हरदा, जनवरी 23: मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार शाम को नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने हरदा जिले के हंडिया में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नर्मदा सेवा यात्रा नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए की जा रही है लेकिन इसके साथ ही यात्रा के माध्यम से जनसामान्य को शराब की बुराईयों से दूर रहने की समझाईश भी दी जाएगी। इसके लिए प्रदेश भर में मद्य निषेध के लिए अभियान भी चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने नागरिकों से बेटी-बेटा में भेदभाव न करने की भी समझाईश दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नर्मदा नदी ने मध्यप्रदेश को सब कुछ दिया है किन्तु मनुष्य की लापरवाही से किनारों पर अंधाधुंध पेड़ो की कटाई की गई। उन्होंने कहा कि अब यह वक्त प्रायश्चित करने का है। इस बात को लेकर प्रदेश में नर्मदा सेवा यात्रा निकाली जा रही। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा के पानी से प्रदेश में 30 प्रतिशत हिस्से में सिंचाई की जा रही है। अमरकंटक, डिंडोरी, जबलपुर, भोपाल, ओमकारेश्वर और इंदौर सहित नागरिकों को पीने का पानी उपलब्ध करवाया जा रहा है। नर्मदा में शहरों का प्रदूषित पानी न मिले इसके लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगावाये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ में श्रद्वालुओं को पवित्र स्नान के लिए नर्मदा का पानी शिप्रा में जोड़ा गया है। नर्मदा का अब यह पानी गंभीर, पार्वती और कालीसिंध नदियों को भी नया जीवन देने के लिए मिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदा नदी के घाटों पर पूजन कुण्ड, मुक्तिधाम और महिलाओं को वस्त्र बदलने के लिए चेंजिंग रूम बनाए जाएंगे। चौहान ने कहा कि देवताओं का वास उन स्थानों पर होता है जहां पर महिलाओं का सम्मान होता है। उन्होंने समाज से बेटी-बेटा में भेदभाव न करने की भी समझाईश दी।Embeded Objectउन्होंने किसानों से नर्मदा नदी के एक किलो मीटर के दायरे में तट के दोनों तरफ अधिक से अधिक फलदार पेड़ लगाने की बात कहीं। मुख्यमंत्री ने सभा में मौजूद नागरिकों को नर्मदा को प्रदूषण से मुक्त कराने का संकल्प भी दिलवाया। इस मौके पर ऊर्जा मंत्री पारस जैन, सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री लालसिंह आर्य, पिछड़ा वर्ग राज्य मंत्री ललिता यादव, साधु संत भी मौजूद थे।