गुहावटी, जनवरी 22: असम के तिनसुकिया जिले के घने जंगल में आज उग्रवादी हमले में असम राइफल्‍स के दों जवान शहीद हो गए हैं। इस घटना की वजह से असम और अरूणाचल प्रदेश को जोड़ने वाले राष्‍ट्रीय राजमार्ग पर सैकड़ों पर्यटक फंसे हुए हैं। इस हमलें की प्रतिबंधित संगठन उल्फा (स्वाधीन) ने जिम्मेदारी ली है। फिलहाल सुरक्षा बलों और उग्रवादियों के बीच अभी भी गोलीबारी जारी है।पुलिस अपर महानिदेशक पल्‍लब भट्टाचार्य ने बताया कि अरूणाचल प्रदेश से सटे लेखापानी पुलिस थाने के तहत वाराबस्‍ती गांव में आज सुबह सुरक्षाबलों के दल पर उग्रवादियों ने हमला कर दिया। भट्टाचार्य ने बताया कि उग्रवादियों ने  नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर हथगोले फैंके। उग्रवादी द्वारा वारदात को अंजाम देने के बाद सेना और पुलिस द्वारा क्षेत्र में अभियान जारी है। तिनसुतिया के पुलिस अधीक्षक ने कहा कि एनएससीएन खपलांग और उल्‍फा जैसे उग्रवादी गुट घटना में शामिल है। उग्रवादियों द्वारा आईडीबी विस्‍फोट किया गया है।

वहीं मीडिया को जारी एक ई-मेल में उल्फा (स्वाधीन) के सेनाध्यक्ष परेश बरुवा ने कहा है कि सेना पर हमला उल्फा (स्वाधीन), एनएससीएन समेत अन्य संगठनों का संयुक्त मोर्चा यूएनएलएफ व कोर कमेटी के द्वारा किया गया है। आतंकी संगठन ने दावा किया है कि हमलावरों ने सेना की तीन जवान की मौत हुई है और उनके रायफल को अपने कब्जे में ले लिया है।

इस आतंकी हमले में 13वीं असम रायफल के दो जवान शहीद हुए हैं, जबकि कुछ जवानों के घायल होने की भी जानकारी मिली है। घटनास्थल असम-अरुणाचल प्रदेश के साथ ही पड़ोसी देश म्यांमा से सटा हुआ है। सेना आतंकियों को घने जंगल में घेर लिया है। वहीं आतंकियों के मूवमेंट पर नजर रखने के लिए हेलीकॉप्टर से लगातार सेना नजर गड़ाए हुए है। इस दौरान एक आतंकी के भी मुठभेड़ में ढेर होने की जानकारी मिली रही है, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।