नई दिल्ली, जनवरी 20: तीन साल बाद भारतीय वनडे टीम में वापसी करने के बाद अपने दूसरे ही मैच में मात्र 98 गेंदों में शतक ठोककर लय में लौटे युवराज सिंह ने क्रिकेट से जुड़े रहने के पीछे कप्तान कोहली का विश्वास बताया है। युवी ने अपनी आतिशी पारी में 21 चौके और तीन गगनचुंबी छक्के जड़कर कुल 150 रन बनाए और टीम को हार की पटरी से उतारकर जीत की तरफ मोड दिया।

वनडे में कैरियर की सर्वश्रेष्ठ 150 रन की पारी खेलने के बाद युवराज ने कहा, कैंसर से संघर्ष के बाद एक समय क्रिकेट को अलविदा कहने के बारे में मैंने सोचा था लेकिन कप्तान विराट कोहली के विश्वास ने उसे ऐसा करने से रोका। उन्होने कहा, जब आपको टीम और कप्तान का भरोसा हासिल हो तो आत्मविश्वास आ ही जाता है। विराट ने मुझ पर काफी भरोसा दिखाया है और मेरे लिये यह काफी अहम है कि ड्रेसिंग रूम में लोगों को मुझ पर भरोसा हो।Embeded Objectगंभीर बीमारी को मात देने वाले युवी ने कहा, एक समय ऐसा भी था जब मुझे लग रहा था कि मुझे खेलते रहना चाहिये या नहीं। कई लोगों ने इस सफर में मेरी मदद की। मेरा फलसफा कभी हार नहीं मानने का है और मैं कभी हार नहीं मानता। मैं मेहनत करता रहा और मुझे पता था कि समय बदलेगा। मुझे शतक बनाये लंबा समय हो गया था। मैं कैंसर से उबरकर खेल में लौटा हूं और पहले दो तीन साल काफी कठिन थे। मुझे फिटनेस पर मेहनत करनी पड़ी और मैं टीम से भीतर बाहर होता रहा।बता दें की, युवराज सिंह को 2011 वर्ल्ड कप के बाद कैंसर हो गया था। इस बीमारी के कारण वे लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहे थे। युवराज इससे पहले 14 शतक लगा चुके है और युवी का इससे पहले का सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन 139 रन था। युवराज सिंह का वनडे क्रिकेट में ये 15वां शतक है।