बेंगलूरु, जनवरी 24: नोटबंदी के बाद कालेधन के खिलाफ अभियान चला रही आयकर विभाग ने कर्नाटक के एक मंत्री और प्रदेश महिला कांग्रेस प्रमुख के परिसरों पर छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों को 162 करोड रुपये से अधिक की अघोषित संपत्ति का पता लगाया है। साथ ही आईटी ने 41 लाख रुपये की नकदी के अलावा सोना के आभूषण भी जब्त कर सभी संबधित व्यक्तियों को समना जारी कर जांच शुरू कर दी है।आयकर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग को पिछले सप्ताह गोकाक और बेलगाम में मंत्री रमेश एल. जारखिहोली और महिला कांग्रेस प्रमुख लक्ष्मी आर. हेब्बालकर के परिसरों पर छापेमारी के दौरान कई 'बेनामी' संपत्तियों और 'बिना स्पष्टीकरण वाले निवेश' के बारे में जानकारी मिली थी। आयकर अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं पर चीनी से जुड़ी को-ऑपरेटिव सोसाइटियों के मार्फत बड़े पैमाने पर काले धन की हेराफेरी का आरोप है।

अधिकारियों ने दोनों नेताओं के यहां परिवार के सदस्यो के नाम के कई खाते, बेनामी कोऑपरेटिव सोसाइटीज के कागजात मिले। ये कोऑपरेटिव सोसाइटीज शक्कर बनाने वालों को दे दी गई थीं। साथ ही कई फर्जी कंपनियों में इन्वेस्टमेंट को दिखाया गया था। टैक्स की चोरी के लिए एंट्री ऑपरेटर्स ने हवाला जैसे ट्रांजैक्शन के जरिए बैंक में काफी पैसा जमा कराया।

वहीं प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री जारखिहोली ने कहा कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके परिसरों पर आयकर की छापेमारी के पीछे 'राजनीतिक षडयंत्र' है। उन्होंने कहा कि आयकर अधिकारी बेलागावी में हमारे पास आए और हमने उनका सहयोग किया। भविष्य में भी हम आयकर अधिकारियों के साथ सहयोग करेंगे। आईटी अधिकारियों ने कहा, 'छापेमारी के बाद 162.06 करोड रुपए की अघोषित संपत्ति और 41 लाख रुपये की बिना स्पष्टीकरण वाली नकदी के अलावा 12.6 किलो सोना एवं गहने होने की बात स्वीकारी गई है।'