डबलिन, जनवरी 5: इटली के वैज्ञानिक लियानार्डो द विंसी ने सन 1508 में मनुष्य के पेट में मौजूद जिस अंग की व्याख्या की थी वो आखिरकार पाँच सौ साल बाद वैज्ञानिको ने ढूंढ निकाला है। आयरलैंड के शोधकर्ताओं ने मनुष्‍य के पाचन तंत्र में एक नए अंग की खोज की है। अनुसंधानकर्ताओं ने इसे मेसेंट्री नाम दिया गया है।लासेंट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल लिमरिक के शोधकर्ता जे. केल्‍विन कॉफी ने सबसे पहले इस अंग की खोज की है। आयरलैंड के एक विश्‍वविद्यालय में किए गए अनुसंधान में इस बात की पुष्टि हुई है कि मेसेंट्री एक अलग अंग की तरह शरीर में कार्यरत है। हालांकि वैज्ञानिको ने मेसेंट्री की रूपरेखा कैसी है, इस बात का पता लगा लिया गया है लेकिन शरीर की कार्य प्रक्र‍िया में इसकी भूमिका का पता लगाने के लिए अभी खोज चल रही है।

यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल लेमेरिक के शोधकर्ता केल्पिन ने कहा, हालांकि अभी इस अंग की शरीर में क्या भूमिका ये स्पष्ट नहीं हो पाया है लेकिन इस खोज ने विज्ञान के लिए एक नए युग की शुरुआत की है। उन्होंने कहा, जब हम इसे एक अलग अंग की तरह देखेंगे तो हम पेट संबंधी बीमारियों को इस अंग से जोड़कर देख पाएंगे।Embeded Objectकेल्पिन ने कहा, अभी हमने एनाटॉमी और सरंचना के बारे में जाना है। अगला कदम इसकी कार्यप्रणाली के बारे में जानना है। अगर आप इसकी कार्यप्रणाली जान जाएंगे तो आप असामान्य कार्यप्रणाली को भी पहचान सकते हैं और फिर बीमारियों को भी। इन सब चीजों को एक साथ रखने पर हमारे पास मेसेंट्री विज्ञान का क्षेत्र होगा।

बता दें की अबतक मेसेंट्री को आंत और पेट को जोड़ने वाला ढांचा समझा जाता था। लेकिन इस खोज से इस बात की पुष्टि हो गई है कि यह एक अलग अंग ही है। वैज्ञानिकों को आशा है कि इस अंग का पता लगने के बाद पाचन तंत्र से जुडी बीमारियों का इलाज ज्‍यादा आसान हो जाएगा और दूसरी चीजों को समझने में आसानी भी होगी।

मनुष्य के शरीर में दिल, दिमाग, लीवर, फेफड़े और किडनी प्रमुख 5 अंग सहित शरीर में कुल 78 अन्य अंग है जो की शरीर की नियमित प्रकियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है और हमारे शरीर को स्वस्थ रखते है। हालांकि मेसेंट्री की खोज के बाद यह संख्या बढ़कर 79 हो गई है।

 

The Mesentery by NewsBharati on Scribd