पटना, जनवरी 22: नशामुक्ति का संदेश देने के लिए शनिवार को बिहार के दों करोड़ से अधिक लोगों ने 11 हजार किलोमीटर लम्‍बी मानवश्रृंखला बनाकर इतिहास रच दिया। विश्‍व की सबसे लम्‍बी इस मानवश्रृंखला को लिम्‍का बुक ऑफ रिकार्ड में दर्ज किया गया है। इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्‍यमंत्री तेजस्‍वी प्रसाद यादव,  राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव पटना के गांधी मैदान में मानवश्रृंखला में शामिल हुए। इसमें स्‍कूल और कॉलेजों के छात्र और शिक्षक भी शामिल हुए। मानवश्रृंखला में राज्‍य की सभी पंचायतों ने भी भाग लिया।पटना के गांधी मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुब्बारा उड़ाकर समारोह का उद्घाटन किया। पटना के गांधी मैदान के 8.5 एकड़ एरिया में नक्शे के अंदर बिहार का नाम और शराब के बोतल को क्रास करती हुयी मानव शृंखला की आकृति बनायी गयी। शृंखला का मुख्य केंद्र बिंदु गांधी मैदान था, यहीं से चार शृंखलाएं निकलिलों में कड़ी बनायी हुयी थी। नक्शे के किनारे पर करीब 5463 लोग एक दूसरे की हाथ थामे खड़े हुए थे। मानव शृंखला का मुख्य हिस्सा पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण एनएच व एसएच पर 3007 किमी लंबा था इसमें करीब 56 लाख लोग शामिल हुए।Embeded Objectवहीं उत्तर बिहार में मानव शृंखला का प्रस्तावित रूट 1821 किमी का था, जबकि दक्षिण बिहार में प्रस्तावित रूट 1186 किलोमीटर बना हुआ था। उत्तर बिहार की शृंखला दक्षिण बिहार से महात्मा गांधी सेतु, राजेन्द्र सेतु और बिक्रमशिला सेतु पर मिली जबकि जिलों के अंदर की सड़कों पर 8285 किलोमीटर लंबी मानव शृंखला बनेगी, जिसमें 1.5 करोड़ लोगों भाग लिये। यह राज्यव्यापी मानव शृंखला शनिवार को दिन के 12:15 बजे से शुरू होकर एक बजे तक बनी रही। इस ऐतिहासिक पल को कैमरे में कैद करने के लिए प्लेन, हेलिकॉप्टर और ड्रोन के साथ 5 सैटेलाइट, 38 ड्रोन व 6 हेलिकॉप्टर से इस पल को शहर से लेकर जिलों तक की फोटी ली गयी।Embeded Objectउपग्रह की मदद से 6 जिलों में फोटोग्राफी भी करायी गयी। ये छह जिलों पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, जहानाबाद और गया है। इसरो के कार्टोसैट सैटेलाइट और विदेशी उपग्रह मानव शृंखला की तस्वीरें ले रही थी। मानव शृंखला बनाने में सहयोग करने के लिए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में पदाधिकारियों को तैनात किया गया था। साथ ही विभाग के सचिव, अपर सचिव और निदेशकों को भी अलग-अलग प्रमंडलों में दायित्व सौंपा गया था।Embeded ObjectEmbeded Objectइसके अलावा तमाम राजनीतिक दलों से भी सम​र्थन मिला हुआ था जो सहयोग प्रदान कर रहे थे। पटना में चार मार्गों पर मानव शृंखला बनायी गयी। दोपहर 12.15 बजे से लेकर एक बजे तक मानव शृंखला को ध्यान में रखते हुए शहरी यातायात पर लगभग चार घंटे प्रभावित रहा। हालांकि मीडिया, एंबुलेंस, अग्निसेवा वाहन, पानी टैंकर, मरीज की गाड़ी के आवागमन पर रोक नही था।Embeded Object