नई दिल्ली, जनवरी 24: नोटबंदी से राहत के लिए मोदी सरकार ने किसानों की कम समय की अवधि वाले नवंबर और दिसंबर का ब्याज माफ कर दिया है। सहकारी बैंकों से लघु अवधि फसल ऋण लेने वाले किसानों के लिए नवंबर और दिसंबर 2016 के ऋण माफी के लिए मंत्रिमंडल ने 660.50 करोड़ रुपये मंजूर कर दिये है।इससे पहले नोटबंदी के बाद से किसानो को हो रही परेशानियों से उबारने के लिए मोदी सरकार ने कर्ज अदायगी की सीमा 60 दिन और बढ़ा दी थी। कृषि मंत्रालय ने उन किसानों को 60 दिन की और मोहलत देने का फैसला किया था जिनके बकाया फसल ऋण की अदायगी का समय इस साल पहली नवम्‍बर से 31 दिसम्‍बर 2016 के बीच था।

कृषि मंत्रालय ने कहा है कि बड़े नोटों को बंद किये जाने के कारण किसान समुदाय को ऋण लौटाने में हो रही दिक्‍कतों को देखते हुए यह फैसला किया गया है। मंत्रालय ने कहा था कि अगर किसान ऋण लौटाने की तारीख से साठ दिन के भीतर ऋण की अदायगी करते हैं तो वे वर्ष 2016-17 के लिए दिये जाने वाले प्रोत्‍साहन प्राप्‍त करने के भी पात्र होंगे।

बता दें की ब्याज सहायता योजना के तहत किसानों को तीन लाख रुपए तक का फसल ऋण सात प्रतिशत ब्याज पर दिया जाता है। समय पर कर्ज चुकाने के लिए किसानों को इसमें तीन प्रतिशत छूट मिलती है। यह छूट उन किसानों को नहीं मिलेगी जो एक साल की मियाद के बाद कर्ज अदा करेंगे। केंद्र सरकार ने साल 2016-17 में नौ लाख करोड़ रुपए के कृषि ऋण देने का लक्ष्य रखा था। जिसमे से इस साल सितंबर तक लगभग साढ़े सात लाख करोड़ रुपए का ऋण दिया जा चुका है।