आमदनी भी बढ़ी। दिसंबर 2016 के दौरान एफईई 16,805 करोड़ रुपये की रही,  जबकि यह दिसंबर 2015 में 14,152 करोड़ रुपये और दिसंबर 2014 में 12,988 करोड़ रुपये थी। दिसंबर, 2016 के दौरान रुपये के लिहाज से एफईई में वृद्धि दर दिसंबर 2015 की तुलना में 18.7 प्रतिशत की रही। दिसंबर 2014 की तुलना में दिसंबर 2015 में 9.0 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसका मतलब जनवरी-दिसंबर, 2016 के दौरान रुपये के लिहाज से पर्यटन से प्राप्त एफईई 1,55,650 करोड़ रुपये की रही, जो जनवरी-दिसंबर, 2015 के 1,35,193 करोड़ रुपये की तुलना में 15.1 प्रतिशत ज्यादा है।