लखनऊ, जनवरी 24: निर्वाचन आयोग ने उत्तर प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये हैं कि वे पूरी चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी रखें। सूबे के मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी. वेंकटेश ने इस आशय के निर्देश सोमवार को जिला अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जारी किये। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि आयोग के निर्देशों का जिला अधिकारी सख्ती से पालन करें और प्रकिया को पारदर्शी रखें।टी. वेंकटेश ने इस दौरान प्रथम चरण के निर्वाचनाधीन जनपदों की विशेष जानकारी ली। उन्होंने जिलाधिकारियों से कहा कि वे आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन करायें और नामांकन, स्क्रूटनी तथा नाम वापसी की पूरी प्रकिया को पारदर्शी बनाये रखें। योजना भवन स्थित वीडियो कान्फ्रेंस रूम से जिलाधिकारियों से जुड़ते हुये वेंकटेश ने उनसे कहा कि राजनैतिक दलों द्वारा मांगी जाने वाली अनुमतियों और उनके विरूद्ध की जाने वाली शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कराया जाये, उसमें विलम्ब नहीं होना चाहिये।

उन्होंने संवेदनशील अथवा क्रिटिकल मतदान बूथों के चिन्हीकरण में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि चिन्हांकन के बाद ऐसे मतदान केन्द्रों में संवेदनशीलता कम करने के सभी उपाय किये जायें।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उड़नदस्तों और जॉच-नाकाबन्दी पर सख्त निगाह रखने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारियों से कहा कि पकड़े गये सामान का पूरा ब्योरा दस्तावेजों में रखा जाये और उसकी रिकार्डिंग भी करायी जाये। उन्होंने निर्देशों के अनुरूप सभी बिन्दुओं पर कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।

वेंकटेश ने सभी बूथों पर पेयजल सुविधा और दिव्यांगो के लिये रैम्प तथा शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जिलाधिकारी सुनिश्चित करें कि दिव्यांग अपने व्हीलचेयर सहित मतदान मशीन तक पहॅुच कर आसानी से वोट डालने के बाद वहॉ से निकल सकें। उन्होंने कहा कि तृतीय चरण का नामांकन 24 जनवरी से 31 जनवरी तक है।

इस दौरान 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस, 28 जनवरी को बैंक बन्दी का दिन और 29 जनवरी को रविवार रहेगा। अतः इस चरण में नामांकन के लिये 24, 25, 27, 30, 31 जनवरी के 5 दिवस ही नामांकन आदि के लिये मिल पाएंगे। इसलिये जिलाधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि कार्यालय दिवस कम होने से किसी भी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न होने पाये।