नई दिल्ली, जनवरी 3: मोदी सरकार ने पहली बार बजट सत्र तय समय से पहले कराने का फैसला लिया है। सरकार के मुताबिक संसद का बजट सत्र इस बार 31 जनवरी से शुरू होकर 9 फरवरी तक चलेगा। वहीं 31 जनवरी को संसद में राष्‍ट्रपति का अभिभाषण होगा और इस दिन आर्थिक सर्वे पेश किया जाएगा।संसदीय कार्य से जुड़ी मंत्रिमंडलीय (सीसीपीए) समिति ने मंगलवार को 31 जनवरी से बजट सत्र आयोजित करने की सिफारिश की है। उसी दिन सरकार अर्थिक सर्वेक्षण पेश कर सकती है। उसके बाद 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। सीसीपीए ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज यहां बैठक कर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उक्त सिफारिशें की हैं। संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी बैठक में भाग लिया।

सीसीपीए की बैठक में संसद के बजट सत्र को पहले करके जनवरी के आखिरी सप्ताह में बुलाने पर फैसला किया गया। इस बार बजट सत्र को पहले बुलाया जा रहा है क्योंकि सरकार चाहती है कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए धन का आवंटन एक अप्रैल से हो जाए। वहीं इस बार रेलवे बजट खत्म किया गया है जिसके बाद आम बजट के साथ रेल बजट पेश होगा। बजट सत्र का पहला भाग 9 फरवरी तक चलेगा।

जानकारों की माने तो मोदी सरकार ने बजट सत्र को पहले करने के लिए पहले ही कमर कस ली थी। वित्त मंत्री अरूण जेटली चार जनवरी को जीएसटी परिषद की बैठक समाप्त होने के बाद राज्यों के साथ बजट पूर्व विचार-विमर्श करेंगे। जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की दो दिवसीय बैठक मंगलवार से शुरू हुई। बता दें की इसबार संसद का शीतकालीन सत्र में बिना कोई काम किए ही हंगामे की भेंट चढ़ गया था जिसके बाद अब सबकी नजर बजट सत्र पर टिकी हुई है।