रायपुर, जनवरी 4: मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बुधवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की समीक्षा की। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बैठक में बताया कि इस योजना के शुरू होने के करीब साढ़े चार माह के भीतर राज्य में लगभग छह लाख 40 हजार गरीब परिवारों को महिलाओं के नाम पर निःशुल्क रसोई गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं।मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को रसोई गैस कनेक्शनों के वितरण में और भी ज्यादा तेजी लाने के निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में दस लाख कनेक्शनों के वितरण का लक्ष्य है। इसके विरूद्ध आयल कंपनियों को 10 लाख 53 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार मार्च तक दस लाख कनेक्शनों का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सिंह ने कहा, रसोई गैस सिलंडरों की बॉटलिंग क्षमता बढ़ाने और प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में रसोई गैस वितरकों की नियुक्ति की प्रक्रिया में भी तेजी लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा बस्तर और सरगुजा संभाग सहित विभिन्न संभागों के दुर्गम क्षेत्रों में कृषि उपज मंडी समितियों, सहकारी समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को भी वितरक बनाया जाए।Embeded Objectमुख्यमंत्री ने इसके लिए सभी जरुरी प्रक्रिया को पूर्ण करने और अप्रैल तक 50 नये वितरकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना लागू होने के बाद विभिन्न आयल कंपनियों द्वारा माह अगस्त में 28 हजार 380, माह सितंबर में 83 हजार 775, अक्टूबर माह में एक लाख 14 हजार 461, माह नवंबर में एक लाख 26 हजार 251 और माह दिसंबर में एक लाख 87 हजार 313 रसोई गैस वितरित किए गए।

छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री मोदी की सर्वोच्च प्राथमिकता वाली इस योजना के तहत दो साल में 25 लाख गरीब परिवारों को सिर्फ 200 रूपए के पंजीयन शुल्क पर मुफ्त रसोई गैस कनेक्शन देने का लक्ष्य है। योजना का शुभारंभ 13 अगस्त को राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में केन्द्रीय पेट्रोलियम राज्यमंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने किया था।