नई दिल्ली, जनवरी 2: पदभार सँभालते हुये ही नव-नियुक्त सेनाअध्‍यक्ष जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्तान को उसके नापाक मंसूबो के लिए चेतावनी दी है। सेनाप्रमुख ने कहा की भारत, सीमा पर शांति और सदभावना कायम रखना चाहता है लेकिन अगर जरूरी हुआ तो अपनी शक्ति के किसी भी तरीके का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं हटेगा।नई दिल्ली में साउथ ब्लॉक परिसर में सलामी गारद का निरीक्षण करने के बाद जनरल रावत ने कहा कि भारत अपनी सीमाओं पर शांति का पक्षधर है लेकिन जरूरत पड़ने पर अपनी शक्ति के इस्‍तेमाल से वह नहीं हिचकेगा। हमारी सीमाओं की रक्षा करना और शांति बनाये रखना आंतरिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सरकार की मदद करना। देश के किसी भी हिस्‍से में किसी भी आपदा की स्थिति में बचाव और राहत कार्य में सहयोग करना हमारी प्राथमिकता होगी।
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रावत ने कहा कि ड्यूटी देश की सुरक्षा और सीमाओं की पवित्रता बनाए रखने के लिए बाध्य रखती है। हमारा जवान चाहे वो कहीं भी तैनात हो, मेरी नजर में सब एक हैं। वरिष्ठता क्रम की अनेदखी कर उन्हें तवज्जो दिये जाने से वरिष्ठ अधिकारियों की नाराजगी संबंधी खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि कहा कि यह सरकार का निर्णय है। उन्होंने आशा व्‍यक्‍त की कि ये अधिकारी सेना के हित में उनके साथ मिलकर काम करेंगे।

बता दें की लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को भारतीय सेना के 27वें प्रमुख के रूप में कमान संभाली थी। उन्होंने जनरल दलबीर सिंह सुहाग का स्थान लिया है। जनरल रावत दो वरिष्ठतम लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्शी और पी एम हारिज को पीछे छोड़ते हुए सेना प्रमुख बने हैं।

वहीं जम्‍मू कश्‍मीर में नियंत्रण रेखा के पास पुंछ जिले में पाकिस्‍तानी सैनिकों ने फिर बमबारी और गोलीबारी की। सीमा पर तैनात सैनिकों ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों तरफ से भारी गोलाबारी लगभग तीन घंटे तक चली। भारतीय क्षेत्र में किसी नुकसान की कोई खबर नहीं है।