नई दिल्ली, जनवरी 25: भारत की तीन दिवसीय यात्रा पर पहुचे अबूधाबी के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्‍मद बिन जायेद अल नहयान ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाक़ात की। इसदौरान प्रधानमंत्री मोदी और अबूधाबी के शहजादे शेख मोहम्मद की प्रतिनिधि मंडल स्तर की बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच रक्षा, नौवहन, व्‍यापक रणनीतिक भागीदारी, जहाजरानी, कृषि, व्‍यापार, तेल भंडारण और प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता, सड़क परिवहन और राजमार्ग तथा मानव तस्‍करी की रोकथाम सहित विभिन्‍न क्षेत्रों में 14 समझौते हुए। इस साल की गणतंत्र दिवस समारोह में क्राउन प्रिंस मुख्य अतिथि होंगे।संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात अपना सबसे मूल्यवान भागीदार और करीबी दोस्त बताते हुए दुनिया का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया। संयुक्‍त अरब अमारात को ढांचागत परियोजनाओं में भारत का साझेदार बनने का निमंत्रण दिया। उन्‍होंने कहा कि भारत दोनों देशों के बीच आपसी व्‍यापार को बढ़ावा दे रहा है। उन्‍होंने कहा कि आतंकवाद और कट्टरवाद को लेकर दोनों देशों की समान चिन्‍ताएं हैं। दोनों देशों का मानना है कि मानव समाज की सुरक्षा के लिए हिंसा और उग्रवाद से निपटना जरूरी है।Embeded Objectप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऊर्जा दोनों देशों के संबंधों के बीच सेतु का काम करती है और यह हमारे लिए ऊर्जा सुरक्षा का काम करती है। आर्थिक क्षेत्र में दोनों देशों के संबंधों को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत, संयुक्‍त अरब अमारात को अपनी विकास यात्रा में महत्‍वपूर्ण साझेदार मानता है। दोनों देशों के बीच मजबूत संबंध आसपास के क्षेत्रों के लिए भी महत्‍वपूर्ण हैं। साथ ही प्रधानमंत्री ने अबूधाबी में मंदिर के लिये जमीन आवंटित करने के लिए अबूधाबी के युवराज का शुक्रिया भी कहा।Embeded Objectइससे पहले अबूधाबी के युवराज शेख मोहम्‍मद बिन ज़ायद अल नहयान का आज राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया गया। उन्होंने राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। अबूधाबी के युवराज की पिछले वर्ष फरवरी के बाद दूसरी भारत यात्रा है। क्राउन प्रिंस शेख मुहम्मद बिन जाएद अल नहयान 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड के बाद राष्ट्रपति के एट होम रिसेप्शन में शामिल होने के बाद भारत से रवाना होंगे।Embeded Objectशहज़ादे शेख मोहम्‍मद बिन ज़ायद अल नहयान संयुक्त अरब अमारात की सशस्त्र सेनाओं के सर्वोच्च उप-कमांडर भी हैं। पिछले कुछ सालों के दौरान दोनों देश सुरक्षा, आतंकवाद की रोकथाम और खुफिया जानकारी साझा करने के मामले में सहयोग कर रहे हैं। दोनों देश एक दूसरे के शीर्ष व्यापारिक साझेदार हैं। उनका आपसी व्यापार काफी संतुलित है और पिछले साल ये 50 बिलियन डॉलर के करीब था। संयुक्त अरब अमीरात भारत में विदेशी निवेश के मामले में शीर्ष निवेशकों में से एक है।