नई दिल्ली, जनवरी 4: केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो ने तीस्‍ता सीतलवाड़, उनके पति और उनकी एक कंपनी के खिलाफ विदेशी अनुदान नियमों के कथित उल्‍लंघन के सिलसिले में आरोप पत्र दाखिल किया है। इससे पहले केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड की एनजीओ ‘सबरंग’ का विदेशी चंदा विनियमन कानून लाइसेंस रद्द कर दिया था।सीबीआई के प्रवक्‍ता आरके गौड़ ने कल बताया कि मुम्‍बई की विशेष अदालत में शनिवार को दाखिल किये गए आरोप पत्र में सबरंग कम्‍युनिकेशन एण्‍ड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड और सुषमा रमन के नाम शामिल हैं। प्रवक्‍ता ने बताया कि अदालत ने अपराधों का संज्ञान लेते हुए आरोपियों को तीन फरवरी को पेश होने को कहा है।

प्रवक्ता ने कहा कि आरोपपत्र को भारतीय दंड संहिता (आपराधिक षड्यंत्र) की धारा 120बी के साथ एफसीआरए 2010 और एफसीआरए 1976 के तहत दायर किया गया। सीजेपी वर्ष 2002 गुजरात दंगों में जिंदा बचे लोगों को अनुदान में कथित दुरूपयोग पर गृह मंत्रालय द्वारा जांच के घेरे में आया था।

गौरतलब है की जून में केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड की एनजीओ ‘सबरंग’ का विदेशी चंदा विनियमन कानून (एफसीआरए) लाइसेंस रद्द कर दिया था। जिसके बाद विदेशो से मिलनेवाले चंदें पर पाबंदी लग गयी। जांच एजेंसी ने जुलाई 2015 में सीतलवाड़ और अन्‍य के खिलाफ मामला दर्ज किया था। उन पर गृह मंत्रालय की पूर्व अनुमति के बिना विदेशों से अनुदान लेकर विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम का उल्‍लंघन करने का आरोप है।

सबरंग नामक संस्था को तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद चलाते रहे हैं। गृह मंत्रालय ने पाया था कि सबरंग ने 2010-11 और 2011-12 में 48,42,557 रु 49,10,353 रु चंदे के तौर पर हासिल किए थे जिसमें से 30,97,690 रु और 27,07,864 रु खर्च किए गए यानि 64.23% और 55.14% खर्च हुए।