नई दिल्ली, जनवरी 2: नोटबंदी के बाद धीरे-धीरे अपनी पहलेवाली दिनचर्या पर लौट रही बैंको ने नए साल पर आम नागरिकों को बड़ी राहत दी है। नववर्ष का तोहफा देते हुये भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) ने अपनी बैंचमार्क ब्याज दरें शून्य दशमलव नौ प्रतिशत तक घटा दी है।भारतीय स्‍टेट बैंक ने कहा है कि कर्ज दर एक वर्ष की अवधि के लिए आठ दशमलव नौ शून्य प्रतिशत से घटाकर आठ प्रतिशत कर दी गई हैं। नई दरें एक महीने, तीन महीने और छह महीने की अवधि पर भी लागू होंगी। संशोधित बैंचमार्क दरों के अनुसार दो वर्ष की अवधि के लिए ब्याज दर आठ दशमलव एक शून्य प्रतिशत और तीन वर्ष की अवधि के लिए आठ दशमलव एक पांच प्रतिशत होगी।Embeded Objectपंजाब नेशनल बैंक ने एक वर्ष की अवधि के लिए बैंचमार्क ब्याज दरें नौ दशमलव एक पांच से घटाकर आठ दशमलव चार पांच कर दी है। नई दरें आज से ही प्रभावी हो गई। ऋण पर ब्याज दर तीन वर्ष की अवधि के लिए आठ दशमलव छह प्रतिशत और पांच वर्ष की अवधि के लिए आठ दशमलव सात पांच तय की गई है। वहीं य़ूनियन बैंक ने भी बैंचमार्क ब्याज दर घटाकर आठ दशमलव पांच छह प्रतिशत कर दी है।

आर्थिक मामलों के सचिव शक्ति कांत दास ने कहा कि इससे ऋण वितरण में तेजी आने की उम्मीद की संभावना है जो अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक होगा। नोटबंदी के दौरान तकरीबन 15 लाख करोड़ रुपये देश की बैंकों में आए हैं। एसबीआई के इस कदम से घरेलू बाजार में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।Embeded Objectजानकारों की माने तो सस्ता लोन होने से बाजार में तेजी आने की गणनाएं की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए साल के पहले और नोटबंदी के पूरे होने पर दिए भाषण में बैंकों से गरीबों, गांववासियों और शहरी मध्यम वर्ग के लिए प्रयास करने को कहा था। उसके बाद एसबीआई, यूबीआई, पीएनबी ने ये कदम उठाया है। ये सभी बैंक देश की अग्रणी बैंक मानी जाती है। वहीं आनेवाले सामय में और बैंको द्वारा अपने ब्याज दरों को कम करने की उम्मीद जताई जा रही है।