नई दिल्ली, जनवरी 18: भले ही चुनाव आयोग ने समाजवादी के असली हकदार का फैसला कर दिया हो लेकिन दल में जारी कलह का फैसला नहीं हो सका है और नाहीं कभी हो सकेगा। मुलायम सिंह के करीबी और 'समाजवादी' परिवार की कलह का कारण माने जाने वाले अमर सिंह ने चुनाव आयोग से अखिलेश को जीत के बाद उन पर हमला बोला है। उन्होंने मंगलवार को कहा कि जीतने वाला गलत है या हारने वाला, इसका मापदण्ड सफलता या विफलता नहीं हो सकती।अमर सिंह ने लंदन से एक समाचार चैनल पर बातचीत में कहा कि चुनाव आयोग का आदेश आने से पहले मैंने कहा था कि मैं किसी की ओर नहीं हूं। सिंह ने कहा कि वह पिता और पुत्र के इस झगड़े में किसी की साइड नहीं हैं। इसके अलावा मुझे पार्टी से निष्कासित किया गया है और इसे मैं स्वीकार करता हूं। समाजवादी परिवार में हुए झगड़े को लेकर कुछ लोग अमर सिंह को जिम्मेदार मानते हैं। इस आरोप के जवाब में उन्होंने कहा कि मुलायम मुझे खलनायक नहीं मानते।

उन्होंने रामगोपाल के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, 'एकतरफा प्यार में बहुत ताकत होती है। उसे कोई बांट नहीं सकता। अब सामने वाला मुझे खलनायक कहे या शकुनी।' एक जनवरी को रामगोपाल द्वारा बुलाए गए सपा के अधिवेशन में रामगोपाल ने इस कलह के लिए अमर सिंह को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें पार्टी से निकाल दिए जाने का ऐलान किया था।

बता दें की सोमवार को चुनाव आयोग ने मुलायम सिंह यादव को झटका देते हुए अखिलेश के पक्ष में फैसला सुनाया। चुनाव आयोग ने अपने फैसले में पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह ‘साइकिल’ दोनों यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को दिया है। आयोग के इस फैसले से मुलायम सिंह यादव और उनके गुट को तगड़ा झटका लगा है। चुनाव चिन्ह और पार्टी पर दावें की स्थिति साफ होने के बाद अब अखिलेश यादव ही पार्टी के मुखिया होंगे।