नई दिल्ली, जनवरी 4: सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने बुधवार को देश के 44वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। वह पहले सिख मुख्य न्यायाधीश भी हैं। न्यायमूर्ति खेहर निवर्तमान मंगलवार को सेवानिवृत्त हुए मुख्य न्यायाधीश टी.एस. ठाकुर का स्थान लेंगे।28 अगस्त 1952 को जन्मे जस्टिस खेहर ने गवर्नमेंट कॉलेज चंडीगढ़ से 1974 में साइंस ग्रेजुएशन किया था। 1977 में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री ली और बाद में 1979 में एलएलएम पास किया। एलएलएम में उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया था। एलएलएम करने के बाद उन्होंने अपनी वकालत शुरू की।

जस्टिस खेहर ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट और हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के अलावा उच्चतम न्यायालय में प्रैक्टिस की। जस्टिस खेहर को 1992 में पंजाब का एडिशनल एडवोकेट जनरल बनाया और उसके बाद केंद्रशासित प्रदेश चडीगढ़ का सीनियर स्टैंडिंग काउंसेल बनाया गया। उन्होंने इस दौरान कई विश्वविद्यालयों और कंपनियों और औद्योगिक समूहों की तरफ से कोर्ट में पैरवी की।Embeded Objectजस्टिस खेहर को आठ फरवरी 1999 को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का जज नियुक्ति किया गया था। उन्हें दो बार पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का कार्यकारी चीफ जस्टिस बनाया गया था। बाद में 29 नवंबर 2009 को उत्तराखंड हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया था। बाद में 8 अगस्त 2010 को उनका तबादला कर कर्नाटक हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस बनाया गया। जस्टिस खेहर उच्चतम न्यायालय मे बड़े सख्त जज के तौर पर जाने जाते हैं।