लखनऊ, जनवरी 22: उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर आखिरकार संकट टल गयी है। दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे का विवाद कड़ी मशक्कत के बाद हल होने की खबर है। मुख्यमंत्री अखिलेश आज किसी भी समय गठबंधन का एलान कर सकते हैं। सूत्रो के मुताबिक विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन पर लगी मुहर में कांग्रेस 105 सीटों पर और सपा 298 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारेगी। वही दूसरी ओर मुलायम सिंह यादव की गैरमौजूदगी में ही अखिलेश यादव ने आज पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया।कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल ने कहा कि कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन की बातचीत छोटे नेताओं से नहीं बल्कि हमारे शीर्ष स्तर और मुख्यमंत्री अखिलेश के बीच बातचीत हुई है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस पहले 120 सीटों की मांग पर अड़ी थी। यूपी चुनाव में मजबूत पृष्ठभूमि तलाश रही कांग्रेस मोल-भाव कर अधिक से अधिक सीटें सपा से झटकना चाहती थीं। इस गठबंधन को कराने में अहमद पटेल व प्रियंका गांधी की भूमिका काफी अहम मानी जा रही है।

इससे पहले समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस पर गठबन्धन को लेकर जिद्दी रवैया अपनाने का आरोप लगाया था। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने कहा कि हमने कांग्रेस के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। हमें 300 से ज्यादा प्रत्याशियों को हर हाल में खड़ा करना था। उन्होंने कहा था कि बावजूद इसके कांग्रेस जिद पर अड़ी रही। इसलिए गठबंधन नहीं होने का सारा दोष कांग्रेस का हैं। वहीं कांग्रेस के यूपी प्रभारी गुलाम नबी आज़ाद ने कहा कि हम पहले और दूसरे चरण के मतदान के लिए प्रत्याशी उतारेंगे।Embeded Objectदूसरी ओर सपा में पिता पुत्र के बीच विवाद कम नहीं हुआ है। जिसका सीधा असर सपा के घोषणापत्र जारी होने वाले कार्यक्रम में दिखा जहा मंच पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनकी पत्नी डिंपल पार्टी के वारिष्ठ नेताओ के साथ मौजूद रहे वहीं कभी पार्टी के मुखिया रहे मुलायम सिंह नदारद दिखे। इस बीच मुलायम सिंह को मनाने आजम खान उनके घर भी गए लेकिन बात नहीं बनी। जिसके बाद मुलायम की गैरमौजूदगी में ही अखिलेश यादव ने पार्टी का घोषणा पत्र जारी किया।