तिरुपति, जनवरी 3: प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने मंगलवार को तिरूपति में श्री वेंकटेश्‍वर विश्‍वविद्यालय के ताराकर्मा स्‍टेडियम में 104वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस का उद्घाटन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने जाने-माने वैज्ञानिकों और नोबेल पुरस्‍कार से सम्मानित लोगों को संबोधित करते हुये देश में तकनीकी शिक्षा में सुधार हेतु तकनीति संस्थानो को और समृद्द बनाने की बात कही। प्रधानमंत्री ने कहा की सरकार वैज्ञानिक ज्ञान के विभिन्न धाराओं का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है।इंडियन साइंस कांग्रेस में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश हमेशा विज्ञानियों का कर्जदार रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार विज्ञान को समर्थन और सहायता देने के प्रति कटिबद्ध है। उन्होने कहा कि विज्ञान को लोगों की बढ़ती उम्मीदों को पूरा करना होगा। साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि 2030 तक भारत विज्ञान के क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष तीन देशों में शुमार होगा। प्रधानमंत्री ने 'भारत का गौरव' प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया।Embeded Objectइसदौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसे जीओ-इन्फो सिस्टम का विकास करना होगा जिससे शहरों और पंचायतों का विकास लक्ष्य पूरा हो सके। प्रधानमंत्री ने कहा की विज्ञान की जानकारी का लाभ नवीनीकरण, स्टार्ट-अप को मिले तभी देश में टिकाऊ विकास संभाव होगा। साथ ही कहा की हमारे सरकार की प्राथमिकता प्राइमरी शिक्षा में सुधार लाना तथा बेटियां की समृद्धि हैं। हमारे स्कूल कॉलेज में अच्छे प्रओगशाला की सुविधा होनी चाहिए।Embeded Objectपांच दिन चलने वाली भारतीय विज्ञान कांग्रेस का मुख्‍य विषय 'राष्‍ट्रीय विकास के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी' है। इस सम्मेलन को मुख्य रूप से विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी में हुई प्रगति का आकलन तथा आने वाले वर्षों के लिए दिशा-निर्देश के रूप में जाना जाता है। देशभर से करीब 12 हजार वैज्ञानिक, विदेशों से दो सौ वैज्ञानिक तथा अमेरिका, जापान, फ्रांस, इस्राइल तथा बंगलादेश के नोबेल पुरस्कार विजेता भी इस समारोह में हिस्सा ले रहे हैं।Embeded Objectइस सम्मेलन में समाज के लिए विज्ञान आर्थिक विकास तथा उच्चशिक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होगी। 104वें भारतीय विज्ञान कांग्रेस में 4 से 6 जनवरी तक श्रीपदमावती महिला विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले बाल विज्ञान कांग्रेस पर भी चर्चा होगी, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों तथा बड़ों को विज्ञान के प्रति जागरूक करना है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई है।