पटना, जनवरी 5: दसवें गुरु गोबिंद सिंह जी की 350वीं जयंती ‘प्रकाश पर्व’ के अवसर पर उनके जन्‍म स्‍थान तख्त हरमंदर साहेब में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री मोदी ने भी शिरकत की। इस अवसर पर उन्होने सभी से गुरू गोविंद सिंह महाराज के पद-चिन्‍हों पर चलकर अपने जीवन में उच्‍च नैतिक मूल्‍यों, मानकों और सामाजिक सौहार्द लाने का आह्वान किया। पंजाबी भाषा में चार पंक्तियाँ बोलते हुए प्रधानमंत्री ने गुरू गोविन्द सिंह जी का आशीर्वाद लेने आये देश-विदेश के श्रुद्धालुओं को नए साल की शुभकामनाएं भी दीं।पटना में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरू गोविंद जी का पूरा जीवन, लोगों की सेवा, ईमानदारी, न्‍याय तथा त्‍याग के लिए समर्पित था। उन्होने कहा गुरू गोविन्द सिंह जी ने देश के लिए सिर कटाने हेतु जब अपने पंच प्यारों का आह्वान किया था तो उस समय गुजरात के दर्जी समाज का एक बेटा आगे आया था। गुरू गोविंद सिंह जी के ऊँचे मानदंडों की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि उस समय देश के कोने-कोने से लोग आगे आये थे। सभी अपना-अपना सिर कटाने के लिए उनके साथ अपनी हामी भरी थी। इस घटना के बाद ही उनका गुरू गोविन्द सिंह जी और पंजाबियों के साथ खून का रिश्ता बन गया है, जो अब भी है।Embeded Objectउन्होने कहा, गुरू गोविंद सिंह के त्याग और बलिदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार अपने दूतावासों के माध्यम से सभी देशों में प्रकाश पर्व मना रही है जिसके लिए दूतावासों को विशेष संदेश दिए गए हैं। अन्य देशों में भी मनाये जा रहे इस पर्व से पूरे विश्व को यह एहसास हो गया है कि बिहार की धरती पर 350 साल पूर्व एक दिव्यात्मा का जन्म हुआ था जिसने मानवता को प्रेरणा दी।Embeded Objectप्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत सरकार सारी दुनिया को गुरू गोविन्द सिंह जी के बारे में अवगत कराने के लिए प्रयासरत है। अलग-अलग देशों में कार्यरत दूतावासों को प्रकाश पर्व मनाने के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने प्रकाशपर्व के आयोजन पर 100 करोड़ रूपये दिए हैं। इसके अलावा रेल मंत्रालय ने स्थाई सुविधाओं के लिए 40 करोड़ रूपये और भारत सरकार के सांस्कृतिक विभाग ने भी 40 करोड़ रुपये इन आयोजनों के लिए दिया है।Embeded Objectप्रधानमंत्री ने कहा कि भविष्य में भी इस पर्व का आयोजन करने के लिए केंद्र सरकार योजना बना रही है। सिख श्रद्धालुओं के बीच पीएम मोदी ने अपना संबोधन पंजाबी भाषा में प्रारम्भ किया और समापन पर भी "जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल' से किया।Embeded Objectप्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने प्रकाश पर्व के अवसर पर उनकी स्‍मृति में विशेष डाक टिकट भी जारी किया। इस अवसर पर बिहार के राज्‍यपाल रामनाथ कोविंद, मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार, पंजाब के मुख्‍यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, केन्‍द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, रामविलास पासवान और हरसिमरत कौर भी उपस्‍थित थे।Embeded Object