दिल्ली / लखनऊ, जनवरी 04 : निर्वाचन आयोग द्वारा बुधवार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीख की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि चुनाव में विकास महत्वपूर्ण मुद्दा होगा, जबकि कांग्रेस ने कहा है कि आठ नवंबर को की गई नोटबंदी तथा राज्य स्तरीय मुद्दे चुनाव के मूल मुद्दे होंगे।    

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने आगामी विधानसभा चुनाव में नोटबंदी को मुख्य मुद्दा बताया। उन्होंने कहा, “नोटबंदी से 125 करोड़ भारतीयों को सर्वाधिक पीड़ा हुई है।” वहीं भाजपा प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, “उत्तर प्रदेश तथा उत्तराखंड जैसे राज्यों में सत्तारूढ़ पार्टियों को सत्ता विरोधी लहर का सामना करना पड़ेगा और उनके द्वारा विकास की बात करने की संभावना नहीं है। चुनाव में हमारा मूल मुद्दा विकास होगा, जबकि वे नोटबंदी मुद्दे को हथियार बनाएंगे।”

सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा, “मतदाता भ्रष्टाचार से ऊब चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भाजपा भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए कृत संकल्प हैं। विकास के लिए भाजपा तथा इसके सहयोगी दल एक साथ खड़े हैं।” उन्होंने कहा, “कहीं न कहीं तो मतदाता इसका मूल्यांकन निश्चित तौर पर करेंगे। लेकिन, विधानसभा चुनाव में राज्य का मुद्दा लोगों के दिमाग में सबसे ऊपर होता है। कई तरह के मुद्दे हैं। परिस्थितियां ऐसी हैं कि केवल एक मुद्दे पर चुनाव नहीं लड़ा जाएगा। राज्य विधानसभा चुनाव का फैसला हमेशा राज्य के मुद्दों के आधार पर होता है।”

वहीं उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा की चार परिवर्तन यात्राएं यूपी की सभी 403 विधानसभा सीटों से होकर गुजरी हैं। जनता की तरफ से जिस तरह की प्रतिक्रिया मिली है, उसके आधार पर वह दावे के साथ कह सकते हैं कि यूपी विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी अपने दम पर 300 सीटों का आंकड़ा पार करेगी।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, पंजाब तथा मणिपुर में विधानसभा चुनाव चार फरवरी से आठ मार्च के बीच होंगे। सभी पांच राज्यों के चुनाव परिणाम 11 मार्च को घोषित होंगे।